राष्ट्रीय चिह्न का प्रयोग कर खुद को बता रहे थे अधिकारी, दो लोगों के खिलाफ मामला दर्ज

नियमों के मुताबिक राष्ट्रीय चिह्न का प्रयोग भारत का राष्ट्रचिह्न (अनुचित प्रयोग की मनाही) कानून 2005 के प्रावधानों के तहत ही किया जा सकता है और किसी भी तरह का अनधिकृत प्रयोग कानून के तहत दंडनीय है.

भाषा
Updated: July 23, 2019, 3:31 PM IST
राष्ट्रीय चिह्न का प्रयोग कर खुद को बता रहे थे अधिकारी, दो लोगों के खिलाफ मामला दर्ज
प्रतीकात्मक तस्वीर
भाषा
Updated: July 23, 2019, 3:31 PM IST
महाराष्ट्र में ठाणे पुलिस ने लेटरहेड और विजिटिंग कार्ड पर राष्ट्रीय चिह्न का कथित तौर पर दुरुपयोग करने के आरोप में दो लोगों के खिलाफ मामला दर्ज किया है. पुलिस की एक प्रवक्ता ने मंगलवार को बताया कि आरोपी लालमन पांडे ने अपने लेटरहेड एवं विजिटिंग कार्ड पर राष्ट्रीय चिह्न का प्रयोग कर खुद को राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग (एनएचआरसी) का एक अधिकारी बताया.

नियमों के मुताबिक राष्ट्रीय चिह्न का प्रयोग भारत का राष्ट्रचिह्न (अनुचित प्रयोग की मनाही) कानून 2005 के प्रावधानों के तहत ही किया जा सकता है और किसी भी तरह का अनधिकृत प्रयोग कानून के तहत दंडनीय है.

प्रवक्ता ने बताया कि एनएचआरसी से मिली शिकायत के आधार पर शहर पुलिस ने जांच की और पाया का पांडे ने राष्ट्रीय चिह्न मुद्रित फर्जी लेटरहेड एवं विजिटिंग कार्ड के जरिए खुद को सरकार के हिंदी परामर्श बोर्ड का सदस्य भी बताया.

उन्होंने बताया कि पांडे का दावा है कि नयी दिल्ली के महाराष्ट्र सदन में गुलाम अली खान ने उससे मुलाकात कर 22 जनवरी 2019 को उसे एनएचआरसी का नियुक्ति पत्र और विजिटिंग कार्ड दिया जिसके बाद आरोपी यहां कल्याण कस्बे में मानवाधिकार संगठन का एक कार्यालय चलाने लगे.

पुलिस ने जांच के बाद सोमवार को पांडे और खान के खिलाफ आईपीसी की धारा 420, 465, 468 और 471 तथा प्रतीक एवं नाम कानून में मामला दर्ज किया.

ये भी पढ़ें-

News18 Hindi पर सबसे पहले Hindi News पढ़ने के लिए हमें यूट्यूब, फेसबुक और ट्विटर पर फॉलो करें. देखिए Mumbai से जुड़ी लेटेस्ट खबरें.

First published: July 23, 2019, 3:18 PM IST
Loading...
पूरी ख़बर पढ़ें अगली ख़बर
Loading...