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शिवसेना में वापसी के बाद पहली जीत के लिए भास्कर जाधव कितने तैयार?

News18Hindi
Updated: October 19, 2019, 3:39 PM IST
शिवसेना में वापसी के बाद पहली जीत के लिए भास्कर जाधव कितने तैयार?
साल 2009 में गुहागर से जाधव ने कद्दावर नेता रामदास कदम और 4 बार के विधायक रहे डॉ विनय नाटू को हराया

भास्कर जाधव गुहागर सीट से एनसीपी के विधायक हैं और महाराष्ट्र एनसीपी के अध्यक्ष भी रह चुके हैं

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  • Last Updated: October 19, 2019, 3:39 PM IST
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महाराष्ट्र में कोंकण क्षेत्र के कद्दावर नेता माने जाते हैं 62 वर्षीय भास्कर जाधव. शिवसेना ने उन्हें रत्नागिरी के गुहागर से चुनाव मैदान में उतारा है. एनसीपी में 15 साल गुज़ारने के बाद जाधव की घर वापसी हुई है. भास्कर जाधव ने शिवसेना से ही अपने राजनीतिक सफर की शुरुआत की थी.

भास्कर जाधव गुहागर सीट से एनसीपी के विधायक हैं. वो महाराष्ट्र एनसीपी के अध्यक्ष भी  रह चुके हैं. उन्होंने एनसीपी-कांग्रेस की महाराष्ट्र की सरकारों में राज्य मंत्री के रूप में काम किया है. जाधव का जाना एनसीपी के लिए बड़े झटके से कम नहीं. विधानसभा चुनाव से पहले चली भगदड़ में बड़े बड़े नामों ने एनसीपी छोड़ने में देरी नहीं की है.

सबसे पहले शिवसेना से बने विधायक

भास्कर जाधव सबसे पहले रत्नागिरी ज़िला परिषद के सदस्य बने. उसके बाद साल 1995 में वो चिपलूं क्षेत्र से शिवसेना की तरफ से विधायक बने. साल 1999 में वो फिर से विधायक निर्वाचित हुए. लेकिन शिवसेना छोड़ने के बाद साल 2004 में उन्होंने निर्दलीय चुनाव लड़ा और एनसीपी के रमेश कदम से चनाव हार गए. इसी चुनाव में पहली बार शिवसेना के किसी उम्मीदवार की ज़मानत भी ज़ब्त हुई. शिवसेना के उम्मीदवार प्रभाकर शिंदे की ज़मानत जब्त हुई थी.

इस हार के बाद भास्कर जाधव एनसीपी में शामिल हो गए. कुछ समय बाद वो साल 2006 में महाराष्ट्र विधान परिषद के कोंकण क्षेत्र से सदस्य बने. साल 2009 में वो गुहागर से एनसीपी के टिकट पर विधानसभा चुनाव लड़े और उन्होंने बीजेपी के कद्दावर नेता रामदास कदम और 4 बार के मौजूदा विधायक रहे डॉ विनय नाटू को हराया. इस जीत ने भास्कर जाधव का सियासी कद बहुत बढ़ा दिया. इसके बाद उन्हें राज्यमंत्री बनने का मौका मिला.

साल 2009 में वो पहली बार महाराष्ट्र में कांग्रेस-एनसीपी सरकार में  मंत्री बने और उन्हें शहरी विकास, वन, पोर्ट, खेल, संसदीय मामले, युवा विकास जैसे मंत्रालय मिले. रत्नागिरी जिले के वो गार्डियन मिनिस्टर भी बने. लेकिन भास्कर जाधव को राजनीति में वो दौर भी देखना पड़ा जब उनकी अनदेखी हुई. राज्य मंत्री रहने के बावजूद उन्हें मंत्रालय में जगह नहीं मिली. साल 2013 में भास्कर जाधव महाराष्ट्र एनसीपी के अध्यक्ष बने.

साल 2014 के विधानसभा चुनाव में भास्कर जाधव बीजेपी के डॉ विनय नाटू को दूसरी बार हराकर  विधायक बने. अब भास्कर जाधव की शिवसेना में वापसी के बाद ये कोशिश होगी कि वो जीत हासिल कर शिवसेना का राजनीतिक कर्ज़ चुकाएं.
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First published: October 19, 2019, 3:38 PM IST
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