IIT Bombay की अनूठी पहल : स्टूडेंट्स की सुरक्षा के लिए उठाया बड़ा कदम, अन्य शिक्षण संस्थान भी कर सकते हैं लागू
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IIT Bombay की अनूठी पहल : स्टूडेंट्स की सुरक्षा के लिए उठाया बड़ा कदम, अन्य शिक्षण संस्थान भी कर सकते हैं लागू
IIT Bombay ने क्लासेज के लिए इस बार नई व्यवस्था दी है.

IIT Bombay ने ये खास कदम छात्रों की सुरक्षा के मद्देनज़र उठाया है. इस कदम के बाद कई दूसरे संस्थान इस व्यवस्था को अपने यहां लागू कर सकते हैं.

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नई दिल्ली. पूरे देश में कोरोना वायरस महामारी (Coronavirus Pandemic) स्कूल और कॉलेज बंद हैं. जहां एक तरफ स्कूलों को फिर से खोलने, बोर्ड परीक्षाओं को दोबारा करवाने और रिजल्ट जारी करने की कवायद चल रही है, वहीं कॉलेजों में भी फाइनल ईयर के एग्जाम (Final Year Exams in Colleges) करवा के नए सत्र में एडमिशन लेने की कोशिशें की जा रही हैं.

डीयू ने की थी ऑनलाइन परीक्षा की घोषणा
इसी वजह से दिल्ली यूनिवर्सिटी ने ओपन बुक एग्जाम (DU Open Book Exam) की घोषणा की थी तो जेएनयू ने भी ऑनलाइन परीक्षा लेने का संकेत दिया था. जामिया मिलिया इस्लामिया यूनिवर्सिटी (Jamia Millia Islamia University) और अलीगढ़ मुस्लिम यूनिवर्सिटी भी इस पर विचार कर रही थी.

यूजीसी ने जारी की थी गाइडलाइन
दरअसल, यूजीसी ने जुलाई में परीक्षाएं करवा के अगस्त से नई सत्र की शुरुआत करने को कहा था. हालांकि, कुछ यूनिवर्सिटीज़ ने इसमें असमर्थता जाहिर की है. उनका कहना है कि कोरोना वायरस के बढ़ते हुए मामलों के बीच ऐसा करवा पाना संभव नहीं होगा.



IIT- Bombay ने लिया बड़ा फैसला
इसी बीच आईआईटी- बॉम्बे ने नई घोषणा की है. IIT बॉम्बे ने कहा है कि इस साल नए शैक्षणिक वर्ष में छात्रों को कैंपस में नहीं आना होगा. संस्थान ने फैसला किया है कि कोरोना वायरस के कारण इस पूरे साल रियल-टाइम लेक्चर्स नहीं लिए जाएंगे. इसी के साथ मुंबई आईआईटी ऐसा पहला बड़ा संस्थान हो गया है जो कि सारे फेस-टू-फेस लेक्चर्स को खत्म करेगा. डायरेक्टर शुभाशीष चौदरी ने इस बात की जानकारी दी.

छात्रों की सुरक्षा के मद्देनज़र लिया गया फैसला
न्यूज 18  के मुताबिक इंडियन एक्सप्रेस की रिपोर्ट के अनुसार चौधरी ने कहा कि आईआईटी बॉम्बे पूरी तरह से ऑनलाइन मोड में कक्षाएं आयोजित करेगी. ताकि छात्रों की सुरक्षा को सुनिश्चित किया जा सके. उन्होंने कहा कि कक्षाओं के बारे में पूरी जानकारी छात्रों को दे दी जाएगी.

डायरेक्टर ने की डोनेशन की अपील
चौधरी ने डोनेशन के लिए भी अपील की है ताकि डिजिटल डिवाइड के कारण किसी भी छात्र की पढ़ाई में दिक्कत न आए. उन्होंने कहा कि काफी छात्र सामाजिक आर्थिक रूप से पिछड़े परिवार से आते हैं इसलिए जो पैसे आएंगे उससे उनके लिए लैपटॉप, इंटरनेट इत्यादि की व्यवस्था की जाएगी. उन्होंने ये भी बताया कि इसके लिए करीब 5 करोड़ रुपयों की जरूरत पड़ेगी. साथ ही यह भी कहा कि पिछले सालों के कई छात्र मदद करने के लिए आगे आए हैं.

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बता दें कि इस कदम के बाद कई दूसरे संस्थान ऑनलाइन एजुकेशन की व्यवस्था के लिए आगे आ सकते हैं.
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