Dipawali Guidelines: महाराष्ट्र सरकार ने जारी की दीपावली की गाइडलाइंस, की पटाखे ना फोड़ने की अपील

उद्धव ठाकरे (फाइल फोटो)
उद्धव ठाकरे (फाइल फोटो)

Diwali celebrations Guidelines: महाराष्ट्र सरकार दीपावली के दौरान कोरोना के प्रसार को रोकने के लिए गाइडलाइंस जारी का हैं. सरकार ने अपील की है कि लोग पटाखे फोड़ने से बचें.

  • News18Hindi
  • Last Updated: November 6, 2020, 11:34 AM IST
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मुंबई. त्योहारों के मौसम को ध्यान में रखते हुए कोरोना वायरस महामारी (Coronavirus In India) के नियंत्रण और प्रबंधन के लिए केंद्र और राज्य सरकारें दिशानिर्देश जारी कर रही हैं. एक ओर जहां दिल्ली समेत कई राज्यों में पटाखे की खरीद फरोख्त पर रोक लगा दी गई है तो वहीं कई राज्यों ने निवासियों से अपील की है कि वह पटाखे और शोर से बचें. इसी क्रम में महाराष्ट्र सरकार (Maharashtra) ने कोरोना वायरस के मद्देजनर दीपावली मनाने की गाइडलाइंस जारी कर दी है. शुक्रवार को जारी आदेश में अपील की गई है कि शोर और वायु प्रदूषण को रोकने के लिए पटाखे फोड़ने से बचें.

बता दें महाराष्ट्र में कुल संक्रमितों की संख्या बढ़कर 17 लाख के पार चली गई. राज्य के स्वास्थ्य विभाग ने बताया कि पिछले 24 घंटे की अवधि में 11,277 मरीज स्वस्थ हो गए और ठीक होने वाले लोगों की कुल संख्या 15,51,282 है. राज्य में अब संक्रमितों की संख्या 17,03,444 है. वहीं संक्रमण से मृतकों की संख्या 44,804 है. राज्य में 1,06,519 लोगों का इलाज चल रहा है.


दिल्ली में पटाखे बैन
इससे पहले कोविड-19 की स्थिति की समीक्षा के बाद गुरुवार को मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने कहा कि दिवाली के पहले दिल्ली सरकार ने राष्ट्रीय राजधानी में पटाखों पर प्रतिबंध लगाने और अस्पतालों में चिकित्सा संबंधी आधारभूत ढांचे को दुरुस्त करने का फैसला किया है. मुख्य सचिव, स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों और जिलाधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक के बाद मुख्यमंत्री ने कहा कि त्योहार के मौजूदा मौसम और प्रदूषण के कारण दिल्ली में कोविड-19 के मामले बढ़े हैं . पिछले कुछ दिनों में कोविड-19 के मामलों में तेज बढ़ोतरी हुई है और बुधवार को लगातार दूसरे दिन संक्रमण के 6,000 से ज्यादा मामले आए.



वहीं कलकत्ता हाईकोर्ट ने कोविड-19 महामारी के मद्देनजर काली पूजा, जगद्धात्री पूजा और छठ पर पटाखों के इस्तेमाल और बिक्री पर बृहस्पतिवार को प्रतिबंध लगा दिया. जस्टिस संजीव बनर्जी और जस्टिस अरिजीत बनर्जी की खंडपीठ ने दो जनहित याचिकाओं पर सुनवाई करते हुए यह निर्देश दिया. काली पूजा 15 नवंबर को है.
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