कोरोना वैक्सीन को लेकर महाराष्ट्र ने की कैसी तैयारी, उद्धव ठाकरे ने PM को बताया

महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे (PTI)

महाराष्ट्र के सीएम उद्धव ठाकरे (CM Uddhav Thackeray) कहा कि जब भी कोरोना वैक्सीन (Covid Vaccine) आती है हमें करीब 25 करोड़ खुराक की जरूरत होगी. ठाकरे ने कहा कि तब तक सिर्फ तीन उपाय हैं- मास्क (Mask), सोशल डिस्टेंसिंग (Social Distancing) और हाथों को साफ रखना जरूरी है.

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    मुंबई/नई दिल्ली. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (PM Narendra Modi) कोरोना वायरस (Covid 19 cases in India) की स्थिति पर मुख्यमंत्रियों के साथ वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए मीटिंग कर रहे हैं. मीटिंग में गृह मंत्री अमित शाह और स्वास्थ्य मंत्री डॉ. हर्ष वर्धन भी मौजूद हैं. इस मीटिंग में दिल्ली, महाराष्ट्र, राजस्थान, केरल और पश्चिम बंगाल जैसे ज्यादा प्रभावित राज्यों में स्थिति कंट्रोल करने को लेकर फोकस है. इस बीच महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे (Udhav Thackeray) ने प्रधानमंत्री को बताया कि वे सीरम इंस्टीट्यूट के CEO अदार पूनावाला से लगातार कॉन्टैक्ट में हैं. वैक्सीन डिस्ट्रीब्यूशन समय पर हो सके, इसके लिए टास्क फोर्स भी बनाई गई है.

    उद्धव ठाकरे (CM Uddhav Thackeray) ने कोरोना को लेकर लोगों को चेताते हुए कहा है कि कोरोना वायरस (Coronavirus) की दूसरी लहर सुनामी जैसी होगी. ठाकरे ने कहा कि जब भी वैक्सीन (Vaccine) आती है हमें करीब 25 करोड़ खुराक की जरूरत होगी. ठाकरे ने कहा कि तब तक सिर्फ तीन उपाय हैं- मास्क, सोशल डिस्टेंसिंग (Social Distancing) और हाथों को साफ रखना.

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    देश में इस वक्त 5 वैक्सीन प्रोसेस के आखिरी दौर में
    स्वास्थ्य मंत्रालय की ओर से दी गई जानकारी के मुताबिक, देश में इस वक्त 5 वैक्सीन अपने प्रोसेस के आखिरी दौर में हैं. इनमें से दो वैक्सीन के फरवरी 2021 तक मिलने की संभावना है. इस बीच भारत में ब्रिटेन की ऑक्सफोर्ड यूनिवर्सिटी के साथ मिलकर कोरोना वैक्सीन पर काम कर रही सीरम इंस्टिट्यूट (Serum Institute) ने बताया कि AstraZeneca कोरोना वायरस से बचाव में 90% असरदार रही है.



    फरवरी 2021 तक आ सकती है 'कोविशील्‍ड' और 'कोवैक्सीन'
    ऑक्सफोर्ड/एस्ट्राजेनेका ने बयान जारी कर बताया कि यूके और ब्राजील में किए गए परीक्षणों में वैक्सीन (AZD1222) खासी असरदार पाई गई. आधी डोज में दिए जाने पर वैक्सीन 90% तक इफेक्टिव मिली. इसके बाद दूसरे महीने में फुल डोज दिए जाने पर 62% असरदार देखी गई. इसके एक महीने बाद फिर दो फुल डोज में वैक्सीन का असर 70% देखा गया. ये वैक्सीन पुणे स्थित सीरम इंस्टीट्यूट ऑफ इंडिया बना रहा है. भारत में यह वैक्‍सीन 'कोविशील्‍ड' नाम से उपलब्‍ध होगी.

    वहीं, देश में बनी कोविड वैक्‍सीन यानी भारत बायोटेक की Covaxin को भी फरवरी तक इमर्जेंसी अप्रूवल दिया जा सकता है. यानी फरवरी 2021 तक देश में कोविड-19 के दो-दो टीके उपलब्‍ध हो सकते हैं.

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    कितनी हो सकती है कीमत?
    दुनिया के लिए ऑक्‍सफर्ड-एस्‍ट्राजेनेका की वैक्‍सीन ही उम्‍मीदें जगा रही है. लंदन की एक रिसर्च फर्म के अनुसार, मध्‍य और निम्‍न आय वाले देशों में 40% खपत इसी टीके की होगी. यह वैक्‍सीन फाइजर के मुकाबले बेहद सस्‍ती है और कई देशों में इसका प्रॉडक्‍शन होगा. SII के चीफ अदार पूनावाला के मुताबिक, भारत में इस वैक्सीन की कीमत 1000 रुपये तक हो सकती है. इसके लिए अल्‍ट्रा-कोल्‍ड टेम्‍प्रेचर की भी जरूरत नहीं है.

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