राजस्थान जैसा संकट ना हो इसलिए महाराष्ट्र गठबंधन ने नेताओं के लिए बनाया प्लान
Maharashtra News in Hindi

राजस्थान जैसा संकट ना हो इसलिए महाराष्ट्र गठबंधन ने नेताओं के लिए बनाया प्लान
उद्धव ठाकरे, बालासाहेब ठोराट और शरद पवार (फाइल फोटो)

राजस्थान (Rajasthan Political Crisis) में सियासी संकट को देखते हुए महाराष्ट्र में सरकार चला रही महा विकास आघाड़ी (Maharashtra Vikas Aghadi) को लगता है कि बीजेपी आने वाले समय में उसके असंतुष्ट विधायकों पर डोरे डाल सकती है.

  • Share this:
मुंबई. राजस्थान (Rajasthan Political Crisis) में सियासी संकट को देखते हुए महाराष्ट्र में सरकार चला रही महा विकास आघाड़ी (Maharashtra Vikas Aghadi) को लगता है कि बीजेपी आने वाले समय में उसके असंतुष्ट विधायकों पर डोरे डाल सकती है. इसलिए आनन-फानन में महा विकास आघाड़ी (MVA) सरकार में बड़ा फैसला लिया गया है.  महा विकास आघाड़ी सरकार में जिन नेताओं या विधायकों को मंत्री नहीं बनाया गया वे काफी दिन से नाराज चल रहे थे और कई बार अपने प्रदेश हाईकमान और वरिष्ठ नेताओं से शिकायत कर चुके हैं. जिसके बाद महा विकास आघाडी की तीनों पार्टियों के बीच एक महत्वपूर्ण बैठक की गई इस बैठक में मूलतः दो बिंदुओं पर ज्यादा फोकस किया गया.

जिसमें पहला मुद्दा था कि आखिर जो नेता या विधायक कद्दावर हैं उनको कैसे पार्टी के कामों में सक्रिय किया जाए और उनकी नाराजगी दूर की जाए. वहीं दूसरा मुद्दा था कई राज्य मंत्रियों की शिकायत थी कि उनके पास ज्यादा अधिकार नहीं है और ऐसे में कैबिनेट मंत्री उन्हें काम नहीं करने देते हैं.

शिवसेना, कांग्रेस और NCP के बीच होगी यह साझेदारी
इन मुद्दों पर महा विकास आघाड़ी के सीनियर नेताओं के बीच हुई चर्चा के बाद तीनों पार्टियों में तय हुआ की कारपोरेशन या निगम के लिए तीनों पार्टियां- शिवसेना, कांग्रेस और NCP, बराबर हिस्सेदारी के साथ अपनी अपने पार्टी नेताओं के नाम देंगे साथ ही राज्य मंत्रियों को विभाग के मुद्दे के समय कैबिनेट की मीटिंग में बैठने दिया जाएगा और उन्हें ज्यादा अधिकार दिए जाएंगे.
महा विकास आघाड़ी में समन्वय समिति में शामिल कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष और राजस्व मंत्री बालासाहेब थोराट ने कहा कि आए दिन राज्य मंत्रियों की इस तरीके से शिकायतें आती थीं जिस पर यह फैसला किया गया कि कैबिनेट मीटिंग में उस विभाग का विषय आने पर उस विभाग के राज्यमंत्री को भी अंदर बैठने की इजाजत होगी. दरअसल राजस्थान में चल रहे सियासी संघर्ष के बाद महाराष्ट्र की तीनों पार्टियों को लगता है कि आने वाले समय में बीजेपी असंतुष्ट विधायकों और नेताओं पर डोरे डाल सकती है और ऐसे में उनके पास कोई जिम्मेदारी ना होने पर वह नेता विधायक या मंत्री पाला बदलकर बीजेपी में जा सकते हैं और सरकार के लिए संकट खड़ा हो सकता है.
अगली ख़बर

फोटो

टॉप स्टोरीज

corona virus btn
corona virus btn
Loading