महाराष्ट्र के राज्यपाल ने कंगना प्रकरण से निपटने के तरीके पर नाखुशी जतायी
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महाराष्ट्र के राज्यपाल ने कंगना प्रकरण से निपटने के तरीके पर नाखुशी जतायी
राज्यपाल ने मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे के मुख्य सलाहकार अजॉय मेहता को तलब किया और पूरे मामले पर अपनी नाराजगी जताई. (File Photo)

Kangana Office Demolition: बीएमसी ने बुधवार को अभिनेत्री कंगना रनौत के बांद्रा स्थित बंगले में किए गए कुछ अवैध निर्माण को तोड़ दिया था. हालांकि बॉम्बे हाईकोर्ट ने बाद में प्रक्रिया पर रोक लगाने का आदेश दिया था.

  • भाषा
  • Last Updated: September 10, 2020, 8:24 PM IST
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मुंबई. महाराष्ट्र के राज्यपाल भगत सिंह कोश्यारी (Maharashtra's Governor Bhagat Singh Koshyari) ने कंगना रनौत मामले (Kangana Ranaut Case) से निपटने के तरीके को लेकर अप्रसन्नता जतायी है. इसके साथ ही कंगना के बंगले में ‘अवैध निर्माण’’ को गिराने के मुंबई नगर निकाय (BMC) के तरीके से भी वह नाखुश हैं. उनके करीबी सूत्रों ने गुरुवार को यह जानकारी दी. सूत्रों ने कहा कि बुधवार को जिस समय बीएमसी की कार्रवाई चल रही थी, राज्यपाल ने मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे (CM Uddhav Thackeray) के मुख्य सलाहकार अजॉय मेहता को तलब किया और पूरे मामले पर अपनी नाराजगी जताई. उन्होंने कहा, ‘‘उन्हें (मेहता को) राज्यपाल ने तलब किया था और उनसे अपनी नाराजगी जताई थी.’’

ठाकरे नीत शिवसेना का बृहन्मुंबई महानगरपालिका (Brihanmumbai Municipal Corporation) पर नियंत्रण है. कंगना ने मुंबई की तुलना पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर (Paksistan Occupied Kashmir) से की थी. इसके बाद कंगना और शिवसेना (Shivsena) के बीच वाकयुद्ध शुरू हो गया था. इसी वाकयुद्ध के बीच बीएमसी की एक टीम ने बुधवार को बांद्रा (Bandra) के पाली हिल इलाके में कंगना के बंगले में ‘‘अवैध निर्माण’’ को गिरा दिया था.

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कंगना ने राज्य सरकार पर लगाया सत्ता के दुरुपयोग का आरोप
वहीं मुंबई के बीएमसी अधिकारियों द्वारा कंगना रनौत के कार्यालय के कुछ हिस्सों को गिराने के एक दिन बाद, अभिनेत्री ने गुरुवार को मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे पर 'सत्ता के दुरुपयोग' का आरोप लगाते हुए महाराष्ट्र सरकार पर निशाना साधा और घोषणा की कि उनकी आवाज दूर तक जाएगी. इस घटनाक्रम में फिल्म जगत के कई लोग रनौत के समर्थन में आगे आए हैं.

रनौत ने शिवसेना के नेतृत्व वाले बृहन्मुंबई नगर निगम (बीएमसी) की गुंडों से तुलना करते हुए कई ट्वीट पोस्ट किए, जिसमें राज्य सरकार को एक ‘‘मिलावटी सरकार’’ कहकर मराठी संस्कृति को याद करने की नसीहत दी गई. अभिनेत्री बुधवार को ही अपने गृह राज्य हिमाचल प्रदेश से मुम्बई लौटी हैं. उन्होंने आरोप लगाया है कि शिवसेना से टकराव के कारण महाराष्ट्र सरकार उन्हें निशाना बना रही है.

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बीएमसी ने बुधवार को तोड़ा था अवैध निर्माण
शिवसेना नीत बीएमसी ने बुधवार को अभिनेत्री के बांद्रा स्थित बंगले में किए गए कुछ अवैध निर्माण को तोड़ दिया था. हालांकि बंबई उच्च न्यायालय ने बाद में प्रक्रिया पर रोक लगाने का आदेश दिया था.

गौरतलब है कि मुम्बई पुलिस और महाराष्ट्र के बारे में कंगना के एक हालिया बयान से विवाद खड़ा हो गया है. उन्होंने दावा किया था कि वह मुम्बई में असुक्षित महसूस करती हैं. इसके बाद शिवसेना के नेता संजय राउत ने उनसे मुम्बई वापस नहीं आने को कहा था. राउत के इस बयान के बाद अभिनेत्री ने मुम्बई की तुलना पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर (पीओके) से की थी.
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