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नवरात्रि और गुडी पड़वा कल से शुरू, ये होगा शुभ मुहूर्त

गुडी पड़वा
गुडी पड़वा

इस बार गुडी पड़वा का शुभ मुहूर्त 5 अप्रैल को दोपहर 2 बजकर 20 मिनट से शुरू होना बताया जा रहा है. बताया जा रहा है कि प्रतिपदा की तिथि 6 अप्रैल को 3 बजकर 23 मिनट तक ही रहेगी. ऐसे में गुडी पड़वा 5 की दोपहर बाद से 6 की दोपहर बाद तक रहेगी.

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मराठी और कोंकड़ी लोगों का प्रमुख पर्व गुडी पड़वा (gudi padwa) शनिवार को है. वहीं इसी दिन से हिन्‍दुओं के चैत्र नवरात्र आरंभ होने जा रहे हैं. चैत्र नवरात्र के पहले दिन नए साल के रूप में मनाए जाने वाले गुडी पड़वा पर्व का महाराष्‍ट्र सहित पूरे दक्षिण भारत में बड़ा महत्‍व है. इस दिन लोग अपने घरों को फूलों से सजाते हैं. द्वार और आंगन को लीपते हैं व रंगोली बनाते हैं. पकवान बनाकर लोग इस दिन को मनाते हैं. दूसरी ओर उत्‍तर भारत में चैत्र नवरात्र का पहला दिन होने के कारण मां भगवती की पूजा अर्चना की जाती है और नौ दिन के लिए व्रत आरंभ हो जाते हैं.

जहां तक गुडी पड़वा की बात है तो कर्नाटक और आंध्र प्रदेश में इस पर्व को उगादि (Ugadi) के रूप में मनाया जाता है.  ग्रेगोरियन कैलेंडर के मुताबिक यह त्‍योहार हर साल मार्च या अप्रैल के महीने में आता है. इस बार गुड़ी पड़वा 6 अप्रैल को है और इसी दिन से नवरात्र प्रारंभ हैं.

इस बार गुडी पड़वा का शुभ मुहूर्त 5 अप्रैल को दोपहर 2 बजकर 20 मिनट से शुरू होना बताया जा रहा है. बताया जा रहा है कि प्रतिपदा की तिथि 6 अप्रैल को 3 बजकर 23 मिनट तक ही रहेगी. ऐसे में गुडी पड़वा 5 की दोपहर बाद से 6 की दोपहर बाद तक रहेगी. हालांकि पंडितों का मानना है कि 6 को ही विशेष रूप से यह पर्व मनाया जाएगा.



इसलिए मनाते हैं गुडी पड़वा
मराठी और कोंकणी हिन्‍दू इस दिन को नए साल का पहला दिन मानते हैं. गुड़ी का अर्थ होता है 'विजय पताका' और पड़वो यानी कि 'पर्व'. इस पर्व को 'संवत्‍सर पड़वो' के नाम से भी जाना जाता है. इस दिन से मराठी संवत्‍सर (Marathi New Year) की शुरुआत होती है. उत्तर भारत में भी चैत्र नवरात्रि की शुरुआत के साथ ही हिन्‍दू नव वर्ष प्रारंभ हो जाता है.
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