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Assembly Election 2019: CM फेस के साथ चुनाव लड़ना BJP को महंगा तो नहीं पड़ रहा है!

Anil Rai | News18Hindi
Updated: October 24, 2019, 5:13 PM IST
Assembly Election 2019: CM फेस के साथ चुनाव लड़ना BJP को महंगा तो नहीं पड़ रहा है!
महाराष्ट्र और हरियाणा दोनों ही राज्यों में बीजेपी मुख्यमंत्री चेहरों के साथ विधानसभा चुनाव लड़ी.

महाराष्ट्र और हरियाणा दोनों ही राज्यों में बीजेपी (BJP) मुख्यमंत्री चेहरों के साथ विधानसभा चुनाव लड़ी लेकिन वैसी सफलता नहीं मिली.

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  • Last Updated: October 24, 2019, 5:13 PM IST
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नई दिल्ली. महाराष्ट्र और हरियाणा के चुनाव परिणाम आ चुके हैं. बीजेपी (BJP) दोनो राज्यों में सबसे बड़ी पार्टी के रूप में उभरी है, लेकिन दोनों राज्यों में बीजेपी बहुमत से दूर है. हालांकि महाराष्ट्र में बीजेपी-शिवसेना (Shiv Sena) गठबंधन को स्पष्ट बहुमत मिल गया है, लेकिन बीजेपी को यहां एक दर्जन से ज्यादा सीटों का नुकासन दिख रहा है. हरियाणा में तो बीजेपी के हाथ से सत्ता जाती दिख रही है. बीजेपी को सत्ता में रखने के लिए पार्टी के शीर्ष नेतृत्व ने पंजाब में पूर्व मुख्यमंत्री प्रकाश सिंह बादल के माध्यम से जेजीपी को संदेश तक भिजवाना पड़ा है. मतलब साफ है कि दोनों राज्यों में बीजेपी के मुख्यमंत्री चेहरों ने वह भरोसा नहीं दिखाया, जो भरोसा उन्हें प्रधानमंत्री मोदी (PM Narendra Modi) के निर्णय पर था. इन दोनों ही राज्यों में पांच साल पहले बिना किसी सीएम चेहरे के चुनाव में बीजेपी उतरी थी और जोरदार ढंग से सत्ता में वापसी की थी.

पहले भी फेल हो चुका है सीएम फेस का प्रयोग

वर्ष 2018 के अंत में जिन तीन राज्यों में विधानसभा चुनाव हुए थे, उनमें भी बीजेपी मुख्यमंत्रियों का चेहरा लेकर मैदान में गई थी और परिणाम ठीक उल्टे आए. राजस्थान, मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़ तीनों राज्यों में बीजेपी सरकार सत्ता से बाहर चली गई. राजनीतिक समीक्षकों को लगा कि जनता बीजपी से नाराज हैं लेकिन विधानसभा चुनावों के बाद हुए 2019 के लोकसभा चुनाव में बीजेपी ने जबरदस्त वापसी की. प्रधानमंत्री मोदी के चेहरे पर जनता ने ऐसी मुहर लगाई कि जिन राज्यों में कांग्रेस ने चंद महीनों पहले बीजेपी को सरकार से बाहर किया था, वहां उसका खाता भी मुश्किल से ही खुल पाया. साफ है देश की जनता को जो भरोसा प्रधानमंत्री मोदी के चेहरे पर है, वैसा भरोसा बीजेपी का कोई मुख्यमंत्री अपने राज्य में नहीं बना पाए हैं.

आखिर क्यों सफल नहीं हुआ सीएम फेस का प्रयोग

वर्ष 2014 में केन्द्र में भारतीय जनता पार्टी की सरकार बनने के बाद जिन राज्यों में चुनाव हुए बीजेपी ने किसी भी राज्य में सीएम का चेहरा घोषित नहीं किया था. हर राज्य में बीजेपी ने प्रधानमंत्री मोदी के चेहरे पर चुनाव लड़ा और दिल्ली छोड़ हर राज्य में बीजेपी सत्ता में आई. नरेन्द्र मोदी के प्रधानमंत्री बनने के बाद महाराष्ट्र में हुए चुनाव में शिवसेना का साथ छोड़ने के बाद भी बीजेपी सत्ता की करीब पहुंची और मजबूरी में शिवसेना को साथ आना पड़ा. हरियाणा और झारखंड में बीजेपी की सरकार बनी. यहां तक नॉर्थ ईस्ट के राज्यों असम और त्रिपुरा में बीजेपी की सरकार बनी.

उत्तर प्रदेश में शानदार ढंग से बीजेपी ने की थी वापसी

उत्तर प्रदेश जैसे बड़े राज्य में दशकों से सत्ता से बाहर रही बीजेपी 325 सीटें जीतकर सत्ता में लौटी. पश्चिम बंगाल और बिहार में भी बीजेपी ने अपनी सीटें बढ़ा ली. ऐसे में सवाल ये है कि आखिर बीजेपी का सीएम चेहरे का प्रयोग असफल क्यों हो रहा है. जानकारों की मानें तो बीजेपी के सीएम चेहरे जनता में वो भरोसा नहीं जगा पाए, जो उन्हें प्रधानमंत्री मोदी पर है. इसके साथ ही ये दोनों चेहरे स्थानीय स्तर पर पार्टी को उस तरह एक नहीं रख पाए जिस तरह प्रधानमंत्री मोदी और पार्टी अध्यक्ष अमित शाह रखते हैं.
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First published: October 24, 2019, 5:13 PM IST
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