महाराष्ट्र में फिलहाल बंद रहेंगे धार्मिक स्थल, आज से शुरू होगी मेट्रो

महाराष्ट्र सरकार ने बुधवार को नए दिशानिर्देश जारी किए जिसमें कहा गया है कि धार्मिक स्थल और शैक्षणिक संस्थान इस माह के अंत तक बंद रहेंगे.
महाराष्ट्र सरकार ने बुधवार को नए दिशानिर्देश जारी किए जिसमें कहा गया है कि धार्मिक स्थल और शैक्षणिक संस्थान इस माह के अंत तक बंद रहेंगे.

Maharashtra News: अनलॉक की तर्ज पर महाराष्ट्र में चल रहे बिगेन अगेन के तहत 15 अक्टूबर से राज्य में मेट्रो सेवाएं शुरू होने जा रही हैं हालांकि धार्मिक स्थल और शैक्षणिक संस्थानों को फिलहाल बंद ही रखा गया है.

  • News18Hindi
  • Last Updated: October 15, 2020, 7:36 PM IST
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मुंबई. महाराष्ट्र सरकार (Maharashtra Government) ने बिगेन अगेन (Begin Again) के तहत 15 अक्टूबर से मेट्रो रेल सेवाएं (Metro Rail Services) शुरू करने की मंजूरी दे दी है. हालांकि राज्य में धार्मिक स्थलों (Religious Places) को फिलहाल बंद ही रखा गया है. महाराष्ट्र सरकार ने बुधवार को नए दिशानिर्देश जारी किए जिसमें कहा गया है कि धार्मिक स्थल, स्कूल, कॉलेज व अन्य शैक्षणिक संस्थान में नियमित कक्षाएं फिलहाल 31 अक्टूबर तक बंद रहेंगी. हालांकि 15 अक्टूबर से लाइब्रेरियों को खोला जा रहा है. दिशानिर्देशों के मुताबिक 15 अक्टूबर से मेट्रो सेवाओं को ग्रेडड तरीके से शुरू किया जाएगा. शादियों और व्यक्तिगत कार्यक्रमों में 50 से ज्यादा लोगों को शामिल होने की इजाजत नहीं होगी जबकि अंतिम संस्कार में सिर्फ 20 लोग ही शामिल हो सकेंगे.

महाराष्ट्र में धार्मिक स्थलों को खोलने की विपक्ष लगातार मांग कर रहा है. इस संबंध में महाराष्ट्र के राज्यपाल भगत सिंह कोश्यारी (Governor Bhagat Singh Koshiyari) ने मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे (CM Uddhav Thackeray) को पत्र भी लिखा था जिसकी भाषा को लेकर काफी विवाद भी खड़ा हो गया था. वहीं भाजपा (BJP) की आध्यात्मिक शाखा के सदस्यों ने महाराष्ट्र में धार्मिक स्थलों को खोले जाने की अपनी मांग के समर्थन में साईबाबा मंदिर (Sai Baba Mandir) के बाहर प्रदर्शन किया. इस शाखा के सदस्यों में महंत और संत शामिल हैं. उन्होंने अहमदनगर जिले में स्थित इस प्रसिद्ध मंदिर में प्रवेश पर जोर दिया लेकिन उन्हें ऐसा करने की अनुमति नहीं दी गई.





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पुलिस ने इस दौरान 10 लोगों को हिरासत में लिया जिनमें आचार्य तुषार भोसले भी शामिल हैं. भोसले राज्य में भाजपा की आध्यात्मिक शाखा के प्रमुख हैं. इस संबंध में एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी ने बताया कि हिरासत में लिए गए लोगों को बाद में छोड़ दिया गया.

उद्धव ने राज्यपाल की चिट्ठी पर दिया था ये जवाब
बता दें इससे पहले महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे ने राज्यपाल कोश्यारी को सूचित किया था कि राज्य में कोविड-19 संबंधी हालात की पूरी समीक्षा के बाद धार्मिक स्थलों को पुन: खोलने का फैसला किया जाएगा. ठाकरे ने कोश्यारी के सोमवार को लिखे पत्र के जवाब में मंगलवार को पत्र लिखकर कहा कि राज्य सरकार इन स्थलों को पुन: खोलने के उनके अनुरोध पर विचार करेगी.

कोश्यारी ने अपने पत्र में कहा था कि उनसे तीन प्रतिनिधिमंडलों ने धार्मिक स्थलों को पुन: खोले जाने की मांग की है. ठाकरे ने अपने जवाब में कहा कि यह संयोग है कि कोश्यारी ने जिन तीन पत्रों का जिक्र किया है, वे भाजपा पदाधिकारियों और समर्थकों के हैं.

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कोश्यारी आरएसएस से जुड़े रहे हैं और भाजपा के उपाध्यक्ष रह चुके हैं. उन्होंने मुख्यमंत्री को लिखे पत्र में कहा था, ‘‘क्या आप अचानक धर्मनिरपेक्ष हो गए हैं?’’ इसके जवाब में ठाकरे ने सवाल किया कि क्या कोश्यारी के लिए हिंदुत्व का मतलब केवल धार्मिक स्थलों को पुन: खोलने से है और क्या उन्हें नहीं खोलने का मतलब धर्मनिरपेक्ष होना है.

ठाकरे ने कहा, ‘‘क्या धर्मनिरपेक्षता संविधान का अहम हिस्सा नहीं है, जिसके नाम पर आपने राज्यपाल बनते समय शपथ ग्रहण की थी.’’ उन्होंने कहा, ‘‘लोगों की भावनाओं और आस्थाओं को ध्यान में रखने के साथ साथ, उनके जीवन की रक्षा करना भी अहम है. लॉकडाउन अचानक लागू करना और समाप्त करना सही नहीं है.’’
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