3 साल पहले हॉस्पिटल से डिस्चार्ज हो चुकी महिला नहीं जाना चाहती घर, पुलिस में पहुंचा मामला

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Updated: September 9, 2019, 1:21 PM IST
3 साल पहले हॉस्पिटल से डिस्चार्ज हो चुकी महिला नहीं जाना चाहती घर, पुलिस में पहुंचा मामला
मामला मुंबई के बॉम्बे हॉस्पिटल की है. (फाइल फोटो)

2015 में एक महिला मुंबई के Bombay Hospital में अपना इलाज कराने आई थी. एक साल के बाद डॉक्टरों ने महिला को 2016 में हॉस्पिटल से डिस्चार्ज कर दिया. अब तीन साल बीतने को आए लेकिन महिला हॉस्पिटल छोड़कर जाने को राजी नहीं है.

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मुंबई: कोई भी इंसान हॉस्पिटल (Hospital) में भर्ती नहीं होना चाहता है. लेकिन स्थिति वैसी आ जाती है तो हॉस्पिटल में भर्ती होना पड़ता है. इसके बाद लोग जल्द से जल्द ठीक होकर घर लौटने की कोशिश करते हैं. लेकिन यहां मामला अलग है. मुंबई (Mumbai) की एक महिला हॉस्पिटल से 3 साल पहले डिस्चार्ज (Discharge) होने के बाद भी घर नहीं जाना चाहती है. दरअसल, 2015 में एक महिला मुंबई के बॉम्बे हॉस्पिटल (Bombay Hospital) में अपना इलाज कराने आई थी. उस समय महिला चलने और बैठ पाने में असमर्थ थी. लगभग एक साल तक चले इलाज के बाद डॉक्टरों ने महिला को 2016 में हॉस्पिटल से डिस्चार्ज कर दिया. अब तीन साल बीतने को आए लेकिन महिला हॉस्पिटल छोड़कर जाने को राजी नहीं है.

टाइम्स ऑफ इंडिया की रिपोर्ट के मुताबिक, महिला का नाम दीपिका पंजाबी है और उनकी उम्र 69 साल है. हॉस्पिटल प्रशासन ने बताया कि इलाज के बाद इन्हें डिस्चार्ज कर दिया गया लेकिन इनके परिवार से कोई भी औपचारिकताओं को पूरा करने के लिए नहीं आया. अब मैनेजमेंट ने हॉस्पिटल ने पुलिस से संपर्क साधा है.

हॉस्पिटल में रहने का नहीं लगता चार्ज
हॉस्पिटल की तरफ से दी गई जानकारी के मुताबिक, उनके हॉस्पिटल में रहने का कोई चार्ज नहीं लिया जाता है. वे सेकेंड फ्लोर पर जेनेरल वार्ड से सटे एक कमरे में रह रही हैं. ठीक हैं इसलिए उनके पास डॉक्टर को भेजने की जरूरत नहीं पड़ती. हां, ये जरूर है कि केयर टेकर डायपर वगैरह चेंज करती हैं और कमरे की सफाई भी कर देती हैं.

परिवार वाले घर ले जाने के इच्छुक नहीं
खबर के मुताबिक, दीपिका पंजाबी के परिवार वालों को कई बार हॉस्पिटल में देखा गया लेकिन जब उनसे संपर्क करने की कोशिश की जाती है, वे भाग जाते हैं. बताया जाता है कि परिवार वाले पास के ही एक केमिस्ट को दीपिका की देखभाल के लिए पैसे देते हैं. केमिस्ट ने कहा कि परिवार होने के बाद भी वे लोग देखभाल के लिए पैसे देते हैं और वे घर ले जाने के इच्छुक नहीं हैं. केमिस्ट ने बताया कि उनके पास एक स्मार्ट फोन भी है, जिससे वे ऑनलाइन फुड ऑर्डर करती हैं. परिवार वाले फोन का रिचार्ज कराते हैं.

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First published: September 9, 2019, 1:19 PM IST
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