महाराष्ट्र में किसी भी राज्य के राशन कार्ड से सामान ले सकेंगे प्रवासी मजदूर
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महाराष्ट्र में किसी भी राज्य के राशन कार्ड से सामान ले सकेंगे प्रवासी मजदूर
सरकार ने कहा कि जिन लोगों के पास किसी भी राज्य का राशन कार्ड नहीं है, उन्हें राशन की दुकानों पर अनाज नहीं दिया जाएगा.

महाराष्ट्र सरकार (Maharashtra Government) ने मंगलवार को बॉम्बे हाईकोर्ट (Bombay Highcourt) से कहा कि जिनके पास राशन कार्ड नहीं है वह भोजन कैंप और शिव भोजन थाली सेंटर्स से खाना ले सकते हैं.

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मुंबई. महाराष्ट्र सरकार (Maharashtra Government) ने मंगलवार को बॉम्बे हाईकोर्ट (Bombay Highcourt) को जानकारी दी कि प्रवासी मजदूर (Migrant Labours) अपने गृह राज्यों का राशन कार्ड दिखाकर यहां की राशन की दुकानों से जरूरी सामान ले सकते हैं. सरकार ने कहा कि जिनके पास राशन कार्ड नहीं है वह भोजन कैंप और शिव भोजन थाली सेंटर्स से खाना ले सकते हैं.

पुणे की रहने वाली वनिता चव्हाण द्वारा दाखिल की गई इस याचिका पर चीफ जस्टिस दीपांकर दत्ता और जस्टिस अमजद सईद की डिविजन बेंच सुनवाई कर रही थी. इस याचिका में चव्हाण ने कोविड-19 लॉकडाउन (Covid-19 Lockdown) के दौरान गरीबों को खाद्यान्न की आपूर्ति पर चिंता जताई था. चव्हाण ने अपनी दलील में दावा किया कि राज्य में राशन की दुकानों के माध्यम से खाद्यान्न का वितरण ठीक से नहीं किया गया था. उन्होंने अदालत से अपील की कि वह सरकार को प्रवासी श्रमिकों और घुमंतू जनजातियों को राशन कार्ड के बिना आवश्यक वस्तुएं प्रदान करने के दिशा-निर्देश दे.

कोर्ट ने सरकार से ये फैसला लेने के लिए कहा था
कोर्ट ने पिछले हफ्ते राज्य सरकार से इस बारे में फैसला लेने के लिए कहा था कि क्या वह कोविड-19 लॉकडाउन के बीच प्रवासी श्रमिकों और जरूरतमंद, जिनके पास राशन कार्ड नहीं हैं के लिए भारतीय खाद्य निगम से अतिरिक्त खाद्यान्न खरीदेगी.
मंगलवार को अपने हलफनामे में, सरकार ने कहा कि उसने पुणे जिले में फंसे व्यक्तियों और प्रवासियों की आवश्यकताओं को पूरा करने के लिए भारतीय खाद्य निगम से पहले ही खाद्यान्न की खरीद की है. हालांकि, सरकार ने कहा कि जिन लोगों के पास किसी भी राज्य का राशन कार्ड नहीं है, उन्हें राशन की दुकानों पर अनाज नहीं दिया जाएगा.



सरकार ने हलफनामे में दिया ये जवाब
हलफनामे में कहा गया है कि जहां तक फंसे हुए प्रवासी मजदूरों और अन्य जरूरतमंद व्यक्तियों का संबंध है, राज्य सरकार पहले से ही उन्हें तैयार भोजन या खाद्य अनाज के पैकेट उपलब्ध कराकर अपेक्षित उपाय कर रही है.

जिन लोगों के पास राशन कार्ड नहीं थे, उन्हें राहत शिविरों में भोजन और भोजन के पैकेट दिए गए हैं और वे महामारी के बीच राज्य भर के शिव भोज थाली केंद्रों में भोजन प्राप्त कर सकते हैं. अदालत ने हलफनामे को रिकॉर्ड में लिया और मामले को 19 मई को आगे की सुनवाई के लिए पोस्ट कर दिया.

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