महाराष्‍ट्र: कोविड उपचार केंद्र के पास लगी आग, मरीजों को नुकसान नहीं

महाराष्‍ट्र के बीड जिले में कोविड-19 सेंटर के पास आग लगी, लेकिन किसी मरीज को कोई नुकसान नहीं हुआ.  (सांकेतिक चित्र)

महाराष्‍ट्र के बीड जिले में कोविड-19 सेंटर के पास आग लगी, लेकिन किसी मरीज को कोई नुकसान नहीं हुआ. (सांकेतिक चित्र)

Maharashtra Latest news in Hindi: इस केंद्र में कोरोना वायरस के मरीजों का उपचार चल रहा है. अधिकारी ने कहा, ‘‘वृद्धरोग भवन समीप में ही है लेकिन वहां उपचाररत मरीज पूरी तरह सुरक्षित हैं.'

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औरंगाबाद. महाराष्ट्र में बीड जिले के अंबेजोगाई तहसील में एक कोविड-19 उपचार केंद्र के पास आग लग गई, लेकिन इस केंद्र एवं वहां उपचाररत मरीजों को कोई नुकसान नहीं हुआ. आग पर जल्‍द ही काबू पा लिया गया. प्रशासन का कहना है कि घटनास्‍थल के पास कोविड-19 उपचार केंद्र और वृद्धरोग भवन ही है, लेकिन किसी प्रकार का नुकसान नहीं हुआ.

राज्य के स्वास्थ्य विभाग के एक अधिकारी ने कहा, ‘‘कोविड-19 देखभाल केंद्र के पास जमा पत्तियों एवं घास में समीप से गुजर रही बिजली के तार में चिंगारी से आग लग गयी. करीब 20 मिनट तक आग लगी रही और कुछ पेड़ों को भी नुकसान पहुंचा. अंबेजोगाई शहर से एक टीम आयी और उसने आग पर नियंत्रण पाया.’’

उन्होंने बताया कि जहां यह आग लगी वह जगह इस केंद्र से बस थोड़ी दूरी पर है. इस केंद्र में कोरोना वायरस के मरीजों का उपचार चल रहा है. अधिकारी ने कहा, ‘‘वृद्धरोग भवन समीप में ही है लेकिन उसे और वहां उपचाररत मरीज पूरी तरह सुरक्षित हैं.'

महाराष्‍ट्र में कोरोना मामले ने बढ़ाई चिंता


कोविड-19 गृह पृथक-वास और सामाजिक दूरी के नियमों का घोर उल्लंघन और संपर्क में आए लोगों का पता लगाने के लिए पर्याप्त संसाधनों की अनुपलब्धता के कारण महाराष्ट्र में कोरोना वायरस के मामलों में बढ़ोतरी हुई है. कोविड-19 महामारी पर राज्य सरकार के तकनीकी सलाहकार डॉ. सुभाष सालुंके ने कहा, ‘‘हम असहाय हैं क्योंकि लोग संक्रमण से ठीक होने पर अस्पताल से छुट्टी मिलने या ऐसे किसी स्थान से लौटने के बाद गृह पृथक-वास के मूल दिशानिर्देशों का पालन नहीं कर रहे हैं जहां निश्चित अवधि के लिए पृथक-वास अनिवार्य है.’’ अधिकारी ने कहा कि इससे स्पष्ट है कि लॉकडाउन जैसे कड़े उपाय लागू करने होंगे.

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उन्होंने कहा, ‘‘राजस्व, गृह और स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों की कई बैठकें हुई हैं जिनमें लोगों के लिए नियमों का कड़ाई से पालन करने की खातिर तरीकों पर विचार-विमर्श हुआ.’’ राज्य की स्वास्थ्य विभाग की निदेशक डॉ. अर्चना पाटिल ने कहा, ‘‘मैं मास्क, पीपीई किट, दवाओं जैसे सामानों की खरीद के लिए कई बैठकें कर रही हूं ताकि जरूरत पड़ने पर हम अधिक संख्या में मरीजों को कोविड-19 देखभाल केंद्रों में जगह दे सकें.’’
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