महाराष्ट्र कांग्रेस का बड़ा बयान, शिवसेना ने अगर हमें सरकार बनाने का प्रस्ताव दिया तो सोचेंगे

बालासाहब थोराट ने शिवसेना को समर्थन देने का संकेत देकर  राजनीति को दिलचस्प बना दिया है.
बालासाहब थोराट ने शिवसेना को समर्थन देने का संकेत देकर राजनीति को दिलचस्प बना दिया है.

महाराष्ट्र कांग्रेस (Maharashtra Congress) के के बयान ने बीजेपी की मुश्किलें बढ़ा दी हैं. महाराष्ट्र में कांग्रेस के अध्यक्ष बालासाहब थोराट (Bala Sahab Thorat) ने एक बयान देकर बड़ा संकेत दिया है. उन्होंने कहा है कि अगर एनसीपी और शिवसेना मिलकर सरकार बनाने के बारे में सोचते हैं तो हम दिल्ली में आलाकमान से बात करेंगे.

  • News18Hindi
  • Last Updated: October 25, 2019, 10:02 PM IST
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मुंबई. महाराष्ट्र विधानसभा चुनाव (Maharashtra Assembly election 2019) में भले बीजेपी (BJP) शिवसेना को बहुमत मिल गया हो, लेकिन सत्ता की चाबी अपने हाथ में रखने की होड़ में कहानी उलझती नजर आ रही है. महाराष्ट्र कांग्रेस (Maharashtra Congress) के के बयान ने बीजेपी की मुश्किलें बढ़ा दी हैं. महाराष्ट्र में कांग्रेस के अध्यक्ष बालासाहब थोराट (Bala Sahab Thorat) ने एक बयान देकर बड़ा संकेत दिया है. उन्होंने कहा है कि अगर एनसीपी (NCP) और शिवसेना (Shiv Sena) मिलकर सरकार बनाने के बारे में सोचते हैं तो हम दिल्ली में आलाकमान से बात करेंगे.

बालासाहब थोराट ने कहा, हमें शिवसेना की ओर से अब तक कोई भी प्रस्ताव नहीं मिला है. लेकिन अगर उनकी तरफ से कोई प्रस्ताव आता है तो हम इस मसले पर दिल्ली में हाईकमान के साथ बातचीत करेंगे. 288 विधायकों वाली महाराष्ट्र विधानसभा में बीजेपी शिवसेना के हिस्से में 161 सीटें आई हैं. बहुमत के लिए 144 सीटें चाहिए हैं. लेकिन पेंच शिवसेना ने फंसा दिया है. शिवसेना अब मुख्यमंत्री पद पर अपना दावा ठोक रही है. लेकिन बीजेपी इसके लिए तैयार नहीं है.
महाराष्ट्र कांग्रेस अध्यक्ष थोराट ने कहा, सरकार बनाने के बारे में कांग्रेस और एनसीपी मिलकर इस बारे में बैठक करेंगे और इस मुद्दे पर बात करेंगे.एनसीपी ने दिया समर्थन का संकेतएनसीपी की ओर से शिवसेना को संकेत दिए गए हैं कि वह उनके साथ सरकार बना सकते हैं. एनसीपी ने तो शिवसेना को मुख्यमंत्री पद का भी वादा किया है. इससे पहले एनसीपी नेता और विधायक नवाब मलिक ने सभी विकल्प खुले होने का दावा किया था, हालांकि शरद पवार ने साफ कर दिया था कि वह शिवसेना के साथ सरकार नहीं बनाएंगे.

शिवसेना ने बीजेपी के सामने रख दी हैं शर्तें
बीजेपी को 2014 के मुकाबले इस चुनाव में कमी सीटें मिली हैं. कम सीटें तो शिवसेना को भी मिली हैं, लेकिन इस कारण शिवसेना ने अपना भाव बढ़ा दिया है. अब वह सरकार में बड़ा हिस्सा चाहती है. यहां तक कि वह सीएम पद पर भी ढाई ढाई साल का फॉर्मूला चाहती है. इसके अलावा कैबिनेट में भी बराबरी का बंटवारा चाहती है.



288 सीटों में से बीजेपी को 105, शिवसेना को 56, एनसीपी को 54 और कांग्रेस को 44 सीटों पर जीत मिली है. पिछले विधानसभा में बीजेपी 122 सीटों पर जीती थी. वहीं शिवसेना ने 62 सीटों पर जीत हासिल की थी.

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