कांग्रेस नेता हर्षवर्धन पाटिल BJP में हुए शामिल, इंदापुर से मिल सकता है टिकट

भाषा
Updated: September 11, 2019, 8:24 PM IST
कांग्रेस नेता हर्षवर्धन पाटिल BJP में हुए शामिल, इंदापुर से मिल सकता है टिकट
हर्षवर्धन पाटिल बीजेपी में शामिल

मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस (Devendra Fadnavis) ने संकेत दिया कि हर्षवर्धन पाटिल (Harshavardhan Patil) इंदापुर विधानसभा सीट से भाजपा (BJP) के प्रत्याशी हो सकते हैं.

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मुंबई. महाराष्ट्र (Maharashtra) में कांग्रेस (Congress) नेता हर्षवर्धन पाटिल (Harshavardhan Patil) भाजपा (BJP) में शामिल हो गए हैं. उन्होंने मंगलवार को ही कांग्रेस से इस्तीफा दिया था. पाटिल दक्षिण मुंबई (Mumbai) में आयोजित एक कार्यक्रम में मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस (Devendra Fadnavis) की मौजूदगी में भाजपा में शामिल हुए. मुख्यमंत्री ने कहा कि वह पिछले पांच साल से पाटिल के भाजपा में शामिल होने का इंतजार कर रहे थे.

फडणवीस ने संकेत दिया कि पाटिल इंदापुर विधानसभा सीट से भाजपा के प्रत्याशी हो सकते हैं. यह सीट पुणे जिले में पड़ती है. पाटिल के जाने से राज्य में कांग्रेस को दूसरा बड़ा झटका लगा है. इससे पहले राधाकृष्ण विखे पाटिल लोकसभा चुनाव के बाद कांग्रेस छोड़ भगवा दल में शामिल हो गए थे और फडणवीस सरकार में कैबिनेट मंत्री बन गए थे.

सुप्रिया सुले का किया था समर्थन
पाटिल पुणे जिले की इंदापुर सीट से चार बार विधायक रहे हैं, लेकिन वह 2014 का विधानसभा चुनाव राकांपा के दत्तात्रेय भरणे से करीबी अंतर से हार गए थे. कांग्रेस और राकांपा ने पिछला चुनाव अलग-अलग लड़ा था. पाटिल ने बारामती लोकसभा सीट पर राकांपा की सांसद सुप्रिया सुले की जीत सुनिश्चित करने के लिए उनका समर्थन किया था. उन्हें उम्मीद थी कि इसके बदले में शरद पवार नीत पार्टी आगामी विधानसभा चुनाव में इंदापुर सीट कांग्रेस के लिए छोड़ देगी.

इंदापुर सीट पर अभी नहीं लिया फैसला
बहरहाल, राकांपा नेता अजित पवार ने बाद में कहा कि इंदापुर सीट पर अभी फैसला नहीं लिया गया है. बुधवार को जब पाटिल ने भाजपा का दामन थामा, उस वक्त उनके साथ उनकी बेटी अंकिता और बेटे राजवर्धन भी थे, अंकिता पुणे जिला परिषद की सदस्य हैं.

 2009 में कांग्रेस में हुए थे शामिल
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हर्षवर्धन पाटिल 1995 में निर्दलीय चुनाव जीते थे और 1995-99 के दौरान शिवसेना-भाजपा की गठबंधन सरकार में कृषि राज्य मंत्री थे. उन्होंने अगले दो चुनाव भी निर्दलीय उम्मीदवार के तौर जीते, लेकिन इस बार कांग्रेस-राकांपा की गठबंधन सरकारों का समर्थन किया. वह कांग्रेस में 2009 में शामिल हो गए और कांग्रेस के टिकट पर चुनाव लड़ा, इस दौरान वह मंत्री रहे.

फडणवीस से जताई उम्मीद
भाजपा में शामिल होने के बाद पाटिल ने राकांपा नेतृत्व पर हमला करते हुए कहा कि शरद पवार के गढ़ बारामती से सटे उनके पूर्व निर्वाचन क्षेत्र ने अन्याय का सामना किया है. उन्होंने कहा, 'मुझे उम्मीद है कि आप (फडणवीस) अन्याय के खिलाफ लड़ाई में हमारा साथ देंगे.'

कांग्रेस को लगा झटका
पाटिल ने कहा कि व्यक्ति अपने दोस्तों और दुश्मनों को चुन सकता है लेकिन पड़ोसियों को नहीं. हमारे पड़ोसियों के साथ हमारे कुछ मसले हैं, जिन्हें हल किए जाने की जरूरत है. उन्होंने इंदापुर तहसील में जलापूर्ति बढ़ाने के लिए मुख्यमंत्री के दखल की मांग की.

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First published: September 11, 2019, 7:48 PM IST
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