महाराष्ट्र: पालघर में साधुओं की मॉब लिंचिंग पर बवाल, 110 लोग गिरफ्तार, जुवेनाइल होम भेजे गए 9 आरोपी

पालघर जिले में करीब 200 लोगों की चोर होने के शक में तीन लोगों की पीट-पीटकर हत्या कर दी थी.

पालघर जिले में करीब 200 लोगों की चोर होने के शक में तीन लोगों की पीट-पीटकर हत्या कर दी थी.

पालघर जिले में करीब 200 लोगों ने चोर होने के शक में तीन लोगों की पीट-पीटकर (Mob Lynching) हत्या कर दी थी. बाद में इनमें से 2 लोगों के साधु होने की पुष्टि हुई, जबकि तीसरा शख्स ड्राइवर बताया गया.

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  • Last Updated: April 20, 2020, 6:21 PM IST
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मुंबई. महाराष्ट्र के पालघर में दो साधु समेत तीन लोगों की हुई मॉब लिंचिंग (Mob Lynching) के मामले में एफआईआर दर्ज कर 110 लोगों को गिरफ्तार किया गया है. इनमें से 101 लोगों को 30 अप्रैल तक पुलिस कस्टडी में भेजा गया है, जबकि 9 नाबालिगों को जुवेनाइल सेंटर होम में भेज दिया गया. महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री कार्यालय (सीएमओ) ने ट्वीट करके ये जानकारी दी.

महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री कार्यालय ने ट्वीट किया, 'पालघर की घटना पर कार्रवाई की गई है. जिन्होंने 2 साधु, एक ड्राइवर और पुलिस कर्मियों पर हमला किया था, पुलिस ने घटना के दिन ही उन सभी आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है. इस अपराध और शर्मनाक कृत्य के अपराधियों को कठोर दंड दिया जाएगा.'

बता दें कि पालघर जिले में करीब 200 लोगों की भीड़ ने चोर होने के शक में तीन लोगों की पीट-पीटकर हत्या कर दी थी. बाद में इनमें से 2 लोगों के साधु होने की पुष्टि हुई, जबकि तीसरा शख्स ड्राइवर बताया गया. यह घटना उस समय हुई, जब गुरुवार रात ये लोग मुंबई के कांदीवली से कार में सवार होकर गुजरात के सूरत जा रहे थे. घटना को लेकर विपक्ष, उद्धव सरकार पर लगातार हमलवार है.

पुलिस के मुताबिक, मॉब ने इको वैन में बैठे दोनों साधु और उनके ड्राइवर को चोर समझकर उनकी मॉब लिंचिंग कर दी. मृतक की पहचान सुशील गिरि महाराज, चिकने महाराज कल्पवरुक्षगिरी और ड्राइवर नीलेश तेलगाड़े के तौर पर हुई है.उच्च स्तरीय जांच के आदेशराज्य के गृह मंत्री अनिल देशमुख ने रविवार को जांच का आदेश दिए जाने की जानकारी देते हुए इस घटना को कोई सांप्रदायिक रंग नहीं देने की भी चेतावनी दी. देशमुख ने ट्वीट किया, 'सूरत जा रहे तीन लोगों की पालघर में हुई हत्या में संलिप्त 101 लोगों को पुलिस ने हिरासत में लिया है. हत्या के मामले में मैंने उच्च स्तरीय जांच का आदेश दिया है.'



अनिल देशमुख ने कहा कि पुलिस ऐसे लोगों पर करीबी नजर रख रही है, जो इस घटना के जरिए समाज में वैमनस्य पैदा करना चाहते हैं. उन्होंने कहा, 'पालघर की घटना में जो लोग मारे गए और जिन्होंने हमला किया, वह अलग-अलग धर्मों के नहीं थे.' (PTI इनपुट के साथ)

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