महाराष्‍ट्र में नाइट कर्फ्यू नहीं होगा कारगर, केंद्रीय टीम ने दिए कोरोना से बचाव के अहम सुझाव

महाराष्‍ट्र में बढ़ रहे हैं कोरोना केस. (File pic)

महाराष्‍ट्र में बढ़ रहे हैं कोरोना केस. (File pic)

Maharashtra coronavirus: केंद्रीय स्‍वास्‍थ्‍य मंत्रालय की टीम ने महाराष्‍ट्र के कोरोना प्रभावित कई जिलों का दौरा किया है. टीम ने इस दौरान वहां कोरोना संक्रमण फैलने के कारणों और इससे बचाव को लेकर रिपोर्ट तैयार की है.

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  • Last Updated: March 16, 2021, 12:04 PM IST
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मुंबई. देश में इन दिनों कोरोना वायरस संक्रमण (Coronavirus) फिर तेजी से फैल रहा है. रोजाना नए कोरोना केस बड़ी संख्‍या में आ रहे हैं. इनमें सबसे बड़ी हिस्‍सेदारी महाराष्‍ट्र (Maharashtra) की है. राज्‍य में कोरोना वायरस संक्रमण (Covid 19) फैलने की दूसरी लहर होने की बात कही जा रही है. इस बीच केंद्रीय स्‍वास्‍थ्‍य मंत्रालय की टीम ने महाराष्‍ट्र के कोरोना प्रभावित कई जिलों का दौरा किया है. टीम ने इस दौरान वहां कोरोना संक्रमण फैलने के कारणों और इससे बचाव को लेकर रिपोर्ट तैयार की है. इसे राज्‍य सरकार के साथ साझा किया गया है.

इस रिपोर्ट में स्‍वास्‍थ्‍य मंत्रालय ने महाराष्‍ट्र में कोरोना वायरस संक्रमण को रोकने के लिए कई अहम सुझाव दिए हैं. इसमें कहा गया है कि महाराष्‍ट्र में बढ़ते कोरोना मामलों को रोकने के लिए नाइट कर्फ्यू और वीकेंड लॉकडाउन जैसे कदम बहुत ही सीमित तौर पर कारगर होंगे. ऐसे में कोरोना संक्रमण रोकने के लिए जिला प्रशासन केंद्रीय स्‍वास्‍थ्‍य मंत्रालय की ओर से जारी की गई गाइडलाइंस का सख्‍ती से पालन करके कोरोना को रोक सकता है.

टीम ने दिए ये अहम सुझाव



1. घर-घर जाकर जांच करके कोरोना संक्रमित लोगों की पहचान की जानी चाहिए.
2. सर्विलांस को मजबूत करने की जरूरत है.

3. कोरोना संक्रमित के संपर्क में आए कम से कम 20 से 30 लोगों की पहचान करके उनकी जांच करना. इसके लिए फील्‍ड स्‍टाफ को बेहतर ट्रेनिंग दी जाए.

4. मुख्‍यरूप से कोरोना संक्रमितों की जांच आरटी-पीसीआर के जरिये की जाए.

5. कोरोना से बचाव की रणनीति को दोबारा अपनाया जाए. कंटनमेंट जोन और बफर जोन बनाए जाएं. हर कंटेनमेट जोन के लिए रैपिड रिस्‍पांस टीम एक ऑपरेशनल प्‍लान तैयार करे.

6. 80 से 85 फीसदी एक्टिव केस में मरीज को घर पर क्‍वारंटाइन करने की रणनीति पर फिर विचार हो. अगर घर पर क्‍वारंटाइन किया जा रहा है तो स्‍वास्‍थ्‍य मंत्रालय की गाइडलाइंस का पालन हो. रोजाना मरीज का ऑक्‍सीजन स्‍तर चेक किया जाए.

7. अस्‍पताल में भर्ती मरीजों की मौत के सर्वाधिक मामले नासिक के वसंत राव पवार मेडिकल कॉलेज में आए. इसकी विस्‍तृत जांच हो.

8. मरीजों की मौत से संबंधित ऑडिट लगातार किया जाए. ताकि मौत के मामले कम करने में मदद मिले.

9. कॉन्‍टैक्‍ट ट्रेसिंग प्रभावी ढंग से की जाए.

10. घर पर क्‍वारंटाइन किए गए कोरोना मरीजों की निगरानी की जाए.
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