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maharashtra government to provide 10 sanitary napkins for re 1 from 15 august

गरीब महिलाओं को 1 रुपये में मिलेंगे 10 सैनिटरी नैपकिन, हर गांव में लगेंगी डिस्पोजल मशीनें, महाराष्ट्र सरकार का फैसला

महाराष्ट्र सरकार का दावा है कि सस्ते नैपकिन की योजना से 60 लाख ग्रामीण महिलाओं को फायदा होगा. (सांकेतिक तस्वीर)

महाराष्ट्र सरकार का दावा है कि सस्ते नैपकिन की योजना से 60 लाख ग्रामीण महिलाओं को फायदा होगा. (सांकेतिक तस्वीर)

महाराष्ट्र सरकार ने 15 अगस्त से बीपीएल वर्ग की महिलाओं को महज 1 रुपये में 10 सैनिटरी नैपकिन देने की योजना शुरू करने का ऐलान किया है. सरकार का दावा है कि इससे ग्रामीण इलाकों की 60 लाख से ज्यादा महिलाओं को फायदा होगा. इस योजना पर सालाना 200 करोड़ का खर्च आएगा.

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मुंबई. महाराष्ट्र सरकार ने गरीब महिलाओं को बेहद सस्ते दामों पर सैनिटरी नैपकिन उपलब्ध कराने के लिए नई योजना शुरू करने का ऐलान किया है. इसके तहत गरीबी रेखा से नीचे रहने वाली (बीपीएल) वर्ग की महिलाओं को महज 1 रुपये में 10 सैनिटरी नैपकिन दिए जाएंगे. इनके अलावा स्वयं सहायता समूहों से जुड़ी महिलाओं को भी ये नैपकिन सस्ते रेट पर मिलेंगे. राज्य के ग्रामीण विकास विभाग के मंत्री हसन मुशरिफ ने बताया कि इसके लिए हर गांव में एक नैपकिन डिस्पोजल मशीन लगाई जाएगी.

समाचार एजेंसी पीटीआई के मुताबिक, महाराष्ट्र की उद्धव ठाकरे सरकार का ये आदेश 15 अगस्त से लागू होगा. सरकार का दावा है कि इससे ग्रामीण इलाकों की 60 लाख से ज्यादा महिलाओं को फायदा होगा. इस योजना को लागू करने पर सालाना 200 करोड़ रुपये का खर्च आएगा. वर्ल्ड मैन्स्ट्रूअल हाइजीन डे के मौके पर महिलाओं के स्वास्थ्य की सुरक्षा के लिए ये फैसला किया गया है.

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, हसन मुशरिफ ने बताया कि महाराष्ट्र में सिर्फ 66 फीसदी महिलाएं ही सैनेटरी नैपकिन का इस्तेमाल करती हैं. ग्रामीण इलाकों में स्थिति और भी खराब है. वहां पर महज 17 फीसदी महिलाओं को ही नैपकिन मिल पाता है. पूरे देश की बात करें तो 32 करोड़ रजस्वला महिलाओं में से 12 फीसदी करोड़ महिलाएं ही नैपकिन का इस्तेमाल करती हैं. महिलाओं में पीरियड के दौरान सफाई न रखने से कई तरह की बीमारियां पैदा हो जाती है, जिनमें से कुछ जानलेवा भी हो सकती हैं. मुशरिफ ने बताया कि दुनिया में इन बीमारियों की वजह से 8 लाख महिलाओं की मौत हो जाती है. महिलाओं की मौत का ये 5वां सबसे बड़ा कारण है.

मुशरिफ ने बताया कि महिलाओं में सैनिटरी नैपकिन के प्रति जागरूकता की कमी और इनके इस्तेमाल की कम संख्या को देखते हुए राज्य सरकार की ओर से महिलाओं को लगभग मुफ्त में सैनिटरी नैपकिन देने की योजना शुरू करने का फैसला किया गया है. सरकार के इस फैसले से बीपीएल कैटिगरी की ग्रामीण महिलाओं को काफी मदद मिलेगी. अभी 19 वर्ष से कम उम्र की लड़कियों को 6 रुपये में छह सैनिटरी नैपकिन का पैकेट मिलता है. इसकी वजह से जरूरतमंद महिलाओं को सस्ते नैपकिन नहीं मिल पाते. लेकिन अब बीपीएल वर्ग की सभी महिलाएं नई योजना का लाभ उठा सकेंगी.

Tags: Hygiene, Maharashtra, Women Health

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