उद्धव ठाकरे पर 'सेक्युलर' कमेंट से भड़की शिवसेना, राज्यपाल को हटाने के लिए राष्ट्रपति से अपील की तैयारी

राज्यपाल ने अपनी चिट्ठी में मुख्यमंत्री के हिंदुत्व पर सवाल उठाते हुए पूछा है कि 'क्या आप अचानक से सेक्युलर हो गए?'
राज्यपाल ने अपनी चिट्ठी में मुख्यमंत्री के हिंदुत्व पर सवाल उठाते हुए पूछा है कि 'क्या आप अचानक से सेक्युलर हो गए?'

राज्यपाल बीएस कोश्यारी (BS Koshyari) ने अपनी चिट्ठी में मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे (Uddhav Thackeray) के हिंदुत्व पर सवाल उठाए थे. राज्यपाल की ऐसी भाषा पर शिवसेना और कांग्रेस ने कड़ी आपत्ति दर्ज कराई है.

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  • Last Updated: October 14, 2020, 10:47 AM IST
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मुंबई. कोरोना वायरस महामारी के बीच महाराष्ट्र (Maharashtra Government) में एक अलग राजनीति गरमा गई है. राज्य में धार्मिक स्थलों को खोलने को लेकर राज्यपाल बीएस कोश्यारी (BS Koshyari) ने मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे (Uddhav Thackeray) को जो चिट्ठी लिखी, उसके बाद नया विवाद शुरू हो गया है. दरअसल, भारतीय जनता पार्टी (BJP) मंदिर खोलने के लिए सांकेतिक भूख हड़ताल कर रही है. इस पर राज्यपाल ने अपनी चिट्ठी में मुख्यमंत्री के हिंदुत्व पर सवाल उठाते हुए पूछा है कि 'क्या आप अचानक से सेक्युलर हो गए?' राज्यपाल की ऐसी भाषा पर शिवसेना और कांग्रेस ने कड़ी आपत्ति दर्ज कराई है. वहीं, शिवसेना राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद (President Ram Nath Kovind) को इस मामले में चिट्ठी लिखकर उनसे राज्यपाल कोश्यारी को हटाने की गुजारिश कर सकती है.

सूत्रों ने CNN-News18 को बताया कि शिवसेना अपने सहयोगियों कांग्रेस और एनसीपी के साथ चर्चा के बाद राष्ट्रपति को चिट्ठी लिखने को लेकर कोई फैसला लेगी. वहीं, महाराष्ट्र में चल रहे सियासी घमासान के बीच एनसीपी प्रमुख शरद पवार ने पीएम नरेंद्र मोदी को इस बारे में चिट्ठी लिखी है. इसमें शरद पवार ने कहा कि वह राज्यपाल द्वारा इस्तेमाल की गई भाषा पर हैरान और आश्चर्यचकित हैं.

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राज्यपाल ने उद्धव ठाकरे को चिट्ठी में क्या लिखा था?
सोमवार को राज्यपाल कोश्यारी ने उद्धव ठाकरे को एक चिट्ठी लिखकर कोविड गाइडलाइंस के साथ धार्मिक स्थलों को दोबारा खोलने के लिए 'तुरंत घोषणा करने का आग्रह' किया था. राज्यपाल ने चिट्ठी में लिखा था, 'आप हिंदुत्व के बड़े तरफ़दार रहे हैं. आपने अयोध्या जाकर भगवान राम के लिए अपना समर्पण सार्वजनिक रूप से जाहिर किया था. आपने पंढरपुर में विट्ठल रुक्मिणी मंदिर के दर्शन किए थे और आषाढ़ी एकादशी पर पूजा की थी. मैं समझना चाह रहा हूं कि क्या आपको धार्मिक स्थलों को दोबारा खोलने की प्रकिया को बार-बार टालने के लिए कोई दिव्य संदेश मिल रहा है या फिर आप खुद सेकुलर बन चुके हैं, जो कभी आपको खुद कभी पसंद नहीं था?'



उद्धव ठाकरे ने दिया ये जवाब
राज्यपाल की इस चिट्ठी पर मुख्यमंत्री कार्यालय की ओर से एक जवाब भेजा गया. इसमें उद्धव ठाकरे ने कहा है कि 'पत्र में मेरे हिंदुत्व का उल्लेख करना गलत है. हिंदुत्व के लिए मुझे आपके सर्टिफिकेट की जरूरत नहीं है.' मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे ने ये भी लिखा कि 'मेरे राज्य की राजधानी को पाक अधिकृत कश्मीर कहने वालों को हंसते हुए घर में स्वागत करना मेरे हिंदुत्व में नही बैठता है.' बता दें कि बॉलीवुड एक्ट्रेस कंगना रनौत ने मुंबई की तुलना पाक अधिकृत कश्मीर से की थी. बावजूद इसके राज्यपाल ने कंगना को मिलने का समय दिया था.

राउत ने कहा- गिरगिट की तरह रंग बदलना हिन्दुत्व नहीं होता
इस मसले पर शिवसेना के सांसद संजय राउत (Sanjay Raut) ने कहा कि शिवसेना न हिंदुत्व भूली है और न ही भूलेगी. गिरगिट की तरह रंग बदलना हिन्दुत्व नहीं होता है. राउत ने कहा, 'शिवसेना का हिंदुत्व प्राण है, आत्मा है और ये हमेशा साथ रहेगा. जिन लोगों ने शिवसेना पर सवाल उठाए हैं उनको आत्मनिर्भर होकर आत्मचिंतन करना चाहिए. जो उद्धव ठाकरे के नेतृत्व में तीन पार्टी की गठबंधन सरकार चल रही है, वह बहुत मजबूत है और नियमों का पूरी तरह पालन करके सरकार चल रही है.'

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बता दें कि भगत सिंह कोश्यारी आरएसएस के एक दिग्गज नेता हैं. इससे पहले वह बीजेपी के उपाध्यक्ष और उत्तराखंड में पार्टी यूनिट के पहले अध्यक्ष रहे हैं.
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