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महाराष्‍ट्र में अब रेपिस्‍ट को मिलेगी सज़ा-ए-मौत! 15 दिनों में होगी जांच, आज पारित हो सकता है शक्ति बिल

महाराष्‍ट्र में सख्‍त होगा कानून. (File Pic)
महाराष्‍ट्र में सख्‍त होगा कानून. (File Pic)

इस विधेयक में ऐसे अपराधों की 15 दिनों के अंदर जांच पूरी करने और आरोपपत्र दाखिल करने एवं सुनवाई 30 दिनों के अंदर पूरी करने का प्रावधान है.

  • News18Hindi
  • Last Updated: December 15, 2020, 7:31 AM IST
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मुंबई. महाराष्ट्र (Maharashtra) में अब महिलाओं के खिलाफ अपराध (Crime against Women) करने वालों को कड़ी सजा मिल सकेगी. राज्‍य सरकार ने बलात्कार, तेजाब हमले एवं सोशल मीडिया पर महिलाओं और बच्चों के खिलाफ आपत्तिजनक सामग्री डालने जैसे अपराधों के लिए मृत्यु दंड एवं 10 लाख रुपये तक के जुर्माने समेत कठोर सजा के प्रावधान वाला शक्ति विधेयक (Shakti Bill) विधानसभा में पेश कर दिया है. अब इसके मंगलवार को विधानसभा में पारित होने की पूरी संभावना है.

आंध्र प्रदेश के दिशा अधिनियम की तर्ज पर बनाये गये ‘शक्ति’ नामक इस विधेयक में ऐसे अपराधों की 15 दिनों के अंदर जांच पूरी करने और आरोपपत्र दाखिल करने एवं सुनवाई 30 दिनों के अंदर पूरी करने का प्रावधान है. इस विधेयक के मंगलवार को सदन से पारित हो जाने की संभावना है. राज्य के गृह मंत्री अनिल देशमुख ने विधानमंडल के दो दिवसीय सत्र के पहले दिन महाराष्ट्र शक्ति आपराधिक कानून (महाराष्ट्र संशोधन) विधेयक, 2020 और महाराष्ट्र विशिष्ट विशेष अदालत (शक्ति कानून के तहत महिलाओं और बच्चों के विरूद्ध अपराधों के वास्ते) विधेयक पेश किये.

पहले विधेयक में सख्त सजा के लिए आईपीसी, आपराधिक दंड प्रक्रिया संहिता (सीआरपीसी), बाल यौन अपराध संरक्षण अधिनियम की संबंधित धाराओं में संशोधन का प्रावधान है जबकि दूसरा इस कानून के तहत सुनवाई के लिए राज्य के हर जिले में कम से कम एक विशेष अदालत की स्थापना के लिए है.

सीआरपीसी से जुड़े प्रस्तावित संशोधन जांच की अवधि दो महीने से घटाकर 15 दिन करने, सुनवाई की अवधि दो महीने से घटाकर 30 दिन करने और अपील की अवधि छह माह से घटाकर 45 दिन करने के लिए है.
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