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Bhandara Hospital Fire: चिकित्‍सा उपकरण में विस्‍फोट से अस्‍पताल में आग फैलने की आशंका

शनिवार को अस्‍पताल में लगी थी आग. (Pic PTI)
शनिवार को अस्‍पताल में लगी थी आग. (Pic PTI)

महाराष्‍ट्र (Maharashtra) के भंडारा में शनिवार को अस्‍पताल में आग लगने से 10 नवजातों की मौत हो गई थी. इस घटना की जांच अफसरों का एक दल कर रहा है. इस जांच दल ने रविवार को अस्‍पताल का दौरा किया.

  • News18Hindi
  • Last Updated: January 11, 2021, 7:52 AM IST
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नई दिल्‍ली. महाराष्‍ट्र (Maharashtra) के भंडारा में शनिवार को अस्‍पताल में आग लगने से 10 नवजातों की मौत हो गई थी. इस घटना की जांच अफसरों का एक दल कर रहा है. इस जांच दल ने रविवार को अस्‍पताल का दौरा किया. इस दौरान प्रारंभिक निरीक्षण में आशंका जताई गई है कि सिक न्‍यू बॉर्न केयर यूनिट (SNCU) में मौजूद कई रेडियंट वॉर्मर उपकरणों में से किसी एक में विस्‍फोट हुआ होगा, इससे अस्‍पताल में आग लगी होगी. दरअसल तबीयत के अनुसार नवजातों को रेडियंट वॉर्मर में भी रखा जाता है. इससे उनके शरीर का तापमान नियंत्रित किया जाता है.

इंडियन एक्‍सप्रेस की रिपोर्ट के अनुसार घटना के शुरुआती समय में अस्‍पताल के कर्मचारियों ने दो तेज आवाजें सुनने का दावा किया है. रेडियंट वॉर्मर उपकरण फटकर आग की लपटों में तब्‍दील हो गया. इसमें एक सात दिन का नवजात भी बुरी तरह जल गया था. उसे पुलिस ने सड़क किनारे पाया था और अस्‍पताल लेकर आई थी. उसके साथ ही नौ अन्‍य नवजातों को एसएनसीयू यूनिट में रखा गया था, जहां शनिवार तड़के आग लग गई.

रेडियंट वॉर्मर उपकरण में धमाके के बाद आग फैलने की आशंका की बात के बीच जांच दल के सदस्‍यों का कहना है कि वह अभी किसी भी अंतिम निष्‍कर्ष तक नहीं पहुंचे हैं. छह सदस्‍यीय जांच की अध्‍यक्षता कर रहीं डॉ. साधना तायड़े ने कहा है, 'जांच अभी जारी है. हम कुछ दिनों में इसकी रिपोर्ट सौंपेंगे. इस समय हम इस पर कोई टिप्‍पणी नहीं कर सकते कि आखिर आग कहां से और कैसे फैली. लेकिन हम हर एक तथ्‍य और गहराई तक जाएंगे.'



बता दें कि महाराष्ट्र सरकार ने इस घटना की जांच के लिए स्वास्थ्य विभाग के निदेशक के नेतृत्व में छह सदस्यीय टीम के गठन की घोषणा की. टीम को तीन दिन के भीतर अपनी रिपोर्ट सौंपने का निर्देश दिया गया. समिति का काम आग लगने के पीछे के कारण और खामियों का पता लगाना है. जांच टीम राज्य के किसी भी अस्पताल में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने के लिए सुझाव देने के अलावा अग्नि सुरक्षा उपायों और अन्य तकनीकी कारकों की भी समीक्षा करेगी.

वहीं मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे ने अस्पताल में आग लगने से मारे गए नवजात शिशुओं के परिजनों से मुलाकात की और कहा कि राज्य के सभी अस्पतालों का सुरक्षा ऑडिट कराने के आदेश जारी कर दिए गए हैं.
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