महाराष्ट्र बंद: पुणे में हिंसक हुए प्रदर्शनकारी, कलेक्टरेट में तोड़फोड़, पुलिस ने किया लाठीचार्ज

कलेक्टर ने कहा, ‘‘मेरी सूचना के मुताबिक प्रशासनिक भवन के मुख्य द्वार और सुरक्षा केबिन के शीशे क्षतिग्रस्त कर दिए गए.’’

भाषा
Updated: August 9, 2018, 7:59 PM IST
महाराष्ट्र बंद: पुणे में हिंसक हुए प्रदर्शनकारी, कलेक्टरेट में तोड़फोड़, पुलिस ने किया लाठीचार्ज
महाराष्ट्र बंद: प्रदर्शनकारियों ने पुणे कलेक्ट्रेट में की तोड़फोड़
भाषा
Updated: August 9, 2018, 7:59 PM IST
आरक्षण की मांग को लेकर मराठा समूहों द्वारा बुलाए गए ‘महाराष्ट्र बंद’ के दौरान प्रदर्शनकारियों ने पुणे जिला कलेक्ट्रेट में तोड़फोड़ की. किसी भी अप्रिय घटना से बचने केमलिए अधिकारियों ने एहतियातन सभी कदम उठाए और अफवाह रोकने के लिए जिले की सात तहसीलों में इंटरनेट सेवाएं स्थगित कर दीं.

हड़ताल शुरू होते ही चार हजार से पांच हजार आंदोलनकारी गुरुवार सुबह कलेक्ट्रेट के बाहर इकट्ठा हो गए. कलेक्टर नवल किशोर राम ने कहा कि आंदोलन शांतिपूर्ण तरीके से शुरू हुआ. उन्होंने कहा, ‘‘कुछ समय के बाद ‘मोर्चा’ के कुछ प्रतिनिधि मेरे कार्यालय आए और ज्ञापन सौंपा. वे प्रशासन से खुश थे और सकारात्मक दिख रहे थे.’’

बहरहाल समूह जैसे ही भवन के बाहर गया, कुछ सदस्य हिंसक हो गए. कलेक्टर ने कहा, ‘‘मेरी सूचना के मुताबिक प्रशासनिक भवन के मुख्य द्वार और सुरक्षा केबिन के शीशे क्षतिग्रस्त कर दिए गए.’’ सूत्रों के मुताबिक प्रदर्शनकारियों ने परिसर में बिजली के कुछ बल्ब भी तोड़ डाले. कुछ प्रदर्शनकारी कलेक्टर कार्यालय में दीवार फांद गए और अपनी मांगों के समर्थन में नारेबाजी की.

सूत्रों ने कहा कि प्रदर्शनकारी चाहते थे कि कलेक्टर अपने कार्यालय के बाहर आएं और ज्ञापन स्वीकार करें और चूंकि उन्होंने ऐसा नहीं किया इसलिए वे हिंसा पर उतारू हो गए. राम ने कहा कि पिछले दो दिनों से वह मराठा क्रांति मोर्चा के संयोजकों के साथ समन्वय कर रहे थे और उनके साथ बैठक भी की. उन्होंने कहा कि ‘‘हर कोई सकारात्मक दिख रहा था.’’

घटना के बाद कलेक्ट्रेट के आसपास भारी पुलिस सुरक्षा तैनात कर दी गई.

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प्रदर्शनकारियों ने यातायात बाधित कर टायर जलाए

पुलिस के एक अधिकारी ने बताया कि मराठा समुदाय के नेताओं ने शांतिपूर्ण बंद करने की अपील की थी, लेकिन प्रदर्शनकारियों ने कुछ स्थानों पर सड़क यातायात बाधित कर दिया और टायर जलाए. पुलिस के एक अधिकारी ने बताया कि औरंगाबाद जिले के क्रांति चौक पर किसी ने शिवसेना प्रमुख उद्धव ठाकरे के खिलाफ नारेबाजी की जिसके बाद प्रदर्शनकारियों के दो समूहों में संघर्ष हो गया. अधिकारी के मुताबिक शिवसेना के जिला प्रमुख अंबादास दानवे के नेतृत्व में एक समूह ने नारेबाजी पर आपत्ति जताई जिसके बाद दोनों पक्षों के सदस्यों ने एक-दूसरे से मारपीट की.

पुलिस अधिकारी ने बताया, ‘‘घटना में एक व्यक्ति जख्मी हो गया लेकिन हमने स्थिति पर नियंत्रण कर लिया. दोनों समूहों को अलग कर उनके सदस्यों को तितर-बितर किया गया.’’

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शरद पवार के आवास के बाहर प्रदर्शनकारियों ने दिया धरना

प्रदर्शनकारी एनसीपी प्रमुख शरद पवार के पुणे के बारामती तहसील स्थित आवास के बाहर धरने पर भी बैठे. यहां पवार के भतीजे अजित पवार भी मराठा समुदाय की मांग को लेकर धरने में शामिल हुए. प्रदर्शनकारियों ने लातूर, जालना, सोलापुर और बुलढाना जिले में बस एवं अन्य वाहनों को नहीं चलने दिया. उन्होंने माधा-शेतफल मार्ग को जाम कर दिया जो राष्ट्रीय राजमार्ग संख्या नौ (पुणे-हैदराबाद) से जुड़ता है.

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पुणे में बंद रही इंटरनेट सेवाएं

मराठा आरक्षण आंदोलन के मद्देनजर अफवाहों को फैलाने से रोकने के लिए पुणे जिले में इंटरनेट सेवाएं बंद रहीं. पुलिस अधीक्षक संदीप पाटिल जिले की बारामती, शिरुर, खेड, जुन्नर, मावल, भोर और दौंड ग्रामीण तहसीलों में इंटरनेट सेवाओं को अस्थाई रुप से बंद करने की जानकारी दी थी. उन्होंने बताया कि पिछले महीने आरक्षण को लेकर मराठा समुदाय के आंदोलन के दौरान हिंसक प्रदर्शन देखे गए थे जिसके बाद किसी अप्रिय घटना से बचने के लिए यह कदम उठाया गया.
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