Corona 2nd Wave: महाराष्ट्र में कोरोना महामारी की दूसरी लहर, क्या फिर पिछले साल जैसे होंगे हालात?

दिल्ली में फिर 500 से ज्यादा कोरोना पॉजिटिव केस मिले हैं. (File)

दिल्ली में फिर 500 से ज्यादा कोरोना पॉजिटिव केस मिले हैं. (File)

Maharashtra Covid-19 Cases: केंद्रीय स्वास्थ्य सचिव राजेश भूषण ने दो कठोर लहजे में लिखे गए पत्रों में राज्य के स्वास्थ्य सचिव को कहा कि महाराष्ट्र के हालात का जायजा लेने के लिए भेजी गई केंद्रीय टीम ने पाया कि राज्य में कोविड उपयुक्त व्यवहार नहीं हो रहा, मामलों की अपर्याप्त ट्रैकिंग और टेस्टिंग हो रही है और टीकाकरण की गति में भी कमी है.

  • News18Hindi
  • Last Updated: March 17, 2021, 10:11 PM IST
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नई दिल्ली. महाराष्ट्र में कोरोना की दूसरी लहर की दस्तक के बाद राज्य से लेकर केंद्र में चिंताएं बढ़ गई हैं. नागपुर में पूरी तरह से लॉकडाउन लगा दिया गया है जबकि कई शहरों में पाबंदियां बढ़ा दी गई हैं. इस बीच केंद्र ने राज्य सरकार को इस बीमारी से निपटने के लिए कई सुझाव दिए हैं. बता दें कि कोरोना महामारी से पिछले साल महाराष्ट्र में काफी मौतें हुई थीं. राज्य के सीएम उद्धव ठाकरे कई बार लोगों को कोरोना गाइडलाइंस मानने की सलाह दे चुके हैं. इधर, कोरोना के बढ़ते मामलों के बीच कल पीएम नरेंद्र मोदी (PM Narnerdna Modi) देश के सभी राज्यों के सीएम के साथ बैठक करने वाले हैं.

केंद्र सरकार ने महाराष्ट्र की उद्धव ठाकरे सरकार को कोरोना वायरस संक्रमण के घातक परिणामों से बचने और आगामी महीनों में आ सकने वाली दूसरी लहर से बचने के लिए निर्देश दिए हैं. केंद्र के निर्देशानुसार महाराष्ट्र सरकार को राज्य की कंटेनमेंट की रणनीति बनाने, कॉन्टैक्ट ट्रेसिंग करने और टीकाकरण पर ध्यान केंद्रित करना होगा. केंद्रीय स्वास्थ्य सचिव राजेश भूषण ने दो कठोर लहजे में लिखे गए पत्रों में राज्य के स्वास्थ्य सचिव को कहा कि महाराष्ट्र के हालात का जायजा लेने के लिए भेजी गई केंद्रीय टीम ने पाया कि राज्य में कोविड उपयुक्त व्यवहार नहीं हो रहा, मामलों की अपर्याप्त ट्रैकिंग और टेस्टिंग हो रही है और टीकाकरण की गति में भी कमी है.

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एनडीटीवी की रिपोर्ट के मुताबिक भूषण ने अपने पत्र में लिखा कि महाराष्ट्र में कोरोना वायरस की दूसरी लहर की शुरुआत हो रही है. राज्य में ट्रैक, टेस्ट, आइसोलेट और संपर्कों को क्वारंटीन करने के प्रयास काफी सुस्त हैं. राज्य के शहरी और ग्रामीण इलाकों में कोविड उपयुक्त व्यवहार नहीं हो रहा है. देश में वर्तमान में जितने एक्टिव मामले हैं उसके 56 प्रतिशत सिर्फ महाराष्ट्र में हैं. देश के जिन 10 जिलों में सबसे अधिक केस हैं उसमें से आठ सिर्फ महाराष्ट्र में हैं. देश में सोमवार को 26,294 केस सामने आए हैं जिसमें से महाराष्ट्र के 16,620 नए मामले हैं. राज्य सरकार ने मामलों में कमी नहीं आने पर लॉकडाउन लगाने की चेतावनी दी है.
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केंद्रीय टीम ने 7-11 मार्च तक राज्य का दौरा किया था जिसके बाद स्वास्थ्य सचिव राजेश भूषण ने महाराष्ट्र के स्वास्थ्य सचिव सीताराम कुंते को 12 और 15 मार्च को कठोर लहजे में दो पत्र लिखे.

नासिक और औरंगाबाद में होगी जीनोम एनालिसिस
द प्रिंट की रिपोर्ट के मुताबिक भूषण ने अपने पत्र में खासतौर पर नासिक और औरंगाबाद जिलों में हो रही ज्यादा मौतों के मामले को उठाया और कहा कि इसके कारणों का पता लगाने के लिए जीनोम एनालिसिस किया जाना चाहिए. इसके अलावा उन्होंने राज्य में टेस्टिंग बढ़ाने पर भी जोर दिया और पॉजिटिविटी रेट को कम कर 5 प्रतिशत पर लाने के लिए कहा.

भूषण ने अपने दूसरे पत्र में लिखा कि जबकि परीक्षण का मुख्य आधार आरटी-पीसीआर होगा, राज्य को आईसीएमआर के मार्गदर्शन के अनुसार विशेष रूप से कंटेनमेंट क्षेत्रों में और उच्च जोखिम वाले सुपर-स्प्रेडर मसलन कि बस स्टॉप, रेलवे स्टेशनों, मलिन बस्तियों, घनी आबादी वाले क्षेत्रों आदि में आरएटी किट का उपयोग करना चाहिए.

केंद्रीय स्वास्थ्य सचिव ने राज्य में टीकाकरण की धीमी गति की ओर भी इशारा करते हुए कहा कि राज्य को वैक्सीन की 54.17 लाख खुराक की आपूर्ति की गई है और 12 मार्च तक 12.74 लाख अधिक खुराकें पहुंचेंगी. हालांकि, 12 मार्च तक केवल 23.98 लाख टीकाकरण किए गए हैं.
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