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महाराष्ट्र: विधानसभा अध्यक्ष पद के लिए कांग्रेस-बीजेपी में 'जंग', पटोले के सामने खड़े हुए कथोरे

News18Hindi
Updated: November 30, 2019, 10:24 PM IST
महाराष्ट्र: विधानसभा अध्यक्ष पद के लिए कांग्रेस-बीजेपी में 'जंग', पटोले के सामने खड़े हुए कथोरे
शिवसेना प्रमुख उद्धव ठाकरे ने बृहस्पतिवार को मुख्यमंत्री पद की शपथ ली थी. उन्हें ‘महाराष्ट्र विकास आघाडी’ गठबंधन का नेता चुना गया था. (प्रतीकात्मक चित्र)

कांग्रेस के नाना पटोले (Nana Patole) और भाजपा के किसन शंकर कथोरे (Kishan Shankar Kathore), दोनों ही महाराष्ट्र में चौथी बार विधायक चुने गए हैं.

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  • Last Updated: November 30, 2019, 10:24 PM IST
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मुंबई. महाराष्ट्र विधानसभा अध्यक्ष (स्पीकर) पद के लिए कांग्रेस ने अपने विधायक नाना पटोले को ‘महाराष्ट्र विकास आघाडी’ का उम्मीदवार घोषित किया है, जबकि भाजपा ने किसन शंकर कथोरे को प्रत्याशी बनाया है. अध्यक्ष पद के लिए चुनाव रविवार को होगा.

‘महाराष्ट्र विकास आघाडी’ तीन पार्टियों शिवसेना-कांग्रेस-एनसीपी का गठबंधन है. सत्तारूढ़ गठबंधन ने शनिवार को विधानसभा में विश्वासमत हासिल कर लिया. 288 सदस्यीय विधानसभा में करीब 169 विधायकों ने विश्वासमत प्रस्ताव के समर्थन में वोट किया, जबकि भाजपा के 105 विधायक वॉकआउट कर गए.

स्पीकर के चुनाव में नाना पटोले हमारे उम्मीदवार हैं: माणिकराव ठाकरे
कांग्रेस नेता माणिकराव ठाकरे ने कहा, ‘नाना पटोले स्पीकर के चुनाव में हमारे उम्मीदवार हैं.’ पटोले विदर्भ के सकोली विधानसभा क्षेत्र का प्रतिनिधित्व करते हैं. प्रदेश भाजपा प्रमुख चंद्रकांत पाटिल ने कहा कि ठाणे जिला स्थित मुरबाद से पार्टी के विधायक किसन शंकर कथोरे उसके उम्मीदवार होंगे. पटोले ने निर्विरोध चुने जाने की आशा जताई है.

महाराष्ट्र में स्पीकर का निर्विरोध चुनाव होने की परंपरा
कांग्रेस नेता ने संवाददातओं से कहा, ‘उनके (भाजपा के) पास लोकतंत्र में उम्मीदवार उतारने का अधिकार है. लेकिन महाराष्ट्र में यह परंपरा है कि स्पीकर का चुनाव निर्विरोध होता है. हमें उम्मीद है कि यह परंपरा जारी रहेगी.’ पटोले और कथोरे, दोनों ही चौथी बार विधायक चुने गए हैं.

2017 में फिर से कांग्रेस में लौट आए नाना पटोले
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उल्लेखनीय है कि नाना पटोले कांग्रेस छोड़ कर भाजपा में शामिल हो गये थे और उन्होंने भाजपा के टिकट पर 2014 के लोकसभा चुनाव में जीत हासिल की थी. हालांकि, पटोले ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और तत्कालीन मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस के साथ मतभेदों के बाद दिसंबर 2017 में भगवा पार्टी छोड़ दी थी और कांग्रेस में लौट आए.

दिलीप वाल्से पाटिल को अस्थायी अध्यक्ष चुना गया
कथोरे 2002 में ठाणे जिला परिषद अध्यक्ष निर्वाचित हुए थे. वह 2004 में ठाणे जिले के अंबरनाथ से पहली बार एनसीपी के टिकट पर विधायक बने थे. उन्होंने मुरबाद सीट से 2009 2014 और 2019 के विधानसभा चुनाव में जीत हासिल की. उन्होंने 2014 और 2019 का चुनाव भाजपा के टिकट पर लड़ा था. गौरतलब है कि एनसीपी विधायक दिलीप वाल्से पाटिल शुक्रवार को विधानसभा का अस्थायी अध्यक्ष (प्रोटेम स्पीकर) नियुक्त किया गया. उन्हें भाजपा विधायक कालिदार कोलांबकर की जगह नियुक्त किया गया, जिन्हें इस हफ्ते की शुरूआत में इस पर नियुक्त किया गया था.

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First published: November 30, 2019, 9:47 PM IST
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