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16-15-12 के फॉर्मूले पर महाराष्ट्र में कांग्रेस-एनसीपी के साथ सरकार बना सकती है शिवसेना: सूत्र

News18Hindi
Updated: November 20, 2019, 6:52 PM IST
16-15-12 के फॉर्मूले पर महाराष्ट्र में कांग्रेस-एनसीपी के साथ सरकार बना सकती है शिवसेना: सूत्र
सूत्रों के अनुसार, सरकार बनाने के फ़ॉर्मूले में शिवसेना के लिए अनिवार्य रूप से 16 बर्थ हैं, एनसीपी के 15 मंत्री और कांग्रेस के 12 मंत्री हैं.

सूत्रों के मुताबिक, पार्टियां 16-15-12 कैबिनेट बर्थ फॉर्मूले (Cabinet Berth Formula) पर आम सहमति बनाने के लिए बातचीत कर रही हैं, जिसमें शिवसेना (Shiv Sena) के लिए मुख्यमंत्री (Chief Minister) की कुर्सी भी शामिल है.

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  • Last Updated: November 20, 2019, 6:52 PM IST
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मुंबई. महाराष्ट्र चुनाव (Maharashtra Assembly Election 2019) के परिणाम (Result) घोषित होने के लगभग एक महीने बाद भी राज्य में राजनीतिक उठापटक जारी है. जहां एक तरफ, एक दूसरे से अलग होने के बाद बीजेपी-शिवसेना में वर्ड-वॉर शुरू हो गयी वहीं दूसरी तरफ उद्धव ठाकरे की अगुवाई वाली पार्टी ने राकांपा (NCP) और कांग्रेस (Congress) को राज्य में एक गठबंधन बनाने के लिए एकजुट करना शुरू कर दिया. बता दें कि महाराष्ट्र में 12 नवंबर से राष्ट्रपति शासन (President's Rule) लगा हुआ है.

राकांपा और कांग्रेस के बीच होने वाली बैठक पर टिकी निगाहें
गतिरोध के बीच, सभी की निगाहें बुधवार को राकांपा और कांग्रेस के बीच होने वाली बैठक पर टिकी हुई हैं, जहां सभी सहयोगी दल एक प्रस्तावित गठबंधन को वैचारिक रूप से आकार देंगे. जिसमें समझौता, सत्ता-बंटवारे के फॉर्मूले पर टिका हुआ है. सूत्रों के मुताबिक, पार्टियां 16-15-12 कैबिनेट बर्थ फॉर्मूले पर आम सहमति बनाने के लिए बातचीत कर रही हैं, जिसमें शिवसेना के लिए मुख्यमंत्री की कुर्सी भी शामिल है. इस मांग के चलते बीजेपी के साथ शिवसेना का समझौता नहीं हो सका था.

 शिवसेना के लिए अनिवार्य रूप से 16 बर्थ 

सूत्रों के अनुसार, सरकार बनाने के फ़ॉर्मूले में शिवसेना के लिए अनिवार्य रूप से 16 बर्थ हैं, एनसीपी के 15 मंत्री और कांग्रेस के 12 मंत्री हैं. बताया जा रहा है कि राकांपा (NCP) मुख्यमंत्री पद 2.5 साल के लिए शिवसेना के साथ साझा करना चाहती है, जिसमें उद्धव ठाकरे की पार्टी ने सहमति भी जाहिर कर दी है. जहां तक डिप्टी सीएम पद का सवाल है, यह कांग्रेस और एनसीपी दोनों के पास होगा. चर्चा में अध्यक्ष पद के मुद्दे को खत्म करने की कोशिश की जाएगी, जिसके लिए कांग्रेस और एनसीपी दोनों दावेदार हैं. छोटी पार्टियों द्वारा निभाई जाने वाली भूमिका और उन्हें विश्वास में लेने की जरूरत को देखते हुए इन बिंदुओं पर भी चर्चा हो सकती है.

आपस में मुलाकात करेंगे नेता
सत्ता-बंटवारे के फार्मूले के अलावा, पार्टियों को एक साथ चुनाव लड़ने की साझा समझ के साथ भी आना होगा. राकांपा और कांग्रेस पहले से ही एक गठबंधन में हैं और यह देखना दिलचस्प होगा कि हाल ही में दोनों दलों के खिलाफ चुनाव लड़ने वाली पार्टी शिवसेना का प्रवेश गठबंधन में कैसे होता है. ऐसे में बताया जा रहा है कि कांग्रेस नेता मल्लिकार्जुन खड़गे, अहमद पटेल और पार्टी महासचिव केसी वेणुगोपाल के अलावा कुछ राज्य के नेताओं और प्रफुल्ल पटेल, सुनील तटकरे, अजीत पवार, राकांपा के जयंत पाटिल को राज्य में शिवसेना के साथ गठबंधन की चर्चा करने के लिए मुलाकात करेंगे.
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समान बंटवारे पर जोर
शिवसेना और भाजपा ने अक्टूबर में विधानसभा चुनाव साथ-साथ लड़ा था और संयुक्त रूप से 161 सीटें जीतीं. इससे पहले उद्धव की पार्टी ने मुख्यमंत्री कार्यकाल के समान बंटवारे पर जोर देना शुरू कर दिया था. जिससे सरकार बनने में गतिरोध पैदा हो गया. कई हफ्तों तक चले राजनीतिक ड्रामे के बाद, शिवसेना वर्तमान में कांग्रेस और राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी के समर्थन से गैर-भाजपा सरकार बनाने की तैयारी में जुट चुकी है.

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First published: November 20, 2019, 6:13 PM IST
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