पाकिस्तान के साथ व्यापार बंदी से किसानों पर आफत, जानें क्‍यों हुआ ऐसा

बंपर उत्पादन ने बढ़ाया संकट, कीमतें 2 रुपये तक लुढ़की, धुले से सांसद और केंद्रीय मंत्री भामरे ने कहा दिल्ली में उठा रहे हैं मामला

News18Hindi
Updated: September 4, 2018, 8:30 PM IST
पाकिस्तान के साथ व्यापार बंदी से किसानों पर आफत, जानें क्‍यों हुआ ऐसा
File Photo.
News18Hindi
Updated: September 4, 2018, 8:30 PM IST
संदीप भुजबल

महाराष्ट्र में टमाटर की कीमतें एक बार फिर लुढ़क गई हैं. टमाटर के दाम प्रति किलो दो रुपए तक गिर गए है. टमाटर का उत्पादन बेहतर रहने और पाकिस्तान के साथ व्यापार बंद होने की वजह से ये नौबत आई है. राज्य में करीब पांच लाख किसानों पर टमाटर के दाम गिरने की मार पड़ी है. कम निवेश में ज्यादा मुनाफे की फसल होने की वजह से किसानों ने बड़े पैमाने पर टमाटर की फसल लगाई थी.

राज्य में हफ्ते भर पहले टमाटर की कीमत 10 रुपए से 12 रुपए किलो के बीच थी. अब टमाटर के दाम दो रुपए तक लुढ़क गए हैं. कीमतों का असर रिटेल बाजार पर कतई नजर नहीं आ रहा है. किसानों की मुश्किल बढ़ने के बावजूद रिटेल मार्केट में टमाटर की कीमत 15 से 20 रुपए किलो है.

ये भी देखें : टमाटर की फसल ने तोड़े किसानों के सपने

राज्य के नाशिक जिले में सालभर तक बिकने वाली नकदी फसल टमाटर का इस बार बेहद बुरा हाल है. पिछले कुछ दिनों से लगातार गिरते दामों ने किसानों की चिंता बढ़ा दी है.

दरअसल, इस साल राज्य में पिछले दो महीने मौसम टमाटर की फसल के लिए काफी अनुकूल रहा था. ज्यादा बारिश नहीं होने और बादल छाए रहने की वजह से मौसम में मौजूद नमी से टमाटर का अच्छा उत्पादन हुआ है. ऐसे में बाजार में बड़े पैमाने पर टमाटर की आवक होने की वजह से दाम गिरना शुरू हो गए. कई जगहों पर किसानों को फसल फेंकने तक की नौबत आ गई है.

नकद फसलों की खेती करने वाले किसान शाम गुंड के मुताबिक -“टमाटर की फसल की उम्मीद पर कर्ज चुकाने के सपने देखे थे, लेकिन दाम में गिरावट से सारे सपने चूर हो गए. वो मदद मांगने किसके पास जाए ?”
Loading...
टमाटर की फसल के दाम गिरने के पीछे जानकार सबसे बड़ी वजह पाकिस्तान से व्यापार बंद होने को बता रहे है. राज्य से 30 से 40 प्रतिशत टमाटर श्रीनगर, वाघा और अटारी के जरिए पाकिस्तान पहुंचता है. पिछले एक साल से पाकिस्तान के साथ राजनीतिक वजहों से व्यापारिक रिश्ते बंद हो गए. इस वजह से टमाटर का निर्यात पूरी तरह से ठप हो गया है.

करीब पांच से 10 फीसदी टमाटर बांग्लादेश भी निर्यात होता था, लेकिन वहां से अभी व्यापारिक गतिविधियां पूरी तरह से बंद है. ऐसे में टमाटर की पूरी फसल स्थानीय बाजार में पहुंचने की वजह से दाम में गिरावट दर्ज की जा रही है.

कैसे पहुंचता है टमाटर पाकिस्तान
टमाटर जल्द खराब होने वाली चीज है. इसे ज्यादा दिनों तक स्टोर नहीं किया जा सकता है. इस वजह से ज्यादातर पाकिस्तान और बांग्लादेश में ही इसका निर्यात होता था. अमूमन फसल के पूरी तरह पकने से चार या पांच दिन पहले ही टमाटर को तोड़ लिया जाता था. इसके बाद कच्चे टमाटर को ट्रकों के जरिए अलग-अलग मार्गों से पाकिस्तान भेजा जाता था, जिसके लिए दो से तीन दिन का वक्त लगता था. इस दौरान कच्चा टमाटर पककर बाजार में बिकने के लिए तैयार हो जाता था.

भाजपा को सता रहा है डर...!
किसानों से जुड़ा मुद्दा होने की वजह से भाजपा नेताओं को इससे होने वाले राजनीतिक नुकसान का भली-भांति अंदाज है. ऐसे में धुले से सांसद और केन्द्रीय रक्षा राज्य मंत्री सुभाष भामरे ने इस मुद्दे को केंद्रीय रक्षा मंत्री निर्मला सीतारमन और वाणिज्य मंत्री सुरेश प्रभु के सामने रखा है. भामरे का कहना है कि इस मुद्दे पर गंभीरता से विचार किए जाने की जरूरत है, जिससे किसानों का अहित ना हो.
Loading...
पूरी ख़बर पढ़ें अगली ख़बर