बाबा साहेब आंबेडकर स्मारक को पहली ईंट का इंतज़ार, राजनीति तेज

दरअसल धीमी गति से चल रहे बाबासाहेब आंबेडकर स्मारक निर्माण कार्य को लेकर राजनैतिक पार्टियां एक दूसरे पर बाबासाहेब की अनदेखी का आरोप लगा रही है.

Aman Sayyad | News18Hindi
Updated: December 6, 2018, 8:32 AM IST
बाबा साहेब आंबेडकर स्मारक को पहली ईंट का इंतज़ार, राजनीति तेज
(फाइल फोटो- बाबा साहेब अंबेडकर)
Aman Sayyad | News18Hindi
Updated: December 6, 2018, 8:32 AM IST
हर साल की तरह इस साल भी 6 दिसंबर को बाबा साहेब अंबेडकर के महापरिनिर्वाण दिवस पर मुंबई के चैत्यभूमि में लाखों लोग इकट्ठा होंगे, इसके साथ ही बंबई में बाबासाहेब आंबेडकर के स्मारक पर राजनीति भी एक बार फिर तेज हो गई है.

खुद प्रधानमंत्री की पहल पर बीजेपी लंदन से लेकर हिंदुस्तान तक बाबा साहेब की विरासत संजोने में जुटी है. बीजेपी का दावा है कि देश के महापुरुषों को उनकी जगह मिलनी चाहिए, लेकिन विपक्ष इस कोशिश को सियासत बता रहा है.

2014 के अपने मेनिफेस्टो में स्मारक बनाने का वादा कर चुकी बीजेपी का दावा है कि स्मारक का काम 2020 तक हो जाएगा पर सवाल यह कि जिस स्मारक की जमीन पर काम शुरू करने के लिए ही 8 साल का समय लग गया हो तो क्या स्मारक अगले 2 साल में बन पाएगा? ऐसा हम इसलिए कह रहे हैं क्योंकि न्यूज 18 इंडिया के हाथ वे तस्वीरें लगी हैं, जिसमे साफ दिख रहा है कि स्मारक बनने की जगह पर यानि इंदु मिल पर अब तक स्मारक के लिए एक ईंट तक नहीं रखी गई है.

विपक्ष ने भी सरकार की मंशा पर सवाल खड़े करते हुए आरोप लगा दिया है कि बीजेपी स्मारकों के जरिए बस महापुरुषों को अपना बताने में जुटी है, जबकि खुद उन महापुरुषों के आदर्शो पर नहीं चलती है.

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एनसीपी प्रवक्ता ने न्यूज 18 से बातचीत में कहा, 'बीजेपी को सत्ता में आए 4 साल हो गए हैं. प्रधानमंत्री ने भी 2015 में स्मारक के लिए भूमिपूजन किया था पर उसके बाद कुछ नहीं हुआ. बाबा साहेब के स्मारक के लिए अब तक एक ईंट तक नहीं रखी गई है, जबकि हमने स्मारक के लिए सबसे पहले पहल की थी.

बाबा साहेब के पौत्र प्रकाश आंबेडकर ने कहा, ' सरकार की नजर इंदु मिल की जमीन पर है, सरकार वहां स्मारक नहीं बनाना चाहती, इसलिए देरी की जा रही है. महाराष्ट्र सरकर दिल्ली के इशारे पर चलती है और दिल्ली कुछ और ही चाहती है, यानी केंद्र सरकार स्मारक निर्माण नहीं चाहती है.'
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बता दें अंबेडकर के भव्य स्मारक के लिए साल 2011 में तब की कांग्रेस एनसीपी सरकार ने इंदु मिल की जमीन देने का ऐलान किया था. फिर सरकार बदली और साल 2015 में प्रधानमंत्री मोदी ने इंदु मिल में स्मारक के लिए भूमिपूजन किया.

बीजेपी प्रवक्ता माधव भंडारी ने कहा , 'बाबा साहेब का भव्य स्मारक बनना है इसलिए समय लग रहा है, पर सरकार का पूरा प्रयत्न है जल्द से जल्द स्मारक बनें, जो लोग देरी की बात कर रहे है उन लोगो ने क्या किया वे पहले जवाब दें.'

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