4T फॉर्मूले की वजह से धारावी से कोरोना संक्रमण निकला बाहर
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4T फॉर्मूले की वजह से धारावी से कोरोना संक्रमण निकला बाहर
4T फार्मूले की वजह से धारावी में कोरोना हुआ कम (फाइल फोटो)

धारावी (Dharavi) में कोरोना संक्रमण रोकने के लिए बीएमसी ने 4टी फार्मूला लागू किया. 4T यानी ट्रेसिंग, ट्रैकिंग, टेस्टिंग और ट्रीटिंग. इस 4 T पर फार्मूले के तहत धारावी में आज केसेस की संख्या कम हो गई है, हर दिन धारावी में कोरोना के मामले सिंगल डिजिट पर आ गए है.

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2.5 स्क्वायर किलोमीटर में फैला धारावी वैसे तो घनी आबादी के लिए देश सहित पूरी दुनिया में जाना जाता है, लेकिन इस बार धारावी की पहचान देश के सबसे संक्रमित इलाके के तौर पर हो रही थी. धारावी पर सबसे बड़ा संकट कोरोना का था और धारावी की पहचान दुनिया के सबसे बड़े स्लम की बजाए दुनिया में सबसे ज्यादा कोरोना प्रतिबंधित क्षेत्र के तौर पर हो रही थी. मुंबई में बढ़ रहे कोरोना के केस में ज्यादातर हिस्सा धारावी के इलाके से आ रहा था. तमाम सारी सरकारी मशीनरी धारावी को कोरोना मुक्त करने के लिए कोशिश कर रहे थे, लेकिन मई महीने तक आते-आते धारावी में संक्रमण की संख्या काफी तेजी के साथ पढ़ने लगी,  धारावी में संक्रमण के बढ़ रहे मामले की सबसे बड़ी वजह वहां की घनी बस्ती थी. कारीब 2.5 लाख लोग प्रति स्क्वायर किलोमीटर के दायरे में धारावी में रहते हैं यानि ढाई स्क्वायर किलोमीटर के भीतर करीब 7 से 8 लाख लोगों की आबादी रहती है. यहां रहने वाले लोगों में अधिकतर संख्या मजदूरों की है.

मई महीने से धारावी के केसेस को कम करने के लिए बीएमसी, सरकार और तमाम सारे स्वयंसेवी संगठनों ने जिम्मेदारी उठाई और सबसे पहले यहां के लोगों को बाहर सरकार द्वारा बनाए गए क्वारंटाइन सेंटरों में ले जाने की शुरूआत की. धारावी के असिस्टेंट कमिश्नर किरण दिघावकर को अपनी पूरी टीम के साथ धारावी का संक्रमण रोकने में अहम भूमिका जिम्मेदारी दी गई.

धारावी के असिस्टेंट कमिश्नर किरण दीघावकर बताते हैं कि धारावी के संक्रमण को रोकने में प्रमुख तौर पर पहला काम बीएमसी ने घनी आबादी से सभी लोगों को बाहर सरकारी और बीएमसी की तरफ से बनाए गए क्वारंटाइन सेंटर में शिफ्ट किया. जिससे संक्रमण को रोकने में एक स्तर पर सहायता मिली लेकिन उससे ज्यादा सहायता बीएमसी द्वारा "चेस द वायरस" अभियान से मिली जिसके तहत बीएमसी की कई टीमें धारावी के अलग-अलग इलाकों में जाकर सभी की थर्मल स्क्रीनिंग करके उन्हें बाहर निकालना और संस्थागत सेंटर में शिफ्ट करना था. धारावी में जिस समय कोरोना केस की संख्या सबसे ज्यादा थी उस समय धारावी का डबलिंग रेट 10 से 12 दिन का हो गया था,  लेकिन आज सरकारी प्रयासों के जरिए धारावी का डबलिंग रेट 200 दिन से ज्यादा का है.



धारावी की विधायक और राज्य में शिक्षा मंत्री वर्षा गायकवाड बताती हैं कि उनकी विधानसभा धारावी में इस संक्रमण को रोकना उनके लिए एक बड़ी चुनौती थी आज जिस तरीके से संक्रमण धारावी में रुका है वह पूरे देश के लिए एक मिसाल है और पूरे देश भर में इस तरीके से धारावी पैटर्न को लागू करना चाहिए. धारावी में संक्रमण रोकने के लिए बीएमसी ने 4टी फार्मूला लागू किया. 4T यानी ट्रेसिंग, ट्रैकिंग,  टेस्टिंग और ट्रीटिंग. इस 4 T पर फार्मूले के तहत धारावी में आज केसेस की संख्या कम हो गई है,  हर दिन धारावी में कोरोना के मामले सिंगल डिजिट पर आ गए है.
धारावी में अब तक 2338 कोरोना संक्रमित मरीजों संख्या है, धारावी की इस घनी बस्ती में 5000 जीएसटी रजिस्टर्ड उद्योग हैं, जबकि बीएमसी के लाइसेंस पर 15000 सिंगल रूम में छोटी-छोटी फैक्ट्री या कारखाने हैं. धारावी अब कोरोना के संक्रमण से करीब-करीब मुक्त हो चुका है तो इसका पूरा श्रेय वहां की बीएमसी की लोकल टीम तमाम स्वयंसेवी संगठन को जाता है, जिसने दिन रात मेहनत करके धारावी के संक्रमण को कम किया है.
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