ठाकरे परिवार तोड़ेगा परंपरा, अब सीएम पद की रेस में आदित्य ठाकरे भी आए

राजनीतिक पद न लेने की परंपरा ठाकरे परिवार में लंबे समय से रही है. यही कारण था कि न तो बाला साहेब और न ही उद्धव ठाकरे ने कोई राजनीतिक पद संभाला. यहां तक कि बाला साहेब के भतीजे राज ठाकरे ने भी न कभी चुनाव लड़ा और न राजनीतिक पद पर आसीन हुए.

News18 Uttar Pradesh
Updated: July 19, 2019, 6:35 PM IST
ठाकरे परिवार तोड़ेगा परंपरा, अब सीएम पद की रेस में आदित्य ठाकरे भी आए
शिवसेना के प्रवक्ता संजय राउत ने कहा है कि अब आदित्य ठाकरे को महाराष्ट्र की कमान संभालनी चाहिए.
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Updated: July 19, 2019, 6:35 PM IST
राजनीतिक पद न लेने की परंपरा ठाकरे परिवार में लंबे समय से रही है. यही कारण था कि न तो बाला साहेब और न ही उद्धव ठाकरे ने कोई राजनीतिक पद संभाला. यहां तक कि बाला साहेब के भतीजे राज ठाकरे ने भी न कभी चुनाव लड़ा और न राजनीतिक पद पर आसीन हुए. लेकिन लगता है अब यह परंपरा टूटने वाली है. शिवसेना के प्रवक्ता संजय राउत ने कहा है कि अब आदित्य ठाकरे को महाराष्ट्र की कमान संभालनी चाहिए. राउत के मुताबिक यह शिवसेना की मुख्यमंत्री पद पर यात्रा की शुरुआत होगी. संजय राउत ने महाराष्ट्र में एक रैली के दौरान यह बात कही है.

दरअसल राज ठाकरे ने गुरुवार से अपनी जन आशीर्वाद यात्रा की शुरुआत की है. हालांकि खुद को आक्रामक तौर पर सीएम कैंडिडेट बताने से उन्होंने परहेज किया. लेकिन संजय राउत के भाषण के दौरान शिवसेना का राजनीति उद्देश्य स्पष्ट हो गया.

क्या बोले आदित्य ठाकरे
अपने भाषण के दौरान आदित्य ठाकरे ने वहां मौजूद लोगों को अपने भाषण से लुभाने की पूरी कोशिश की. उन्होंने कहा, 'मैं यहां कुछ भी हासिल करने नहीं आया हूं. मैं यहां आप लोगों के आशीर्वाद के लिए आया हूं. मेरे दादा और पिता ने मुझे सिखाया है कि मुझे आपका प्यार और दुआएं हासिल करनी चाहिए. चुनाव जीतने के बाद कोई भी आशीर्वाद लेने वापस नहीं आता. लेकिन मैं उन लोगों को धन्यवाद देने आया हूं जिन्होंने हमें वोट दिया और उन्हें मनाने भी जिन्होंने हमें वोट नहीं दिया.'



उन्होंने कहा कि लोग चार धाम यात्रा पर जाते हैं, मेरे लिए यह तीर्थ यात्रा है. ठाकरे ने संभावना जाहिर की कि आने वाले चुनावों में सिर्फ भगवा लहराएगा. उन्होंने रैली में मौजूद लोगों को आश्वासन दिया कि अगर कोई भी जरूरत हो तो शिव सैनिक को फोन लगाइए. आदित्य ठाकरे यह भी कहा कि अपनी यात्रा के दौरान वो जिन मुद्दों से रूबरू होंगे उनसे सीएम देवेंद्र फडणवीस को रूबरू कराया जाएगा.

क्यों हुआ उत्तर महाराष्ट्र का चयन
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यात्रा के दूसरे दिन आदित्य ठाकरे की रैली धुले में है. शिव सेना ने आदित्य ठाकरे की इस रैली की शुरुआत के लिए महाराष्ट्र के उत्तरी हिस्से को चुना है. इसका कारण पिछले कुछ समय में पार्टी का इस इलाके में कमजोर होना भी है. यात्रा के पहले चरण में पांच जिलों में आदित्य की रैलियां होंगी. इनमें जलगांव, धुले, नाशिक और नगर हैं. यात्रा का पहला चरण 22 जुलाई को समाप्त हो रहा है.

(विनय देशपांडे की रिपोर्ट)


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First published: July 19, 2019, 4:24 PM IST
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