Exclusive: आदित्य ठाकरे बोले, जनता की इच्छा से ही बनूंगा महाराष्ट्र का मुख्यमंत्री

आदित्य ठाकरे ने न्यूज18 से खास बातचीत में कहा है कि शिवसेना-भाजपा में है कुछ मतभेद हैं, लेकिन इन मतभेदों को सुलझाया जा सकता है. (फाइल फोटो)
आदित्य ठाकरे ने न्यूज18 से खास बातचीत में कहा है कि शिवसेना-भाजपा में है कुछ मतभेद हैं, लेकिन इन मतभेदों को सुलझाया जा सकता है. (फाइल फोटो)

महाराष्ट्र विधानसभा चुनाव (Maharashtra Assembly Election) की तारीखों के ऐलान से पहले युवा शिवसेना (Shiv Sena) प्रमुख आदित्य ठाकरे (Aditya Thackeray) ने न्यूज18 से खास बातचीत की है.

  • News18Hindi
  • Last Updated: September 16, 2019, 9:16 PM IST
  • Share this:
मुंबई. महाराष्ट्र विधानसभा चुनाव (Maharashtra Assembly Election) की तारीखों के ऐलान से पहले शिवसेना (Shiv Sena) के युवा प्रकोष्ठ के प्रमुख आदित्य ठाकरे (Aditya Thackeray) ने शिवसेना और बीजेपी के मतभेदों को लेकर बड़ा बयान दिया. आदित्य ने न्यूज़ 18 से खास बातचीत के दौरान कहा कि इसमें कोई दो राय नहीं है कि बीजेपी और शिवसेना के बीच कुछ मामलों में मतभेद हैं लेकिन हम इसे आपस में सुलझा सकते हैं और होगा भी ऐसा ही.

ठाकरे ने कहा कि, “भविष्य के मुख्यमंत्री के रूप में जनता ने उनका स्वागत किया, लेकिन जब मैं मुख्यमंत्री बनूंगा तो महाराष्ट्र की जनता की इच्छा से ही बनूंगा. अब देवेंद्र फडणवीस हमारे मुख्यमंत्री हैं और मुझे आशा है कि उन्होंने 2019 के लोकसभा चुनाव के पहले प्रेस कॉन्फ्रेंस में उन्होंने जो भी वादे किए थे, उन्हें पूरा करने का गौरव और सम्मान हासिल करेंगे. महाराष्ट्र में हमारा गठबंधन बना रहेगा. सीटों के बंटवारे में भाजपा और शिवसेना को कितनी-कितनी सीटें मिलेंगी, यह जल्द ही सार्वजनिक कर दिया जाएगा.

मुख्यमंत्री को इस मुद्दे पर नहीं दी गई सही जानकारी
आरे जंगल के मामले पर आदित्य ठाकरे ने कहा कि मुख्यमंत्री को इस मुद्दे पर सही जानकारी नहीं दी गई है. यह तो मुद्दा ही नहीं है कि यह जंगल भूमि है या सरकार की जमीन है. यहां मामला आरे जंगल के इलाके में जो जीवन है, उससे जुड़ा हुआ है.
इस मामले को लेकर अपनी धारणा बदलेंगे सीएम


आदित्य ठाकरे ने कहा कि उन्होंने आरे जंगल के मामले में एक प्रजेंटेशन तैयार किया है. मुझे पूरी उम्मीद है कि सीएम इस मामले को लेकर अपनी धारणा बदलेंगे. उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी सिंगल यूज प्लास्टिक पर बैन लगाकर पर्यावरण के पक्ष में बात कर रहे हैं. सीएम फडणवीस को भी इस पर ध्यान देना चाहिए.

कोई सक्षम भाषा नहीं है जिसका प्रयोग पूरे देश में किया जा सके
आदित्य ठाकरे ने कहा कि, मेरा विश्वास है कि देश में ऐसी कोई सक्षम भाषा नहीं है जिसका प्रयोग पूरे देश में भाषा के रूप में किया जा सके. एक भाषा विशेष की लोकप्रियता या महत्व अधिक हो सकता है, लेकिन उस भाषा का पूरे देश में प्रभुत्व हो, यह जरूरी नहीं है.

राजनीति में टिकने के लिए राजवंशों के उत्तराधिकारियों को भी लेना पड़ता है जनता से आशीर्वाद
राजनीति में वंशवाद है लेकिन राजवंशों के राजकुमारों को भी जनता का आशीर्वाद पाना जरूरी है नहीं तो वे राजनीति में अदृश्य हो जाएंगे. उन्होंने कहा कि, “मैं पार्टी के उतार-चढ़ाव का सामना कर यहां तक पहुंचा हूं. मैं राजनीति में लंबे समय तक काम करने के लिए आया हूं.”

रिपोर्ट - भूपेन 

ये भी पढ़ें - 
अगली ख़बर

फोटो

टॉप स्टोरीज