महाराष्ट्र में 24 घंटे में कोरोना के 16,408 नए केस, आंकड़ा 7.8 लाख के पार
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महाराष्ट्र में 24 घंटे में कोरोना के 16,408 नए केस, आंकड़ा 7.8 लाख के पार
महाराष्ट्र में 24 घंटे में कोरोना के 16,408 नए केस (फाइल फोटो)

महाराष्ट्र (Maharashtra) में कोरोना के एक दिन में 16,408 नए मामले सामने आने के साथ रविवार को कुल आंकड़ा बढ़कर 7,80,689 पहुंच गया. वहीं महामारी से मरने वालों की कुल संख्या बढ़कर 24,399 हो गई है.

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मुंबई. महाराष्ट्र (Maharashtra) में कोरोना के एक दिन में 16,408 नए मामले सामने आने के साथ रविवार को कुल आंकड़ा बढ़कर 7,80,689 पहुंच गया. राज्य स्वास्थ्य विभाग के मुताबिक 296 और मरीजों की मौत हो जाने से राज्य में इस महामारी से मरने वालों की कुल संख्या बढ़कर 24,399 हो गई. स्वास्थ्य विभाग ने बताया कि करीब 7,690 मरीजों के इस रोग से उबरने के बाद उन्हें रविवार को अस्पतालों से छुट्टी दे दी गई. इसके साथ, राज्य में अब तक 5,62,401 मरीज संक्रमण मुक्त हो गये हैं.

राज्य में कोविड-19 मरीजों की मृत्यु दर 3.13 प्रतिशत है. राज्य में अभी 1,93,548 मरीज इलाजरत हैं. महाराष्ट्र के स्वास्थ्य मंत्री राजेश टोपे ने रविवार को कहा कि राज्य में पिछले एक महीने से जांच की तेज रफ्तार और रोगियों के संपर्क में आए लोगों का समय पर पता लगाने के कारण राज्य में कोविड-19 के अधिक मामले सामने आ रहे हैं.

हर रोज 50 हजार से ज्यादा जांच



टोपे ने कहा कि राज्य सरकार तैयारियों और बीमारी के बारे में जागरूकता उत्पन्न करने पर ध्यान दे रही है. उन्होंने कहा, ‘‘हम आक्रामक रूप से चार टी ‘ट्रैकिंग, ट्रेसिंग, टेस्टिंग, ट्रीटमेंट’ पर अत्यधिक ध्यान दे रहे हैं. कोविड-19 की जांच के लिए 400 प्रयोगशालाएं हैं और राज्य में हर रोज 50 हजार से अधिक जांच की जा रही हैं. एंटीजन जांच और आरटी-पीसीआर जांच इष्टतम क्षमता के साथ की जा रही हैं.’’
मंत्री ने यह भी कहा कि पिछले महीने में कोविड-19 के मामलों में प्रतिबंधों में ढील के कारण बढ़ोतरी हुई है. उन्होंने कहा, ‘मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे ‘अनलॉक’ प्रक्रिया के बारे में बहुत ही सतर्क हैं. यद्यपि हमने प्रतिबंध हटाने शुरू कर दिए हैं, लेकिन हमने धर्मस्थल, थिएटर, शॉपिंग मॉल और जिम मांग के बावजूद नहीं खोले हैं.’ टोपे ने कहा कि कोविड-19 से उबरने की दर इस समय 80 प्रतिशत है और मृत्यु दर लगभग 2.4 प्रतिशत है. रोजाना ठीक हो रहे लोगों की संख्या भी रोजाना आ रहे नए मामलों के लगभग बराबर ही है. इसलिए बिस्तरों की उपलब्धता को लेकर कोई समस्या नहीं है.
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