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रामदास आठवले बोले- औरंगाबाद का नाम बदला तो गिर सकती है महाराष्ट्र सरकार

केंद्रीय मंत्री रामदास आठवले (फाइल फोटो)
केंद्रीय मंत्री रामदास आठवले (फाइल फोटो)

Maharashtra: महाराष्ट्र में ठाकरे सरकार 'औरंगाबाद' शहर का नाम बदलकर संभाजीनगर करने जा रही है. शिवसेना ने अपने मुखपत्र 'सामना' में एक आर्टिकल लिखा है जिसमें उसने कहा है कि पार्टी जल्दी ही औरंगाबाद का नाम बदलकर संभाजीनगर करने जा रही है.

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थपालघर. केंद्रीय मंत्री और आरपीआई (ए) नेता रामदास आठवले (Ramdas Athawale) ने रविवार को कहा कि औरंगाबाद (Aurangabad) का नाम बदलने पर महाराष्ट्र सरकार (Maharashtra Govt) गिर सकती है. इसके साथ ही उन्होंने सत्तारूढ़ गठबंधन से कहा कि वह इस मुद्दे पर किसी विवाद में नहीं उलझे. आठवले ने एक संवाददाता सम्मेलन को संबोधित करते हुए विश्वास व्यक्त किया कि जल्द ही राज्य में भाजपा-आरपीआई की सरकार सत्ता में होगी और यह गठबंधन 2022 में होने वाला बृहन्मुंबई महानगर पालिका (बीएमसी) चुनाव भी जीतेगा.

केंद्रीय सामाजिक न्याय राज्य मंत्री ने ‘भविष्यवाणी’ की कि मुंबई के महापौर भाजपा से होंगे और उप महापौर उनकी पार्टी आरपीआई (ए) से होंगे. आठवले ने केंद्र के नए कृषि कानूनों का भी समर्थन किया और कहा कि वे किसानों के लिए फायदेमंद होंगे तथा प्रदर्शनकारी उन्हें निरस्त कराने में सफल नहीं होंगे.

कांग्रेस ने दोहराया था नाम बदलने का रुख
बता दें कांग्रेस ने शनिवार को औरंगाबाद का नाम बदलने को लेकर अपना रुख एक बार फिर दोहाराया तो वहीं उसके सहयोगी दल शिवसेना ने कहा कि नाम जल्द ही बदला जाएगा, लेकिन इससे महाराष्ट्र की गठबंधन सरकार पर असर नहीं पड़ेगा. इससे पहले, महाराष्ट्र सरकार के मंत्री एवं प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष बालासाहेब थोराट ने दो दिन पहले कहा था कि वह मध्य महाराष्ट्र के औरंगाबाद शहर का नाम बदलकर संभाजीनगर रखने का पुरजोर विरोध करेंगे.
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थोराट ने शनिवार को संवाददाताओं से कहा कि कांग्रेस छत्रपति शिवाजी महाराज और छत्रपति संभाजी महाराज के प्रति श्रद्धा रखती है और इसमें कोई संदेह नहीं होना चाहिए, लेकिन शहर का नया नाम रखे जाने के मुद्दे का उपयोग नफरत फैलाने और समाज में विभाजन के लिए नहीं किया जाना चाहिए.

थोराट ने कही थी ये बात
हाल ही में औरंगाबाद के दौरे के दौरान थोराट ने कहा था कि शहर का नाम बदले जाने के किसी भी कदम का कांग्रेस विरोध करेगी. शिवसेना ने शनिवार को अपने मुखपत्र 'सामना' में कहा कि कांग्रेस ने औरंगाबाद का नाम बदलने के प्रस्ताव का विरोध किया, 'जिससे (विपक्षी) भाजपा खुश हो गई.'

संपादकीय में कहा गया है , 'कांग्रेस का प्रस्ताव का विरोध करना कोई नई बात नहीं है, लिहाजा इसे महा विकास अघाड़ी सरकार (एमवीए) से जोड़ना मूर्खता है.'

संपादकीय में लिखा है, 'थोराट ने घोषणा की है कि अगर औरंगाबाद का नाम बदलने का कोई भी प्रस्ताव एमवीए सरकार के सामने आता है तो उनकी पार्टी इसका विरोध करेगी. यह उनका दावा है. उनके इस बयान के बाद भाजपा नेताओं ने शिवसेना से इस मुद्दे पर अपना रुख स्पष्ट करने की मांग करना शुरू कर दिया है. लेकिन शिवसेना ने अपना रुख नहीं बदला है.'

इस बीच, कांग्रेस के एक अन्य वरिष्ठ नेता एवं राज्य में मंत्री अशोक चव्हाण ने कहा कि शहर का नाम बदलना महाराष्ट्र की गठबंधन सरकार की प्राथमिकता नहीं थी. चव्हाण ने कहा, ' यह तीन दलों की गठबंधन सरकार है और प्रत्येक दल का अपना अलग नजरिया है इसलिए हम सभी एक न्यूनतम साझा कार्यक्रम के आधार पर साथ आए थे. नाम बदलना प्राथमिकता नहीं है.'

इससे पहले दिन में शिवसेना नेता संजय राउत ने भरोसा जताया कि गठबंधन सहयोगियों के साथ वार्ता के माध्यम से इस मुद्दे का हल निकाल लिया जाएगा.
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