लाइव टीवी

महाराष्ट्र के नए सत्ता समीकरण में सभी को कैसे याद आए बालासाहेब ठाकरे!

News18Hindi
Updated: November 17, 2019, 5:37 PM IST
महाराष्ट्र के नए सत्ता समीकरण में सभी को कैसे याद आए बालासाहेब ठाकरे!
सेक्युलर विचारधारा वाले कांग्रेस और एनसीपी के नेताओं ने भी बालासाहेब को याद किया.

हिंदुत्ववादी विचारधारा (Right Wing Pro) को लेकर और अल्पसंख्यकों (Minorities) का विरोध करने को लेकर हमेशा ही शिवसेना (Shiv Sena) और बालासाहेब ठाकरे (balasaheb Thackeray) पर कांग्रेस (Congress) और एनसीपी (NCP) ने निशाना साधा, आज उनके नेता भी महाराष्ट्र की नई राजनीतिक फिजा और बदले हुए समीकरणों के बीच बालासाहेब को श्रद्धांजलि देने पहुंचे.

  • News18Hindi
  • Last Updated: November 17, 2019, 5:37 PM IST
  • Share this:
मुंबई. बालासाहेब ठाकरे (Balasaheb Thackeray) महाराष्ट्र (Maharashtra) के ही नहीं, देश की राजनीति का एक ऐसा नाम हैं, जिन्होंने सत्ता की कुर्सी पर न बैठते हुए भी रिमोट कंट्रोल से करीब पांच दशक से ज्यादा महाराष्ट्र की राजनीति पर अपनी गहरी छाप छोड़ी. 17 नवंबर 2019 को बालासाहेब के 7वें स्मृतिदिवस (Death Anniversary) के अवसर पर सभी पार्टियों को एक बार फिर बालासाहेब ठाकरे की याद आई. सेक्युलर विचारधारा वाली कांग्रेस (Congress) और एनसीपी (NCP) नेता भी उनको याद करने 'शिवतीर्थ' पर पहुंचे. बता दें, शिवतीर्थ उस जगह को बोलते हैं, जहां पर बाला साहेब ठाकरे ने अपनी राजनीतिक यात्रा की शुरुआत की थी और यहीं पर उनकी समाधि भी बनाई गई.

सेक्युलर विचारधारा वाले कांग्रेस और एनसीपी नेता भी पहुंचे
हिंदुत्ववादी विचारधारा को लेकर और अल्पसंख्यकों का विरोध करने को लेकर हमेशा ही शिवसेना और बालासाहेब पर निशाना साधने वाली कांग्रेस और एनसीपी के नेता भी महाराष्ट्र की नई राजनीतिक फिजा और बदले हुए समीकरणों के बीच बालासाहेब को श्रद्धांजलि देने पहुंचे. कांग्रेस के विधायक भाई जगताप हों या एनसीपी के जयंत पाटिल, जितेंद्र आव्हाड ने बालासाहेब के स्मृतिस्थल पर पहुंचकर उनका अभिवादन किया. इतना ही नहीं, खुद एनसीपी सुप्रीमो शरद पवार ने भी ट्वीट कर बालासाहेब को श्रद्धांजलि दी.

शिवसेना और बीजेपी के बीच पड़ रही दरारें लगातार बढ़ती नजर जा रही है.
बीजेपी के पूर्व मुख्यमंत्री देवेन्द्र फडणवीस ने सुबह ट्वीट कर बालासाहेब को याद किया.


16 साल बाद छगन भुजबल भी पहुंचे शिवतीर्थ
25 साल तक शिवसैनिक रह चुके महाराष्ट्र के पूर्व उपमुख्यमंत्री छगन भुजबल ने साल 2003 में शिवसेना को अलविदा कह एनसीपी का दामन थामा था. वर्तमान राजनीतिक स्थिति के बीच रविवार को छगन भुजबल ने भी बालासाहेब ठाकरे को शिवतीर्थ पर पहुंचकर श्रद्धांजलि दी.

भुजबल ने कहा, '25 साल वे बालासाहब के साथ काम कर रहे थे. शायद ही ऐसा कोई दिन होगा जब उन्हें बालासाहेब की याद नहीं आई हो. हम बालासाहेब ठाकरे का सपना (शिवसेना का मुख्यमंत्री बने) को जरूर पूरा करने का प्रयास करेंगे.'

Loading...

25 साल पुरानी दोस्ती (गठबंधन) के बावजूद मुख्यमंत्री के पद को लेकर शिवसेना और बीजेपी के बीच पड़ रही दरारें लगातार बढ़ती नजर जा रही हैं. साथ में गठबंधन कर चुनाव लड़ने के बाद अब मुख्यमंत्री पद को लेकर दोनों पार्टियों के नेता एक दूसरे को झूठा साबित करने की होड़ में लगे हैं, ऐसे में क्या बालासाहेब ठाकरे की पुण्यतिथि के दिन बीजेपी नेताओं का शिवतीर्थ पहुंचने का सिलसिला दोनों पार्टियों को फिर एक बार साथ ला सकेगा? ये सवाल उठने लगा है.

उद्धव ठाकरे के साथ बैठे संजय राउत

बीजेपी नेताओं की श्रद्धांजलि देने से मिटेगी खटास?
बीजेपी के पूर्व मुख्यमंत्री देवेन्द्र फडणवीस ने सुबह ट्वीट कर बालासाहेब को याद किया. उसके बाद दोपहर 1 बजे खुद फडणवीस, बालासाहेब के स्मृति स्थल का दर्शन करने पहुंचे. फडणवीस के आते ही तमाम शिवसेना के कार्यकर्ताओं ने जमकर नारेबाजी की. इनके अलावा बीजेपी के पूर्व मंत्री पंकजा मुंडे और विनोद तावड़े ने भी बालासाहेब को श्रद्धांजलि अर्पण की.

कुल मिलाकर दशकों तक बीजेपी और शिवसेना के बीच हमेशा समन्वय बनाए रखने का काम बालासाहेब ने किया था. वर्तमान राजनीतिक हालात में बालासाहेब की याद फिर एक बार पुराने साथियों को एक साथ ला सकेगी या सत्ता के नए समीकरण आने वाले दिनों में देखे जाएंगे, ये बस अब महज कुछ ही दिनों में स्पष्ट हो जाएगा.

ये भी पढ़ें: 

महाराष्ट्र में अगले 2-3 दिन में नई सरकार का गठन हो जाएगा: माजिद मेमन

बाला साहब को श्रद्धांजलि देने पहुंचे फडणवीस, शिवसैनिकों ने लगाए पोस्टर

News18 Hindi पर सबसे पहले Hindi News पढ़ने के लिए हमें यूट्यूब, फेसबुक और ट्विटर पर फॉलो करें. देखिए Mumbai से जुड़ी लेटेस्ट खबरें.

First published: November 17, 2019, 5:12 PM IST
Loading...
पूरी ख़बर पढ़ें अगली ख़बर
Loading...