चुनाव से पहले महाराष्ट्र दौरे पर शिवसेना नेताओं से नहीं मिले अमित शाह, क्या हैं इसके सियासी मायने?

Anil Rai | News18Hindi
Updated: September 3, 2019, 7:00 PM IST
चुनाव से पहले महाराष्ट्र दौरे पर शिवसेना नेताओं से नहीं मिले अमित शाह, क्या हैं इसके सियासी मायने?
केंद्रीय गृह मंत्री और बीजेपी अध्यक्ष अमित शाह सोमवार को महाराष्ट्र दौरे पर थे.

Maharashtra Assembly Election 2019 : बात सिर्फ सीटों के बंटवारे तक सीमित नहीं है बल्कि चुनाव से पूर्व मुख्यमंत्री उम्मीदवार का चेहरा घोषित करने को लेकर भी दोनों पार्टियों में मतभेद सामने आ रहे हैं.

  • News18Hindi
  • Last Updated: September 3, 2019, 7:00 PM IST
  • Share this:
मुंबई: महाराष्ट्र विधानसभा चुनाव (Maharashtra Assembly Election 2019) की तैयारियां अंतिम दौर में हैं. राजनीतिक गहमागहमी के बीच मुंबई (Mumbai) पहुंचे केंद्रीय गृह मंत्री और भारतीय जनता पार्टी (BJP) के राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह (Amit Shah) ने सिद्धिविनायक मंदिर में दर्शन किए और लाल बाग के राजा का आशीर्वाद लिया. अपने इस दौरे में अमित शाह ने आगामी विधानसभा चुनाव की तैयारियों का जायजा भी लिया. इसी क्रम में बीजेपी अध्यक्ष ने मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस और महाराष्ट्र बीजेपी के वरिष्ठ नेताओं से मुलाकात की और चुनावी तैयारियों की समीक्षा की. लेकिन यात्रा के दौरान अमित शाह की शिवसेना के किसी नेता से मुलाकात नहीं हुई. चुनावी मौसम में इसको लेकर अटकलों का बाजार गर्म हो गया है.

नहीं मिले अमित शाह, शिवसेना अगली रणनीति में जुटी
अमित शाह के इस दौरे से सहयोगी शिवसेना ने भी काफी उम्मीद लगा रखी थी. सूत्रों की मानें तो शिवसेना के शीर्ष नेतृत्व को यह उम्मीद थी कि इस यात्रा में अमित शाह शिवसेना नेताओं से मिलेंगे और चुनाव पूर्व गठबंधन को लेकर चल रही शिवसेना और बीजेपी नेताओं की तल्खी थोड़ी कम होगी. लेकिन अमित शाह के शिवसेना नेताओं से मिले बगैर वापस लौटने के बाद उद्धव ठाकरे की पार्टी अब अगली रणनीति बनाने में जुट गई है.

तो इसलिए शिवसेना नेताओं से नहीं मिले अमित शाह

सूत्रों की मानें तो बीजेपी अध्यक्ष अमित शाह गठबंधन का स्वरूप तय होने से पहले शिवसेना नेताओं से मिलने से बच रहे हैं. जानकारों का मानना है कि शिवसेना अध्यक्ष उद्धव ठाकरे की अगर अमित शाह से सीधी मुलाकात हो जाएगी तो प्रदेश बीजेपी के नेता शिवसेना पर उतना दबाव नहीं बना पाएंगे जितना वो बनाना चाहते हैं.

आखिर कहां फंसा है गठबंधन में पेच?
सूत्रों की मानें तो महाराष्ट्र बीजेपी किसी भी कीमत पर शिवसेना को विधानसभा की कुल 288 सीटों में एक तिहाई से ज्यादा सीटें देने को तैयार नहीं है. ज्यादा दबाव पड़ने पर इस संख्या को पार्टी 100 तक कर सकती है जबकि शिवसेना बराबर-बराबर सीटों की मांग कर रही है. बीजेपी के स्थानीय नेताओं का मानना है कि ये शिवसेना बाल ठाकरे के जमाने की शिवसेना नहीं है, जिसे बराबर-बराबर सीटें देनी पड़े. शिवसेना से राज ठाकरे के अलग हो जाने से उसका कोर वोट बैंक कमजोर हुआ है. ऐसे में बराबरी का सवाल नहीं उठता. लेकिन बीजेपी के केंद्रीय नेतृत्व के कुछ नेता थोड़ी सीटों के लिए शिवसेना से वर्षों पुराना साथ नहीं छोड़ना चाहते. ये नेता चाहते हैं कि पार्टी बराबर-बराबर नहीं लेकिन शिवसेना के लिए सम्मानजनक सीटें छोड़ दे.
Loading...

अमित शाह ने इस साल के शुरुआत में उद्धव ठाकरे के साथ संयुक्त प्रेस कॉन्फ्रेंस कर बराबर-बराबर सीटों पर चुनाव लड़ने की घोषणा की थी (फाइल फोटो)


CM का चेहरा घोषित कर बीजेपी शिवसेना को बताना चाहती है नंबर दो
बात सिर्फ सीटों के बंटवारे तक सीमित नहीं है बल्कि चुनाव से पूर्व मुख्यमंत्री उम्मीदवार का चेहरा घोषित करने को लेकर भी दोनों पार्टियों में मतभेद सामने आ रहे हैं. शिवसेना चाहती है कि पहले की तरह इस बार भी बीजेपी चुनाव से पूर्व अपने मुख्यमंत्री पद का चेहरा घोषित न करे. लेकिन मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस के करीबी समझे जाने वाले कई नेता शिवसेना की इस मांग का खुलकर विरोध कर रहे हैं.

आदित्य ठाकरे को मुख्यमंत्री बनाना चाहती है शिवसेना
सूत्रों की मानें तो बीजेपी का केंद्रीय नेतृत्व इस बार तीनों चुनावी राज्यों (महाराष्ट्र, झारखंड, हरियाणा) में मुख्यमंत्री का चेहरा घोषित कर चुनाव लड़ने की तैयारी में है. ऐसे में इस मामले पर बीजेपी शिवसेना की बात मान जाए इसकी संभावना कम नजर आ रही है. ऐसे हालात में शिवसेना ने भी अपना एक्शन प्लान तैयार कर लिया है. शिवसेना के करीबी सूत्रों की मानें तो गठबंधन में सहयोगी बीजेपी पर दबाव बनाने के लिए अध्यक्ष उद्धव ठाकरे के बेटे आदित्य ठाकरे को मुख्यमंत्री पद का चेहरा बनाने की तैयारी में है. और इसके लिए पार्टी ने जगह-जगह आदित्य ठाकरे को पोस्टर भी लगवा दिए हैं.

ये भी पढ़ें-

...तो शरद पवार और पृथ्वीराज चव्हाण को छोड़ उनकी पार्टी में कोई नहीं बचेगा- अमित शाह
कांग्रेस-NCP नेता संत नहीं, स्वार्थ की वजह से BJP में हो रहे शामिल: खड़से

News18 Hindi पर सबसे पहले Hindi News पढ़ने के लिए हमें यूट्यूब, फेसबुक और ट्विटर पर फॉलो करें. देखिए Mumbai से जुड़ी लेटेस्ट खबरें.

First published: September 3, 2019, 12:32 PM IST
Loading...
पूरी ख़बर पढ़ें अगली ख़बर
Loading...