Coronavirus: अगले साल महाराष्ट्र में कोरोना के सेकेंड वेव की आशंका, सरकार ने जारी किए अहम निर्देश

 (AP Photo/ Dar Yasin)
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Coroanvirus In Maharashtra: महाराष्ट् में अगले साल जनवरी-फरवरी में कोविड-19 की सेकेंड वेव आ सकती है. इसके मद्देनजर सरकार ने अहम दिशानिर्देश जारी किए हैं.

  • News18Hindi
  • Last Updated: November 12, 2020, 3:30 PM IST
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मुंबई. महाराष्ट्र में कोरोना वायरस की संक्रमण की दूसरी लहर की आशंका जताई जा रही है. सरकार की आशंका है कि अगले साल जनवरी या फरवरी में कोविड-19 का संक्रमण राज्य को फिर से झकझोर सकता है. इस बाबत सरकार ने स्वास्थ्य विभाग को सभी तैयारी करने के निर्देश दे दिए हैं. स्वास्थ्य सेवा निदेशालय द्वारा जारी एक चिट्ठी में कहा गया है, 'यूरोप के कई देश फिलहाल कोविड -19 की दूसरी लहर का सामना कर रहे हैं. इसको देखते हुए, यह संभावना है कि हम अगले साल जनवरी-फरवरी में भी दूसरी लहर का सामना कर सकते हैं.'

6 पन्ने की विस्तृत चिट्ठी में कोरोना वायरस संक्रमण को ध्यान में रखकर तैयारियों के लिए उपाय करने के निर्देश दिए हैं. इनमें पटाखा मुक्त दिवाली मनाना शामिल है. सरकार ने सभी जिला प्रशासन और नगर निगमों को कोविड -19 प्रबंधन के लिए जारी किए गए प्रोटोकॉल का सख्ती से पालन करने का निर्देश दिया है.

बीमारियों की समीक्षा के दिए निर्देश
सरकार द्वारा बताए गए उपायों में बताया गया है कि आईसीएमआर दिशानिर्देशों के अनुसार नियमित लैब परीक्षण और बीमारियों जैसे इन्फ्लूएंजा की निरंतर निगरानी की जाए. सरकार ने कहा कि इसकी मदद से कोरोना वायरस संक्रमण के प्रसार के बारे में पहले से ही चेतावनी मिल जाएगी. इसके साथ ही जिला प्रशासनों को ग्रामीण क्षेत्रों से इन्फ्लूएंजा जैसी बीमारियों की साप्ताहिक समीक्षा करने के लिए भी निर्देश दिया गया है.
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इसके साथ ही कोरोना के संभावित सुपर स्प्रेडर्स जैसे किराना की दुकान वाले, सब्जी विक्रेताओं, होटल मालिकों, वेटर, डिलीवरी वर्कर्स, हाउस हेल्प, ट्रांसपोर्ट कर्मियों, डेली वेज वर्कर्स, सुरक्षा गार्ड, पुलिस होमगार्ड जैसे सरकारी कर्मचारियों और अन्य लोगों पर खास निगरानी के लिए निर्देश दिए गए हैं.

सरकार ने उन क्षेत्रों में जहां कोविड -19 मामलों की संख्या ज्यादा हो वहां दवाओं के प्रबंधन और ऑक्सीजन की आपूर्ति, गंभीर रोगियों को सेवाएं, प्रशासकीय क्षमता बढ़ाने के लिए प्रशिक्षण कार्यक्रम के आधार पर अस्पतालों के आवंटन के बारे में भी विवरण जारी किया है. इसके साथ ही जन-जागरूकता पर भी विशेष जोर दिया गया है. कहा गया है कि इस बार लोग बिना पटाखों की दीपावली मनाएं.
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