महाराष्ट्र में घट रहे कोरोना के आंकड़े, लेकिन मौतों की बढ़ती संख्या से टेंशन

महाराष्ट्र में कोरोना वायरस के चलते अब तक 85 हजार से ज्यादा लोगों की जान गई है  (प्रतीकात्मक तस्वीर)

महाराष्ट्र में कोरोना वायरस के चलते अब तक 85 हजार से ज्यादा लोगों की जान गई है (प्रतीकात्मक तस्वीर)

Coronavirus in Maharashtra: महाराष्ट्र में घट रहे कोरोनावायरस के मामलों से राहत मिलने के बजाय बढ़ रहे मौत के आंकड़ों ने चिंता बढ़ा दी है. इसके साथ ही साथ महाराष्ट्र में ब्लैक फंगस के मामले भी तेजी से बढ़ रहे हैं.

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मुंबई. महाराष्ट्र में कोरोना वायरस के मामलों में लगातार आ रही कमी से लोगों को राहत तो मिल रही है लेकिन तेजी से बढ़ रहे मौत के आंकड़ों ने चिंता भी बढ़ा दी है. महाराष्ट्र में गुरुवार को कोरोना वायरस के 29,911 नए केस सामने आए हैं जबकि कोरोना के चलते राज्य में 738 लोगों ने अपनी जान गंवाई है. हालांकि पिछले 24 घंटे में 47,371 मरीजों को अस्पताल से छुट्टी भी दी गई है. राज्य में अभी 3,83,253 एक्टिव केस हैं. महाराष्ट्र में फिलहाल अब तक कोरोना के मामलों की संख्या 54,97,448 हो गई है.

मुंबई में बीते एक दिन में 1425 नए केस सामने आए जबकि 1460 लोग ठीक भी हुए. इसके साथ ही 24 घंटे में कोरोना संक्रमण के चलते 59 लोगों को अपनी जान गंवानी पड़ी. मुंबई में कुल मामलों की संख्या 6,93,644 हो गई है जबकि अब तक 6,47,623 लोग ठीक हो चुके हैं. मुंबई में कोरोना वायरस के चलते हुई कुल मौतों का आंकड़ा 14,468 पर पहुंच गया है. फिलहाल यहां एक्टिव मामलों की संख्या 29,525 हो गई है.

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इससे एक दिन पहले महाराष्ट्र में 34,031 केस सामने आए थे वहीं 594 लोगों की जान गई थी.
महाराष्ट्र में कोरोना वायरस के मामलों के साथ ही ब्लैक फंगस भी परेशानी का सबब बना हुआ है. राज्य में अब तक इस जानलेवा फंगस के चलते कोरोना वायरस के उबर चुके 90 से ज्यादा लोग जान गंवा चुके हैं.  इसे लेकर महाराष्ट्र के स्वास्थ्य मंत्री राजेश टोपे ने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी से बृहस्पतिवार को कहा कि राज्य में इस वक्त चिंता का सबसे बड़ा विषय म्यूकरमाइकोसिस या ब्लैक फंगस है जिसके कारण यहां 90 लोगों की जान जा चुकी है. उन्होंने कहा कि राज्य सरकार को इसके उपचार के लिए अधिक मात्रा में दवाओं की जरूरत है.

प्रधानमंत्री मोदी की महाराष्ट्र के 17 जिलाधिकारियों के साथ हुई बैठक में टोपे ने यह कहा. बैठक में केंद्रीय स्वास्थ्य सचिव राजेश भूषण भी शामिल हुए. टोपे ने राज्य के लिए मांगें रखते हुए कहा कि कोविड-19 के मामलों में कमी आने के चलते रेमडेसिविर जैसी दवाओं और ऑक्सीजन की आवश्यकता स्थिर हुई है और फिलहाल महाराष्ट्र में म्यूकरमाइकोसिस चिंता का प्रमुख विषय बना हुआ है.

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बुधवार को टोपे ने संवाददाताओं से कहा था कि म्यूकरमाइकोसिस के उपचार में काम आने वाली दवा एम्फोटेरिसिन-बी की महाराष्ट्र में कमी है और राज्य को इस दवा की केवल 16,000 शीशियां ही केंद्र से मिली हैं जबकि आवश्यकता डेढ़ से दो लाख शीशियों की है.


बृहस्पतिवार को बैठक के बाद टोपे ने कहा, ‘‘मैंने केंद्र को सूचित किया है कि राज्य सरकार के समक्ष म्यूकरमाइकोसिस चिंता का प्राथमिक विषय है. राज्य में इसके अधिक मामले होने के कारण एम्फोटेरिसिन-बी दवा के अधिक आवंटन और आपूर्ति की जरूरत है.’’

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