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बेमौसम बरसात से महाराष्ट्र के किसान बेहाल, कौन पोछेगा अन्नदाताओं के आंसू

News18Hindi
Updated: November 5, 2019, 3:50 PM IST
बेमौसम बरसात से महाराष्ट्र के किसान बेहाल, कौन पोछेगा अन्नदाताओं के आंसू
चुनावों (Election) के दौरान किसानों (Farmers) के मुद्दे के लिए काम करने के ढेर सारे वादे कर नेताओं ने अपनी राजनीति (Politics) चमकाई पर नतीजों के बाद अब वही किसान बेहाल हैं.

शिवसेना की तरफ से उद्धव ठाकरे (Uddhav Thackeray) ने मराठवाड़ा जिले के कन्नड़ और वैजापूर का दौरा कर किसानों से बातें की तो वहीं एनसीपी सुप्रीमो शरद पवार (Sharad Pawar) ने भी नासिक जिले का दौरा कर किसानों का हौसला बढ़ाया.

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  • Last Updated: November 5, 2019, 3:50 PM IST
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आशीष दीक्षित

मुंबई. महाराष्ट्र (Maharashtra) के किसानों (Farmers) पर बेमौसम बरसात (Unseasonal Rains) मुसीबतों का पहाड़ बनकर टूटी है. लाखों हेक्टेयर फसल (Crops) बर्बाद हो गई है और कर्ज के बोझ में डूबे किसान रोने पर मजबूर हैं. ऐसे में चुनावों के पहले किसानों के मुद्दे को उछालकर वोट मांगने वाले नेता अब किसानों के मसीहा बनने की होड़ में लगे हुए हैं. मंगलवार को मराठवाड़ा (Marathwada) के नांदेड़ (Nanded) जिले के कंधार में शिवसेना (Shiv Sena) प्रमुख उद्धव ठाकरे (Uddhav Thackeray) के सामने किसान रोते हुए नजर आए. उद्धव ने भी किसानों का हौसला बढ़ाया और साथ ही ऐलान किया कि शिवसेना महाराष्ट्र के हर जिले में किसानों के लिए मदद केंद्र मनाएगी जिससे किसानों को जल्द से जल्द मदद मिल सके.

शिवसेना की तरह ही बाकी पार्टियों के नेता भी मैदान में !
शिवसेना की तरफ से उद्धव ने मराठवाड़ा जिले के कन्नड़ और वैजापूर का दौरा कर किसानों से बातें की तो वहीं एनसीपी सुप्रीमो शरद पवार ने भी नासिक जिले का दौरा कर किसानों का हौसला बढ़ाया. पवार के साथ ही उनकी बेटी एनसीपी सांसद सुप्रिया सुले और प्रदेश अध्यक्ष जयंत पाटिल ने भी किसानों के नुकसान का जायजा लिया. मंगलवार को एनसीपी और कांग्रेस नेता राज्यपाल से मुलाकात कर किसानों के मुद्दे पर चर्चा करेंगे. एनसीपी नेता अजीत पवार, जयंत पाटिल, नवाब मलिक और जितेंद्र आव्हाड के साथ ही कांग्रेस नेता पृथ्वीराज चव्हाण, अशोक चव्हाण और प्रदेश अध्यक्ष बालासाहेब थोराट शाम 6 बजे राज्यपाल से मुलाकात करेंगे.

इससे पहले, बीजेपी ने राज्य सरकार की तरफ से 10 हजार करोड़ रुपए का मदद निधि देने का ऐलान किया. मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने अकोला में किसानों से मुलाकात की तो वहीं केंद्रीय राज्यमंत्री रावसाहेब दानवे भी जलना पहुंचे. युवा नेता आदित्य ठाकरे ने कल नासिक ग्रामीण में किसानों से मुलाकात कर न्यूज18 को बताया कि इस समय किसानों के नुकसान का मुद्दा सत्ता से ज्यादा जरूरी है. सरकारी विभाग और सभी पार्टियां एक साथ आकर किसानों को मदद करे.

बिना सरकार बने कैसे मिलेगी किसानों को मदद ?
एक तरफ नेता किसानों से मुलाकात कर मदद का आश्वासन दे रहे हैं तो वहीं दूसरी ओर राज्य में सरकार बनाने को लेकर खींचतान जारी है. बीजेपी-शिवसेना गठबंधन के पास बहुमत होने के बावजूद पेंच सीएम पोस्ट को लेकर फंसा हुआ है. ऐसे में किसानों कैसे मिल सकती है मदद ? जब तक राज्य के राज्यपाल पुरानी सरकार को बर्खास्त नहीं करते तब तक प्रशासन और सरकार के मंत्री अपने अपने विभाग का काम कर सकते हैं. ऐसे में अब तक महाराष्ट्र के सत्ता की चाभी अभी भी मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस के हाथों में है. उन्होंने राज्य सरकार की ओर से किसानों के लिए 10 हजार करोड़ की मदद देने का ऐलान भी किया है पर विरोधी पार्टियों के साथ साथ खुद सरकार में सामिल शिवसेना इसे ऊंट के मुंह में जीरा बता रही है.
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उद्धव ठाकरे और अजित पावर ने मांग की है कि किसानों को प्रति हेक्टेयर 25 हजार रुपये दिए जाने चाहिए और इसके लिए केंद्र सरकार से भी मदद लेनी चाहिए पर जब तक वो नहीं हो पता प्रशासन अपना काम कर सकता है. राज्य सचिव ने सभी सरकारी विभागों को नुकसान का रिपोर्ट बुधवार तक देने को कहा है. उसके बाद नई सरकार का गठन होने पर किसानों को मदद दी जा सकती है. ऐसे में अब ये देखना होगा कि मदद का आश्वासन देने वाले नेता क्या जल्द से जल्द किसानों को मदद दिला पाएंगे या फिर किसानों को लेकर पर अपनी अपनी राजनीतिक रोटियां भर सकते रह जाएंगे.

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First published: November 5, 2019, 3:50 PM IST
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