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...तो यहां से शुरू हुई थी महाराष्ट्र में राजनीतिक उथल-पुथल, पढ़ें- पूरा घटनाक्रम

भाषा
Updated: November 24, 2019, 6:53 PM IST
...तो यहां से शुरू हुई थी महाराष्ट्र में राजनीतिक उथल-पुथल, पढ़ें- पूरा घटनाक्रम
महराष्ट्र में राजनीतिक समीकरण तेजी से बदल रहे हैं. (फाइल फोटो)

महाराष्ट्र (Maharashtra) में 288 सदस्यीय विधानसभा के लिए 21 अक्टूबर को मतदान हुआ और 24 अक्टूबर को परिणाम घोषित किया गया. उसके बाद से मुख्यमंत्री पद के लिए शिवसेना (Shiv Sena) और भाजपा (BJP) में खींचतान शुरू हो गई. उसके बाद से राजनीतिक समीकरण तेजी से बदल रहे हैं…

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नई दिल्ली. महाराष्ट्र (Maharashtra) में आनन-फानन में सरकार के गठन के बाद कांग्रेस (Congress), राकांपा (NCP) और शिवसेना (Shiv Sena) के शनिवार को राज्यपाल के फैसले के खिलाफ शीर्ष अदालत का दरवाजा खटखटाने के बाद यह मामला अब न्यायालय (Court) में है.

सुप्रीम कोर्ट ने अदालत में चिट्ठी पेश करने का दिया निर्देश

सुप्रीम कोर्ट ने रविवार को इस मामले की सुनवाई के दौरान सॉलिसीटर जनरल तुषार मेहता से राज्य में राष्ट्रपति शासन हटाने की सिफारिश करने तथा देवेंद्र फडणवीस को सरकार बनाने के लिए आमंत्रित करने वाली चिठ्ठी सोमवार की सुबह तक अदालत में पेश करने का निर्देश दिया है. महाराष्ट्र में जारी सियासी उठा-पटक का घटनाक्रम इस प्रकार है-

21 अक्टूबर : महाराष्ट्र के 288 सदस्यीय विधानसभा के लिए मतदान हुआ.

24 अक्टूबर : चुनाव के परिणाम घोषित. भाजपा को 105 सीटें मिली, शिवसेना, राकांपा एवं कांग्रेस को क्रमश: 56, 54 एवं 44 सीटें मिली.

9 नवंबर : राज्यपाल ने भाजपा को सरकार बनाने की इच्छा और क्षमता व्यक्त करने के लिए आमंत्रित किया और 24 घंटे के भीतर बहुमत साबित करने के लिए कहा.

10 नवंबर : भाजपा ने सरकार गठन में असमर्थता जाहिर की.
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10 नवंबर : राज्यपाल ने शिवसेना को सरकार बनाने के लिए कहा और बहुमत साबित करने के लिए 24 घंटे का वक्त दिया.

11 नवंबर : शिवसेना ने यह कहते हुए सरकार बनाने का दावा किया कि उनके पास बहुमत का समर्थन है. शिवसेना ने समर्थन पत्र देने के लिए तीन दिन का समय देने का आग्रह किया.

11 नवंबर : राज्यपाल ने तीन दिन का समय देने से इंकार कर दिया और शिवसेना के सरकार गठन के दावे को खारिज कर दिया. राज्यपाल ने राकांपा को सरकार बनाने के लिए अपनी इच्छा और क्षमता व्यक्त करने के लिए आमंत्रित किया.

12 नवंबर : पर्याप्त समर्थन के साथ शिवसेना के सरकार बनाने के दावे को खारिज करने के राज्यपाल के निर्णय को उच्चतम न्यायालय में चुनौती दी गई.

12 नवंबर : महाराष्ट्र में राष्ट्रपति शासन लागू.

13 नवंबर : शिवसेना ने उच्चतम न्यायालय में राज्यपाल के फैसले को चुनौती देने वाली अपनी याचिका का उल्लेख नहीं किया.

22 नवंबर : चुनाव के बाद कांग्रेस, राकांपा एवं शिवसेना नीत ‘महाराष्ट्र विकास अघाडी’ में मुख्यमंत्री के पद के लिए उद्धव ठाकरे के नाम पर सहमति बनी.

23 नवंबर : शनिवार को सुबह 5 बजकर 47 मिनट पर राज्य से राष्ट्रपति शासन हटाया गया. फडणवीस ने महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री के तौर पर जबकि अजित पवार ने प्रदेश के उपमुख्यमंत्री के रूप में शपथ ली.

23 नवंबर : गठबंधन ने राज्यपाल भगत सिंह कोश्यारी के निर्णय के खिलाफ उच्चतम न्यायालय का रुख किया और तत्काल सुनवाई करने की मांग की. उच्चतम न्यायालय की रजिस्ट्री ने मामले की सुनवाई के लिए रविवार का दिन मुकर्रर किया.

24 नवंबर : उच्चतम न्यायालय ने केंद्र सरकार और अन्य को नोटिस जारी करते हुए रविवार को सॉलिसीटर जनरल तुषार मेहता को राज्य में राष्ट्रपति शासन हटाने की सिफारिश करने वाली चिठ्ठी सोमवार की सुबह तक अदालत में पेश करने का निर्देश दिया.

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First published: November 24, 2019, 6:03 PM IST
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