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महाराष्ट्र में शिंदे-बीजेपी सरकार की 'अग्निपरीक्षा' आज, फ्लोर टेस्ट से पहले आया नया ट्विस्ट; जानें 10 अपडेट्स

एकनाथ शिंदे-बीजेपी सरकार का आज बहुमत परीक्षण होगा. (फोटो ANI)

एकनाथ शिंदे-बीजेपी सरकार का आज बहुमत परीक्षण होगा. (फोटो ANI)

Maharashtra floor test: उद्धव ठाकरे से बगावत करके सत्ता संभालने वाले एकनाथ शिंदे की सरकार आज महाराष्ट्र विधानसभा में फ्लोर टेस्ट का सामना करेगी. डिप्टी सीएम देवेंद्र फडणवीस ने 166 वोट मिलने का भरोसा जताया है. वहीं, नए स्पीकर ने उद्धव गुट के चीफ व्हिप और विधायक दल के नेता अजय चौधरी की नियुक्ति रद्द करके नया ट्विस्ट पैदा कर दिया है.

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मुंबईः महाराष्ट्र की नई एकनाथ शिंदे-बीजेपी सरकार की अग्निपरीक्षा आज होगी. उद्धव ठाकरे से बगावत करके सत्ता संभालने वाले मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे सोमवार को फ्लोर टेस्ट का सामना करेंगे. विधानसभा अध्यक्ष के चुनाव में बड़ी जीत से उत्साहित सरकार को भरोसा है कि वह सदन में आसानी से बहुमत साबित कर लेगी. इसे लेकर रविवार की देर रात सीएम शिंदे ने शिवसेना के बागी विधायकों के साथ मुंबई के एक होटल में बैठक की. इसमें डिप्टी सीएम देवेंद्र फडणवीस समेत बीजेपी के सभी विधायक भी शामिल हुए. दूसरी तरफ, शिवसेना नेता उद्धव ठाकरे और महाविकास अघाड़ी गठबंधन के बाकी नेता भी अपनी रणनीति बनाने में जुटे हुए हैं. वहीं, नए स्पीकर ने उद्धव गुट के चीफ व्हिप और विधायक दल के नेता की नियुक्ति रद्द करके नया ट्विस्ट पैदा कर दिया है. आइए बताते हैं, इससे जुड़ी 10 अहम बातें-

विधानसभा अध्यक्ष के चुनाव में रविवार को बीजेपी-शिंदे गुट के प्रत्याशी राहुल नार्वेकर को 164 वोट मिले थे जबकि एमवीए गठबंधन के उम्मीदवार राजन साल्वी को महज 107 वोट ही मिल पाए. स्पीकर के चुनाव में जीत के लिए 144 वोटों की जरूरत थी, लेकिन नार्वेकर को 47 वोट ज्यादा मिले.
डिप्टी सीएम देवेंद्र फडणवीस ने भरोसा जताया है कि फ्लोर टेस्ट में सरकार पास हो जाएगी और उसे 166 वोट मिलेंगे. उन्होंने कहा कि स्पीकर के चुनाव में हमारे प्रत्याशी को 164 वोट मिले क्योंकि 2 विधायक स्वास्थ्य समस्याओं की वजह से नहीं आ सके थे. हम 166 वोटों के साथ सदन में बहुमत साबित करेंगे.
288 सदस्यीय महाराष्ट्र विधानसभा में इस समय 287 विधायक हैं क्योंकि शिवसेना के एक विधायक रमेश लटके का पिछले महीने निधन हो गया था. शिंदे सरकार को बहुमत साबित करने के लिए कम से कम 144 विधायकों का सपोर्ट दिखाना होगा. शिंदे गुट का दावा है कि उसके पास शिवसेना के 39 विधायक हैं. छोटे दलों और निर्दलीयों के रूप में 10 अन्य विधायक भी उसके पक्ष में हैं.
सदन में दलों की स्थिति देखें तो बीजेपी के 106 विधायक हैं. शिवसेना के 55, एनसीपी के 53, कांग्रेस के 44, बहुजन विकास अघाड़ी के 3, समाजवादी पार्टी के 2, AIMIM के 2, प्रखर जनशक्ति पार्टी के 2 विधायक हैं. इनके अलावा, एमएनएस, सीपीएम, पीडब्लूपी, स्वाभिमान पक्ष, राष्ट्रीय समाज पक्ष, जनसुराज्य शक्ति पार्टी, क्रांतिकारी शेतकारी पार्टी के 1-1 विधायक हैं. सदन में निर्दलीय विधायकों की संख्या 13 है.
विधानसभा अध्यक्ष के चुनाव के बाद शिवसेना के शिंदे और उद्धव गुट के बीच नया विवाद शुरू हो गया है. स्पीकर चुनाव के लिए दोनों गुटों ने अलग-अलग व्हिप जारी किए थे. बाद में दोनों ने एकदूसरे पर व्हिप के उल्लंघन का आरोप लगाया और कार्रवाई की मांग की.
उद्धव ठाकरे गुट की ओर से चीफ व्हिप सुनील प्रभु ने व्हिप के उल्लंघन के आरोप में शिंदे खेमे के 39 विधायकों की सदस्यता रद्द करने की मांग की गई. शिवसेना सांसद अरविंद सावंत ने कहा कि हमारी पार्टी के 39 विधायकों ने व्हिप का सम्मान नहीं किया था, इसलिए हमने नए स्पीकर राहुल नार्वेकर से इन विधायकों को अयोग्य घोषित करने की मांग की है. शिवसेना प्रमुख उद्धव ठाकरे ने अजय चौधरी को विधायक दल का नेता बनाया है.
वहीं, एकनाथ शिंदे गुट की तरफ से भरत गोगावले को चीफ व्हिप नियुक्त किया गया है. गोगावले ने व्हिप को न मानने के लिए ठाकरे गुट के 16 विधायकों की सदस्यता रद्द करने की मांग की है. आज देखने की बात ये भी होगी कि स्पीकर राहुल नार्वेकर किस गुट को नोटिस जारी करते हैं.
आजतक की रिपोर्ट बताती है कि स्पीकर राहुल नार्वेकर ने उद्धव गुट के अजय चौधरी की शिवसेना विधायक दल के नेता के तौर पर की गई नियुक्ति को रद्द कर दिया है. इसके साथ ही सुनील प्रभु को भी चीफ व्हिप के पद से हटा दिया है. इससे उद्धव गुट के विधायकों के सामने नई समस्या आ गई है कि अगर वो गोगावले के व्हिप का आदेश नहीं मानेंगे तो उनके खिलाफ अयोग्यता की कार्रवाई किए जाने का खतरा पैदा हो सकता है.
सीएम एकनाथ शिंदे ने विधानसभा में अपने पहले भाषण में रविवार को कहा था, "प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने अपने पक्ष में ज्यादा सदस्य होने के बावजूद उन्हें सरकार का नेतृत्व करने का हक दिया, इस फैसले ने बहुत से लोगों की आंखें खोल दी हैं." उन्होंने यह भी कहा कि राज्य में महाविकास अघाड़ी (एमवीए) सरकार के पतन के बाद "भाजपा-शिवसेना सरकार" ने कमान संभाली है. यह बालासाहेब ठाकरे की मान्यताओं पर काम करेगी.
उद्धव ठाकरे के बेटे आदित्य ठाकरे विधानसभा में होने वाले शिंदे सरकार के विश्वासमत परीक्षण को नैतिक परीक्षा करार दिया था. उन्होंने पहले कहा था कि हमें जीत का पूरा भरोसा है. विश्वासघात करने वाले, दगाबाज कभी जीत नहीं सकते. जो भागते हैं, वो जीतते नहीं हैं.

Tags: BJP, Eknath Shinde, Shiv sena, Uddhav thackeray

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