महाराष्ट्र विधानसभा चुनाव: BJP-शिवसेना में सीटों के बंटवारे पर फंसा पेंच

Anil Rai | News18Hindi
Updated: August 23, 2019, 1:23 PM IST
महाराष्ट्र विधानसभा चुनाव: BJP-शिवसेना में सीटों के बंटवारे पर फंसा पेंच
महाराष्‍ट्र में विधानसभा चुनाव में सीट बंटवारे को लेकर बीजेपी-शिवसेना के बीच फंसा पेंच.

सूत्रों की मानें तो महाराष्ट्र बीजेपी शिवसेना (BJP-Shivsena) को किसी भी कीमत पर राज्य विधानसभा की कुल 288 सीटों में सिर्फ एक तिहाई सीटों से ज्यादा देने को तैयार नहीं है. ज्यादा दबाव पड़ने पर इस संख्या को पार्टी 100 तक कर सकती है.

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महाराष्ट्र विधानसभा (Maharashtra Assembly election) का चुनावी रण सज चुका है. चुनाव आयोग ने भी अपनी तैयारी पूरी कर ली है और किसी भी दिन चुनाव की तारीखों का ऐलान किया जा सकता है लेकिन दोनों गठबंधनों में किसी ने भी सीटों का बंटवारा फाइनल नहीं किया है. एनसीपी (NCP) और कांग्रेस (Congress) में तो अब तक औपचारिक बातचीत भी शुरु नहीं हो पाई है. जबकि बीजपी-शिवसेना (BJP-Shivsena) अगले सप्ताह सीटों के बंटवारे को लेकर बैठक करने वाले हैं. लेकिन बीजेपी शिवसेना को कितनी सीटें दे, इसकों लेकर बीजेपी के केन्द्रीय नेतृत्व और राज्य नेतृत्व में सहमति बनती नहीं दिख रही है.

शिवसेना को 100 से ज्यादा सीटें नहीं देना चाहती बीजेपी
सूत्रों की मानें तो महाराष्ट्र बीजेपी शिवसेना को किसी भी कीमत पर राज्य विधानसभा की कुल 288 सीटों में सिर्फ एक तिहाई सीटों से ज्यादा देने को तैयार नहीं है. ज्यादा दबाव पड़ने पर इस संख्या को पार्टी 100 तक कर सकती है. जबकि शिवसेना बराबर-बराबर सीटों की मांग कर रही है. बीजेपी के स्थानीय नेताओं का मानना है कि ये शिवसेना बाल ठाकरे (Bal thackeray) के जमाने की शिवसेना नहीं है. जिसे बराबर-बराबर सीटें देनी पड़ें.

शिवसेना से राज ठाकरे (Raj thackeray) के अलग हो जाने से उसका कोर वोट बैंक कमजोर हुआ है. ऐसे में बराबरी का सवाल ही नहीं उठता. लेकिन बीजेपी के केन्द्रीय नेतृत्व के कुछ नेता कुछ सीटों के लिए शिवसेना से वर्षों पुराना साथ नहीं छोड़ना चाहते. ऐसे में ये नेता चाहते हैं कि पार्टी बराबर-बराबर नहीं लेकिन शिवसेना के लिए सम्मानजनक सीटें छोड़ दे.

शिवसेना महाराष्‍ट्र में बराबर सीटों की मांग कर रही है.
शिवसेना महाराष्‍ट्र में बराबर सीटों की मांग कर रही है.


मुख्यमंत्री के चेहरे को लेकर भी मतभेद
बात सिर्फ सीटों के बंटवारे तक ही सीमित नहीं है बल्कि चुनाव से पूर्व मुख्यमंत्री उम्मीदवार का चेहरा घोषित करने को लेकर भी शिवसेना और बीजेपी में मतभेद सामने आ रहे हैं. शिवसेना ये चाहती है कि पहले की तरह इस बार भी बीजेपी चुनाव से पूर्व अपने मुख्यमंत्री पद का चेहरा घोषित न करे. लेकिन महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेन्द्र फडनवीस के करीबी समझे जाने वाले कई नेता शिवसेना की इस मांग का खुलकर विरोध कर रहे हैं.
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सूत्रों की मानें तो बीजेपी का केन्द्रीय नेतृत्व भी इस बार तीनों राज्यों में मुख्यमंत्री का चेहरा घोषित कर चुनाव लड़ने की तैयारी में है. ऐसे में इस मामले पर बीजेपी शिवसेना की बात मान जाए इसकी उम्मीद बहुत कम नजर आ रही है. ऐसे हालात में शिवसेना ने भी अपना एक्शन प्लान तैयार कर लिया है. शिवसेना के करीबी सूत्रों की मानें तो गठबंधन में सहयोगी बीजेपी पर दबाव बनाने के लिए शिवसेना पार्टी अध्यक्ष उद्धव ठाकरे के बेटे आदित्य ठाकरे को मुख्यमंत्री पद का चेहरा बनाने की तैयारी में हैं.

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First published: August 23, 2019, 12:20 PM IST
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