उज्ज्वला योजना: 8 करोड़वीं लाभार्थी सिलेंडर मिलने पर सबसे पहले बनाएंगी बिरयानी

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Updated: September 9, 2019, 12:52 PM IST
उज्ज्वला योजना: 8 करोड़वीं लाभार्थी सिलेंडर मिलने पर सबसे पहले बनाएंगी बिरयानी
प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना के तहत बीपीएल परिवारों को रसोई गैस सिलेंडर मिलता है. (फाइल फोटो)

घरेलू गैस (LPG) से खाना पकाना भले ही कई लोगों के लिए बड़ी बात न हो, लेकिन उज्ज्वला योजना (Pradhan Mantri Ujjwala Yojana) की आठ करोड़वीं लाभार्थी आयशा शेख के लिए गैस कनेक्शन (Gas Connection) मिलना किसी सपने के साकार होने से कम नहीं है.

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औरंगाबाद. घरेलू गैस (LPG) से खाना पकाना भले ही कई लोगों के लिए बड़ी बात न हो, लेकिन उज्ज्वला योजना (Pradhan Mantri Ujjwala Yojana) की आठ करोड़वीं लाभार्थी आयशा शेख के लिए गैस कनेक्शन (Gas Connection) मिलना किसी सपने के साकार होने से कम नहीं है. अब इस खास मौके को यादगार बनाने के लिए वह गैस पर पहली बार बिरयानी (Biryani) बनाएंगी और अपने परिवार वालों को परोसेंगी.

महाराष्ट्र (Maharashtra) के औरंगाबाद (Aurangabad) जिले के अजंता गांव में पांच बच्चों की मां आयाशा दिहाड़ी मजदूर हैं. उन्हें खाना पकाने के लिए आसपास की जगहों से सूखी लकड़ियां जुटाना पड़ता था, जो अब बीते दिनों की बात हो गई है. आयशा शेख महत्वाकांक्षी प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना की आठ करोड़वीं लाभार्थी बनी हैं. योजना के तहत गरीबी रेखा से नीचे (BPL) जीवन-यापन करने वाले परिवारों की महिलाओं को एलपीजी कनेक्शन देने का प्रावधान है. शनिवार को आयशा को औरंगाबाद में एक कार्यक्रम में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने उज्ज्वला योजना के तहत गैस कनेक्‍शन का प्रमाणपत्र सौंपा था.

पीएम मोदी ने महिलाओं की बैठक को किया था संबोधित
मोदी स्वयं सहायता समूह की महिलाओं की बैठक ‘महिला सक्षम मेलवा’ को संबोधित करने और 10,000 एकड़ क्षेत्र में फैले औरंगाबाद औद्योगिक शहर का उद्घाटन करने के लिए यहां पहुंचे थे. यह देश का पहला हरित औद्योगिक स्मार्ट सिटी है.

'सिलेंडर और स्टोव मिलने पर सबसे पहले पकाऊंगी बिरयानी'
प्रमाणपत्र मिलने के बाद आयशा ने कहा, 'सिलेंडर और स्टोव मिलने के बाद मैं सबसे पहले बिरयानी पकाऊंगी. मैं खुश हूं, क्योंकि इस नए (गैस) कनेक्शन से मेरी मेहनत बच जाएगी.' आयशा ने कहा कि वह खाना पकाने के लिए लकड़ियों पर निर्भर थीं. यह बहुत मेहनत वाला रोजमर्रा का काम है और उसमें बहुत वक्त लग जाता है. आयशा ने कहा, 'मुझे आसपास की जगहों से सूखी लकड़ियां लानी होती थीं जो बहुत मेहनत का काम था. अब मुझे राहत होगी, क्योंकि मैं कम वक्त में खाना बना सकती हूं.'

तय समय से पहले पूरा हुआ 8 करोड़ का लक्ष्य
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सरकार ने निर्धारित समय-सीमा से करीब सात महीने पहले ही आठ करोड़ गरीबों को मुफ्त रसोई गैस कनेक्शन देने के लक्ष्य को हासिल कर लिया है. यह योजना 1 मई, 2016 को शुरू की गई थी. 1 मार्च 2019 तक पांच करोड़ लोगों को गैस कनेक्‍शन देने का लक्ष्य रखा गया था, जिसे बढ़ाकर वर्ष 2020 तक आठ करोड़ कर दिया गया.

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First published: September 9, 2019, 11:22 AM IST
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