चुनाव से पहले खुद को CM फेस के तौर पर पेश करने की कोशिश, शिवसेना-BJP में होड़

दोनों यात्राओं के शुरू होने के बाद अब महाराष्ट्र की जनता लगातार एक दूसरे से जवाब मांग रही है कि आखिर राज्य की सियासत में इस तरीके की खींचतान बिना वोट दिए और सरकार आए कैसे हो सकती है?

Abhishek Pandey | News18Hindi
Updated: August 3, 2019, 2:38 PM IST
चुनाव से पहले खुद को CM फेस के तौर पर पेश करने की कोशिश, शिवसेना-BJP में होड़
शिवसेना प्रमुख उद्धव ठाकरे और देवेंद्र फडणवीस (फाइल फोटो)
Abhishek Pandey | News18Hindi
Updated: August 3, 2019, 2:38 PM IST
महाराष्ट्र की सियासत में इन दिनों दो बड़ी यात्राएं चल रही हैं. पहली यात्रा शिवसेना के युवा सेना अध्यक्ष आदित्य ठाकरे की है जबकि दूसरी यात्रा है महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस की. इन दोनों यात्राओं में दो चीजें सबसे कॉमन है. दोनों ही यात्राओं के माध्यम से देवेंद्र फडणवीस और आदित्य ठाकरे खुद को महाराष्ट्र के अगले मुख्यमंत्री के तौर पर जनता के सामने प्रस्तुत कर रहे हैं. इसके साथ ही दोनों यात्राएं करीब 4000 किलोमीटर लंबी होंगी, जो महाराष्ट्र के कई जिलों और कई विधानसभा क्षेत्र से होकर गुजरेगी.

महाराष्ट्र में जिस तरीके की सियासत चल रही है और लोकसभा चुनाव के ठीक पहले जिस तरीके से बीजेपी और शिवसेना में गठबंधन हुआ था, उसमें कहीं न कहीं एक बात सामने आई थी कि सारी चीजों को शिवसेना और बीजेपी आधा-आधा बांटेंगे. इसका मतलब ये निकाला गया कि 5 साल में ढाई साल बीजेपी का सीएम होगा और ढाई साल तक शिवसेना का कोई मुख्यमंत्री की कुर्सी संभालेगा.

आदित्य ठाकरे शिवसेना के भावी मुख्यमंत्री के तौर पर पेश
शिवसेना इसी को ध्यान में रखकर अपने युवा सेना अध्यक्ष आदित्य ठाकरे को पूरे राज्य में 4000 किलोमीटर का दौरा करवा रही है. साथ ही वो आदित्य को महाराष्ट्र का भावी मुख्यमंत्री के रूप में प्रस्तुत कर रही है. हालांकि आदित्य के जवाब में मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने भी 4000 किलोमीटर की यात्रा का ऐलान किया और उसकी शुरुआत अमरावती से की.

यात्रा से शिवसेना को संदेश दे रहे हैं फडणवीस
मुख्यमंत्री फडणवीस ने लगातार अपनी यात्रा के दौरान इस तरीके से खुद को लोगों के बीच में ले जाने की कोशिश की, जिससे शिवसेना तक यह मैसेज पहुंच जाए कि आने वाले समय में भी महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री के तौर पर लोग सिर्फ और सिर्फ देवेंद्र फडणवीस को ही चाहते हैं. वहीं दूसरी तरफ शिवसेना की कोशिश है कि आदित्य ठाकरे को सीएम की तरह पूरे महाराष्ट्र के लोगों के सामने प्रस्तुत किया जाए. इसके लिए उनकी एक बेहद साफ सुधरी और युवा के तौर पर छवि पेश की जाए.

महाराष्ट्र की सियासत का नया मुखिया कौन?
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दोनों राजनीतिक यात्राओं के शुरू होने के बाद अब महाराष्ट्र की जनता लगातार एक-दूसरे से जवाब मांग रही है कि आखिर राज्य की सियासत में इस तरीके की खींचतान बिना वोट दिए और सरकार आए कैसे हो सकती है? फिलहाल सीट एक है और दावेदारी दो लोगों की. तो दोनों नेता महाराष्ट्र की जनता के सामने जाकर आशीर्वाद ले रहे हैं और सीएम बनने के लिए अपनी राह आसान बनाने में जुटे हैं. अगले कुछ महीनों में ये पता चल पाएगा कि महाराष्ट्र की सियासत का नया मुखिया कौन होगा?

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First published: August 3, 2019, 1:07 PM IST
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