महाराष्ट्र में एक दिन में ठीक हुए 10,333 लोग, संक्रमितों का आंकड़ा हुआ 3.91 लाख

महाराष्ट्र में अब तक 2 लाख 32 हजार 277 लोग कोरोना संक्रमण से उबर चुके हैं.

मुंबई (Mumbai) में कुल मामलों की संख्या 1 लाख 10 हजार 882 हो गई है. मुंबई में एक्टिव मामलों की संख्या 19990 है जबकि यहां अब तक 6187 लोग कोरोना के चलते दम तोड़ चुके हैं. राज्य की ओर से जारी नियमित बुलेटिन में बताया गया है कि राज्य में रिकवरी रेट 59.34 प्रतिशत है.

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    मुंबई. महाराष्ट्र (Maharashtra) में बीते 24 घंटे में कोरोना वायरस (Coronavirus) के 7717 मामले सामने आए हैं. इसी अवधि में यहां 282 लोगों की मौत हुई है. महाराष्ट्र में संक्रमितों का आंकड़ा बढ़कर 3 लाख 91 हजार 440 हो गया है. महाराष्ट्र में अब तक 2 लाख 32 हजार 277 लोग कोरोना संक्रमण से उबर चुके हैं जिसमें से 10,333 लोग बीते एक दिन में डिस्चार्ज किए गए हैं. राज्य में अब तक 14,165 लोगों की मौत हो गई है.

    मुंबई (Mumbai) में कुल मामलों की संख्या 1 लाख 10 हजार 882 हो गई है. मुंबई में एक्टिव मामलों की संख्या 19990 है जबकि यहां अब तक 6187 लोग कोरोना के चलते दम तोड़ चुके हैं. राज्य की ओर से जारी नियमित बुलेटिन में बताया गया है कि राज्य में रिकवरी रेट 59.34 प्रतिशत है. जबकि यहां मृत्यु दर 3.62 प्रतिशत है. महाराष्ट्र में अब तक की गई 19,68,559 नमूनों की जांच में से 3,91,440 सैंपल पॉजिटिव पाए गए हैं.

    मुंबई के झुग्गी इलाके धारावी (Dharavi) में मंगलवार को कोविड-19 के तीन नये मामले सामने आये जिससे वहां कुल मामले बढ़कर 2,543 हो गए. यह जानकारी बृहन्मुंबई महानगरपालिका (बीएमसी) ने दी. एक अधिकारी ने बताया कि अभी तक कुल 2,204 मरीज ठीक हुए हैं जिससे इस क्षेत्र में उपचाराधीन मरीजों की संख्या मात्र 88 है. एक बार कोविड-19 हॉटस्पॉट (संक्रमण से सबसे अधिक प्रभावित) रहा धारावी कुछ समय से इससे सफलतापूर्वक उबर गया है.

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    गत सात जुलाई को यहां कोविड-19 का मात्र एक मामला सामने आया था जो कि सबसे कम है. चार जुलाई और 26 जुलाई को दो बार धारावी में एक दिन में दो-दो मामले सामने आये थे. आठ जुलाई को तीन नये मामले सामने आये थे.

    पुणे में पहली बार गर्भनाल से संक्रमण का केस
    वहीं महाराष्ट्र के पुणे (Pune) स्थित ससून अस्पताल में गर्भनाल के माध्यम से मां से बच्चे में कोरोना वायरस संक्रमण पहुंचने का देश में पहला मामला सामने आया है. डॉक्टरों ने इसे ‘ऊर्ध्वाधर हस्तांतरण’ (वर्टिकल ट्रांसमिशन) करार दिया है. संक्रमित मां के गर्भाशय में बच्चा होने पर ऊर्ध्वाधर हस्तांतरण होता है और गर्भनाल के जरिए वायरस बच्चे तक पहुंच जाता है.

    ससून अस्पताल की बाल रोग विभागाध्यक्ष डॉ आरती कीनीकर ने मंगलवार को पीटीआई-भाषा से कहा कि जब कोई व्यक्ति संक्रमण का शिकार होता है तो वह मुख्य रूप से किसी ऐसी वस्तु के संपर्क में आता है जिससे संक्रमण हो सकता है. उन्होंने कहा कि यदि मां संक्रमित है तो प्रसव के बाद स्तनपान कराने या अन्य किसी कारण से संपर्क में आने पर बच्चा संक्रमित हो सकता है. कीनीकर ने कहा कि साधारण तरीके से समझें तो बच्चे को जन्म के समय संक्रमण नहीं होता, बल्कि तीन-चार दिन बाद हो सकता है. (भाषा के इनपुट सहित)

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