महाराष्ट्र में वसूली विवाद: केंद्रीय गृह सचिव से मिल पूर्व सीएम देवेंद्र फडणवीस ने सौंपे 6 जीबी 'सबूत'

गृह मंत्रालय के दफ्तर के बाहर देवेंद्र फडणवीस . (तस्वीर-ani)

गृह मंत्रालय के दफ्तर के बाहर देवेंद्र फडणवीस . (तस्वीर-ani)

देवेंद्र फडणवीस (Devendra Fadnavis) ने केंद्रीय गृह सचिव से मिलने का वक्त मांगा था. दरअसल फडणवीस गृह सचिव को महाराष्ट्र में आईपीएस और गैर-आईपीएस अधिकारियों के ट्रांसफर रैकेट से संबंधित 6.3 जीबी की रिकॉर्डिंग सौंपी. इसे ट्रांसफर रैकेट में सबूत के तौर पर देखा जा रहा है.

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  • Last Updated: March 25, 2021, 11:58 PM IST
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नई दिल्ली. महाराष्ट्र के पूर्व मुख्यमंत्री और वर्तमान नेता प्रतिपक्ष देवेंद्र फडणवीस (Devendra Fadnavis) मंगलवार शाम केंद्रीय गृह मंत्रालय के दफ्तर पहुंचे. उन्होंने केंद्रीय गृह सचिव से मिलने का वक्त मांगा था. दरअसल फडणवीस ने गृह सचिव को महाराष्ट्र में आईपीएस और गैर-आईपीएस अधिकारियों के ट्रांसफर रैकेट से संबंधित 6.3 जीबी की रिकॉर्डिंग सौंपी. इसे ट्रांसफर रैकेट में 'सबूत' के तौर पर देखा जा रहा है.

मुलाकात के बाद देवेंद्र फडणवीस ने कहा, 'मैंने सभी सबूत केंद्रीय गृह सचिव को सौंप दिए हैं. ये सबूत सीलबंद लिफाफे में हैं. मैंने मामले में सीबीआई जांच की मांग की है. उन्होंने आश्वस्त किया है कि मामले की तह तक जाएंगे. केंद्र सरकार इसके खिलाफ उपयुक्त एक्शन लेगी. आखिर इस मामले को दबाया क्यों गया? आखिर राज्य सरकार कुछ कर क्यों नहीं रही? कौन है जिसे राज्य सरकार बचाना चाहती है.'

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परमवीर सिंह के गंभीर आरोप
गौरतलब है कि हाल ही में मुंबई के पूर्व पुलिस कमिश्न परमबीर सिंह ने राज्य के गृहमंत्री अनिल देशमुख पर सनसनीखेज आरोप लगाए हैं. परमबीर सिंह ने मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे को पिछले हफ्ते पत्र लिखकर दावा किया था कि महाराष्ट्र के गृह मंत्री अनिल देशमुख ने पुलिस अधिकारियों को 100 करोड़ रुपये की मासिक वसूली करने को कहा है. मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे को लिखे पत्र में सिंह ने कहा कि देशमुख ने पुलिस अधिकारी सचिन वाजे से कहा था कि उन्होंने बार, रेस्त्राओं और ऐसे ही अन्य प्रतिष्ठानों से हर महीने 100 करोड़ रुपये की वसूली करने का लक्ष्य रखा है. इनमें से आधी रकम शहर में चल रहे 1,750 बार, रेस्त्राओं और ऐसे ही अन्य प्रतिष्ठानों से वसूले जाने हैं.

इस पत्र के बाद राज्य में सियासी तूफान आ गया. देशमुख ने इन आरोपों का खंडन किया है. सिंह ने पत्र में यह भी दावा किया था कि देशमुख चाहते थे कि लोकसभा सदस्य मोहन डेलकर को आत्महत्या के लिए उकसाने का मामला मुंबई में दर्ज किया जाए. दादरा और नागर हवेली से सात बार के सांसद डेलकर 22 फरवरी को दक्षिण मुंबई में मरीन ड्राइव पर स्थित एक होटल में मृत पाए गए थे. सोमवार को परमबीर सिंह ने उच्चतम न्यायालय का रुख कर महाराष्ट्र के गृहमंत्री अनिल देशमुख के कथित कदाचार की सीबीआई से ‘पूर्वाग्रह रहित, अप्रभावित, निष्पक्ष और स्वतंत्र’ जांच कराने के लिए निर्देश देने का अनुरोध किया.
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