चार पुलिसकर्मियों की बहाली के बाद ख्वाजा यूनुस की मां ने दायर की कंटेम्प्ट ऑफ कोर्ट की याचिका
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चार पुलिसकर्मियों की बहाली के बाद ख्वाजा यूनुस की मां ने दायर  की कंटेम्प्ट ऑफ कोर्ट की याचिका
ख्वाजा युनुस की फाइल फोटो

घाटकोपर विस्फोट (Ghatkopar Blast) मामले के संदिग्ध ख्वाजा यूनुस (khwaja yunus) की कथित तौर पर हिरासत में मौत के मामले आरोपी चार पुलिस कर्मियों की नौकरी बहाल करने के मामले में मुम्बई के पुलिस आयुक्त परम बीर सिंह (Param Bir Singh) के खिलाफ बंबई हाईकोर्ट में अवमानना याचिका दायर की गई है.

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मुम्बई. मुम्बई (Mumbai) के घाटकोपर विस्फोट (Ghatkopar Blast) मामले के संदिग्ध ख्वाजा यूनुस की कथित तौर पर हिरासत में मौत के मामले आरोपी चार पुलिस कर्मियों की नौकरी बहाल करने के मामले में मुम्बई के पुलिस आयुक्त परम बीर सिंह के खिलाफ बंबई हाईकोर्ट में अवमानना याचिका दायर की गई है. ख्वाजा यूनुस (khwaja yunus) की मां आसिया बेगम ने सोमवार को याचिका दायर करते हुए कहा कि पुलिस कर्मियों की बहाली जानबूझ कर की गई अवज्ञा और अदालत के अप्रैल 2014 के निर्देशों तथा आदेशों की अवहेलना है.

आसिया बेगम का पक्ष अदालत (Bombay Highcourt)में वरिष्ठ वकील मिहिर देसाई ने रखा. याचिका ने कहा गया कि 2004 में दिए आदेश में हाईकोर्ट ने राज्य सरकार को चार पुलिस कर्मियों को तत्काल निलंबित करने और उनके खिलाफ अनुशासनात्मक जांच शुरू करने का आदेश दिया था, क्योंकि प्रथम दृष्टया उनके अपराध में शामिल होने के संकेत मिले थे.

2008 में अपना इस्तीफा सौंप शिवसेना में शामिल हो गए थे वजे
सहायक पुलिस निरीक्षक सचिन वज़े और कांस्टेबल राजेंद्र तिवारी, सुनील देसाई और राजाराम निकम के खिलाफ अभी कई आरोपों के तहत मामला चल रहा है, जिनमें 2003 में ख्वाजा यूनुस की कथित हिरासत में हत्या के मामले में हत्या और सबूत नष्ट करना शामिल है. पुलिस प्रमुख की अध्यक्षता में इस माह की शुरुआत में समीक्षा समिति ने उन्हें पुलिस बल में बहाल करने का आदेश दिया, जबकि प्रारंभिक विभागीय जांच और न्यायिक परीक्षण लंबित हैं.
आसिया बेगम ने याचिका में कहा कि अभी तक इन चार पुलिस कर्मियों के खिलाफ ना कोई विभागीय जांच शुरू की गई और ना ही कोई रिपोर्ट सौंपी गई. याचिका के अनुसार चारों पुलिस कर्मी 2003-2004 से निलंबित हैं और वजे तो 2008 में अपना इस्तीफा सौंप शिवसेना में शामिल हो गया था.



 प्रमुख सचिव अमिताभ गुप्ता के खिलाफ भी अवमानना की याचिका
याचिका में कहा गया कि 2019 में शिवसेना के महाराष्ट्र में सत्ता में आने के बाद जून 2020 में समीक्षा समिति ने निलंबन के आदेश की समीक्षा की और उनकी बहाली का सुझाव दिया. याचिका में मुम्बई पुलिस प्रमुख के अलावा राज्य गृह विभाग के प्रमुख सचिव अमिताभ गुप्ता के खिलाफ भी अवमानना कार्रवाई शुरू करने की मांग की गई है. याचिका में अदालत से राज्य सरकार और पुलिस को पांच जून 2020 के उनकी बहाली के आदेश को वापस लेने और चारों को निलंबित रखने की भी मांग की गई है.

27 वर्षीय यूनुस को 25 दिसंबर, 2002 को उपनगरीय घाटकोपर में दो दिसंबर को हुए एक विस्फोट के सिलसिले में आतंकवाद निरोधक अधिनियम (पोटा) (जो अब निरस्त हो चुका है) के तहत तीन अन्य लोगों के साथ गिरफ्तार किया गया था.
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