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अमेरिका में MBBS कर रही थी महाराष्ट्र की 21 साल की लड़की, पिता के एक फोन पर लौटी, जीता सरपंच का चुनाव

सरपंच चुनी गई यशोधरा शिंदे की उम्र 21 साल है. फोटोः News18 लोकमत

सरपंच चुनी गई यशोधरा शिंदे की उम्र 21 साल है. फोटोः News18 लोकमत

Maharashtra News: यशोधरा ने कहा, 'मैं अपने गांव के लोगों के विश्वास को महसूस कर सकती हूं क्योंकि मैं यहां कई वर्षों से ...अधिक पढ़ें

हाइलाइट्स

अमेरिका के जॉर्जिया में मेडिकल की पढ़ाई करने वाली 21 वर्षीय यशोधरा सरपंच बनने के लिए भारत लौटीं
यशोधरा महाराष्ट्र के सांगली जिले के वड्डी गांव में सरपंच पद का चुनाव जीत गईं
उनके पिता ने उन्हें फोन पर यह चुनाव लड़ने को कहा था

कोल्हापुर. जॉर्जिया में MBBS की पढ़ाई करने वाली 21 वर्षीय यशोधरा शिंदे की जिंदगी में एक ऐसा मोड़ आया कि सबकुछ बदल गया. दरअसल उनके पिता ने उन्हें फोन पर महाराष्ट्र के सांगली जिले के वड्डी गांव में सरपंच पद का चुनाव लड़ने के लिए कहा, तो उन्होंने अपना बैग पैक किया और भारत लौट आईं. यशोधरा कहतीं हैं कि, ‘यह एक ऐसा निर्णय था, जिसके लिए मुझे कोई पछतावा नहीं हुआ.’ वह सांगली जिले में वड्डी ग्राम पंचायत चुनाव में सरपंच के रूप में चुनी गईं हैं. इस चुनाव में शिंदे गुट के पैनल ने एकतरफा जीत हासिल की है और सभी सीटों पर प्रत्याशी चुने गए हैं.

TOI की रिपोर्ट के अनुसार, यशोधरा ने कहा, ‘मैं अपने गांव के लोगों के विश्वास को महसूस कर सकती हूं क्योंकि मैं यहां कई वर्षों से रह रही हूं, इसलिए मेरे दिल में अपने गांव के लिए एक विशेष स्थान है. मैं यहां की समस्याओं को जानती हूं. महिलाओं और बच्चों के स्वास्थ्य पर तत्काल ध्यान देने की जरूरत है.’

उन्होंने आगे अपने परिवार के बारे में बताते हुए कहा कि, ‘मेरे परदादा और मेरी दादी दोनों ने 15 साल तक पड़ोसी नरवाड़ गांव के सरपंच के रूप में योगदान दिया है. यहां के लोग चाहते थे कि मेरे परिवार से कोई इस पद के लिए चुनाव लड़े, इस उम्मीद में कि उन्हें एक बार फिर विकास देखने को मिले.’

सरपंच क्यों बनना चाहती थी यशोधरा?
वड्डी सांगली जिले में मिराज शहर के पास 5000 लोगों का एक छोटा सा गांव है. यशोधरा महेंद्र सिंह शिंदे यहीं से ग्राम पंचायत चुनाव में सरपंच पद की उम्मीदवार बनीं. विदेशों की तरह स्वच्छ पेयजल, शिक्षा, स्वास्थ्य और नागरिक सुविधाएं ग्रामीणों तक क्यों नहीं पहुंचती? इसी सोच से वह सीधे चुनाव मैदान में कूद गईं.

ऑनलाइन तरीके से अपनी पढ़ाई भी पूरी करूंगी
करीब 147 मतों से जीतने के बाद यशोधरा अपनी पढ़ाई बंद नहीं करना चाहती हैं. उन्होंने कहा, ‘मैं अभी चौथे वर्ष में हूं, मेरे मेडिकल स्नातक को पूरा करने के लिए केवल डेढ़ साल का समय बचा है. मैं इसे ऑनलाइन पूरा करूंगी. जॉर्जिया में रह रहें मेरे दोस्तों ने मुझे बधाई देने और हर संभव मदद करने के लिए फोन किया. मेरा डॉक्टर बनने का सपना है और मैं इसके साथ-साथ सरपंच पद पर रहते हुए अपने लोगों की सेवा करती रहूंगी.’

Tags: Gram Panchayat Elections, Maharashtra News

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