कोविड-19 के उपचार नियमों का पालन नहीं करने पर मुम्बई के चार निजी अस्पतालों को कारण बताओ नोटिस
Maharashtra News in Hindi

कोविड-19 के उपचार नियमों का पालन नहीं करने पर मुम्बई के चार निजी अस्पतालों को कारण बताओ नोटिस
स्वास्थ्य मंत्रालय ने कोरोना लक्षणों की सूची में स्‍वाद और सुगंध को भी जोड़ दिया है.

महाराष्ट्र सरकार (Maharashtra Government) को शिकायत मिली थी कि कोविड-19 संकट (Covid-19 Crisis) के मद्देनजर राज्य सरकार द्वारा निजी अस्पतालों में 80 फीसदी बिस्तर अपने कब्जे में लेने के बाद कुछ निजी अस्पताल मरीजों के साथ सहयेाग नहीं कर रहे हैं.

  • Share this:
  • fb
  • twitter
  • linkedin
मुम्बई. महाराष्ट्र (Maharashtra) के जन स्वास्थ्य मंत्री राजेश टोपे (Health Minister Rajesh Tope) ने मंगलवार को कहा कि शहर के चार प्रमुख निजी अस्पतालों को कोविड-19 (Covid-19) के उपचार के संबंध में नियमों का पालन नहीं करने को लेकर कारण बताओ नोटिस जारी किया गया है और उन्हें नियमों को उल्लंघन करने को लेकर कड़ी कार्रवाई की चेतावनी दी गयी है.

नियमों का पालन न करने के लिए नोटिस
टोपे ने बताया कि बांबे, जसलोक, हिंदुजा और लीलावती अस्पताल को कोविड-19 के मरीजों के उपचार से संबंधित नियमों का पालन नहीं करने को लेकर नोटिस दिया गया है. उन्होंने कहा कि उन्हें शिकायत मिली थी कि कोविड-19 संकट के मद्देनजर राज्य सरकार द्वारा निजी अस्पतालों में 80 फीसदी बिस्तर अपने कब्जे में लेने के बाद कुछ निजी अस्पताल मरीजों के साथ सहयेाग नहीं कर रहे हैं. उसके बाद वह (सोमवार को) इन चारों अस्पतालों में गये.

बिस्तर खाली नहीं कहकर भर्ती नहीं किए जा रहे मरीज



एक आधिकारिक बयान में कहा गया है कि यह शिकायत मिली थी कि कुछ निजी अस्पताल मरीजों को यह कहकर भर्ती नहीं कर रहे हैं कि बिस्तर खाली नहीं है. फिर टोपे सोमवार को इन अस्पतालों में गये. बयान के अनुसार बांबे अस्पताल में सरकारी नियमों के अनुसार बिस्तरों की उपलब्धता संबंधी बोर्ड नहीं लगाया गया था. कुछ अस्पतालों में मरीजों के उपचार के संबंध में राज्य सरकार द्वारा तय की गई दर का कार्ड नहीं लगाया गया था.



बयान के मुताबिक टोपे ने इन सभी चारों अस्पतालों में आरक्षित बिस्तरों का जायजा लिया. उन्होंने अस्पतालों को मरीजों को बिस्तर से वंचित नहीं करने, समय से उन्हें उपचार उपलब्ध कराने और संकट से निपटने में सरकार के साथ सहयोग करने का निर्देश दिया.

केंद्र ने कहा राज्यों को अप्रैल में दिए गए थे निर्देश
वहीं केंद्र सरकार ने बंबई उच्च न्यायालय से मंगलवार को कहा कि इसने पिछले महीने सभी राज्यों के लिए विस्तृत दिशा-निर्देश जारी किया था कि लॉकडाउन के दौरान गंभीर रोग से पीड़ित गैर कोविड-19 रोगियों का इलाज और आपातकालीन सेवाओं को सुनिश्चित किया जाए. केंद्र सरकार की तरफ से पेश हुए अतिरिक्त सॉलिसिटर जनरल (एएसजी) अनिल सिंह ने अदालत से कहा कि केंद्र ने 15 अप्रैल को कई दिशा-निर्देश जारी किए थे कि सुनिश्चित किया जाए कि राष्ट्रव्यापी लॉकडाउन के दौरान सभी स्वास्थ्य सेवाएं चालू रहें.

ये भी पढ़ें-
महाराष्‍ट्र में कोरोना के 2287 नए केस, 103 मौतें, कुल मामले हुए 72300

लॉकडाउन: अंतिम संस्कार से जुड़ी सभी सुविधाओं के लिए ऑनलाइन प्लेटफार्म
First published: June 2, 2020, 8:43 PM IST
अगली ख़बर

फोटो

corona virus btn
corona virus btn
Loading