महाराष्‍ट्र में कोरोना के हालात पर कैबिनेट की अहम बैठक आज, लॉकडाउन पर फैसला संभव

कैबिनेट बैठक में हो सकता है अहम फैसला. (File pic)

कैबिनेट बैठक में हो सकता है अहम फैसला. (File pic)

Maharashtra Coronavirus: शनिवार को जारी आंकड़ों के अनुसार महाराष्‍ट्र में कोरोना वायरस संक्रमण के 49,447 नए केस सामने आए थे. यह राज्‍य में एक दिन में आए अब तक के सर्वाधिक मामले हैं.

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मुंबई. देश में कोरोना संक्रमण (Coronavirus) की बढ़ती रफ्तार से हालात बेकाबू हो रहे हैं. महाराष्‍ट्र (Maharashtra) इससे सर्वाधिक प्रभावित है. राज्‍य में दिनोंदिन बढ़ती संख्‍या में मामले सामने आ रहे हैं. चिंता की बात यह है कि देश में रोजाना आ रहे कुल नए कोरोना केस (Covid 19) में महाराष्‍ट्र की हिस्‍सेदारी लगभग 50 फीसदी है. ऐसे में राज्‍य की उद्धव सरकार चिंतित है. इसी को देखते हुए महाराष्‍ट्र कैबिनेट की रविवार को अहम बैठक बुलाई गई है. वीडियो कॉन्‍फ्रेंसिंग के जरिये होने वाली इस बैठक में राज्‍य में लॉकडाउन समेत सभी जरूरी कड़े नियमों पर फैसला होने के आसार जताए जा रहे हैं.

बता दें कि शनिवार को जारी आंकड़ों के अनुसार महाराष्‍ट्र में कोरोना वायरस संक्रमण के 49,447 नए केस सामने आए थे. यह राज्‍य में एक दिन में आए अब तक के सर्वाधिक मामले हैं. इसके बाद राज्‍य में कोरोना संक्रमितों के कुल संख्‍या बढ़कर 29 लाख 53 हजार 523 हो गई है. इसके साथ ही राज्‍य में 277 और मरीजों की मौत होने से राज्‍य में मृतकों की संख्‍या बढ़कर 55,656 हो गई है.

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वहीं मुंबई में कोरोना संक्रमण के 9108 नए मामले सामने आए हैं. यह भी शहर में अब तक की सर्वाधिक संख्‍या है. इससे पहले की बात करें तो राज्‍य में 17 सितंबर, 2020 को सर्वाधिक 24,619 मामले सामने आए थे. महाराष्‍ट्र में अब तक कोरोना संक्रमण की पहचान के लिए 2.03 करोड़ से अधिक जांच की जा चुकी हैं.
शनिवार को महाराष्‍ट्र में कुल 49,447 नए कोरोना केस सामने आए. ऐसे में मुख्‍यमंत्री उद्धव ठाकरे ने ऑक्‍सीजन की कमी के बारे में बताते हुए कहा कि सरकार अगले कुछ दिनों में कुल उत्‍पादित ऑक्‍सीजन का 100 फीसदी हिस्‍सा मेडिकल इस्‍तेमाल के लिए करने पर विचार कर रही है.

उन्‍होंने पत्रकारों से कहा, 'पिछले हफ्ते हमने यह तय किया है कि कुल उत्‍पादित ऑक्‍सीजन का 20 फीसदी हिस्‍सा ही औद्योगिक रूप से इस्‍तेमाल हो. 80 फीसदी हिस्‍सा मेडिकल सेवाओं में उपयोग किया जाए. मुझे लगता है कि अब 100 फीसदी ऑक्‍सीजन मेडिकल इस्‍तेमाल में उपयोग करने का वक्‍त आ गया है. अगर ये पर्याप्‍त नहीं होता है तो हम गंभीर संकट में होंगे.'
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