लोकसभा में राज ठाकरे ने क्यों किया BJP का विरोध, अब खुला भेद!

मनसे का लोकसभा चुनाव न लड़ना और बीजेपी के खिलाफ एनसीपी गठबंधन को समर्थन करने के पीछे की वजह अब सामने आती हुई दिखाई दे रही है.

News18Hindi
Updated: May 15, 2019, 4:43 PM IST
लोकसभा में राज ठाकरे ने क्यों किया BJP का विरोध, अब खुला भेद!
फाइल फोटो
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Updated: May 15, 2019, 4:43 PM IST
लोकसभा चुनाव के नतीजे अब तक आए नहीं है, उससे पहले महाराष्ट्र में विधानसभा चुनाव की तैयारियां शुरू हो गई है. बीजेपी सरकार को महाराष्ट्र से हटाने के लिए एनसीपी कांग्रेस के साथ साथ राज ठाकरे की पार्टी मनसे को भी साथ लेना चाहती है. अगर ऐसा मुमकिन हुआ तो महाराष्ट्र में चुनावी समीकरण बदल सकता है. ऐसा माना जा रहा है कि मनसे का लोकसभा चुनाव न लड़ना और बीजेपी के खिलाफ एनसीपी गठबंधन को समर्थन करने के पीछे एक वजह विधानसभा चुनाव भी है. अभी तक महाराष्ट्र विधानसभा चुनाव में मनसे कुछ खास प्रदर्शन नहीं कर सकी है. ऐसे में अगर एनसीपी गठबंधन के साथ मनसे विधानसभा चुनाव लड़ती है तो उसको फायदा मिल सकता है.

महाराष्ट्र का होने वाला विधानसभा चुनाव लोकसभा चुनाव के नतीजे पर निर्भर है. कांग्रेस- एनसीपी पार्टी के नेतृत्व की उमीद बढ़ गई है कि लोकसभा के नतीजे उनके मन मुताबिक होंगे, साथ ही महाराष्ट्र विधानसभा चुनाव में भी सत्ता बदलेगी. महाराष्ट्र में अपनी सत्ता पाने के लिए एनसीपी- कांग्रेस गठबंधन में राज ठाकरे की पार्टी मनसे को भी शामिल करने का मन बना रही है. एनसीपी इसके लिए कांग्रेस नेतृत्व को मनाने का प्रयास भी करेगी.



एनसीपी के राष्ट्रीय प्रवक्ता नवाब मलिक के मुताबिक, पार्टी महाराष्ट्र विधानसभा का चुनाव कांग्रेस और मनसे के साथ गठबंधन करके लड़ना चाहती है.

मनसे अध्यक्ष राज ठाकरे को गठबंधन में शामिल करने की राह इतनी आसान नजर नहीं आती है. जिस तरह से उत्तर भारतीयों को लेकर मनसे ने अपनी मुहिम छेड़ी थी, उसे लेकर कांग्रेस के नेतृत्व ने कई बार अपनी नारजगी जताई थी क्योंकि उत्तर भारतीय मतदाता बड़ी संख्या में कांगेस के साथ हैं. लेकिन लोकसभा चुनाव में जिस तरह से राज ठाकरे ने मोदी के विरोध में प्रचार किया, इसे लेकर गठबंधन में शामिल होने की उम्मीदें बढ़ जाती हैं.

वहीं समाजवादी पार्टी ने इसे लेकर कांग्रेस पर निशाना साधते हुए कहा कि कांग्रेस महज दिखावा करती है. उत्तर भारतीयों के सामने उनकी मनसा साफ दिखाई देती है. समाजवादी पार्टी के महाराष्ट्र प्रदेश अध्यक्ष अबु हासिम आज़मी का कहना है कि कांग्रेस सिर्फ उत्तर भारतीयों के सामने उनकी हमदर्द बनती है. अगर उत्तर भारतीयों के लिए कांग्रेस के मन में थोड़ा भी कुछ होता तो राज ठाकरे से चुनाव में प्रचार न कराती.

लोकसभा चुनाव में जिस तरह से राज ठाकरे ने बीजेपी के खिलाफ प्रचार किया इससे काफी हद तक बीजेपी को नुकसान और कांग्रेस - एनसीपी गठबंधन को फायदा होगा. बीजेपी नेता इस बात से वाकिफ हैं, इसके बावजूद कहते है कि उन्हें किसी भी तरह का नुकसान नहीं होगा. बीजेपी के महाराष्ट्र प्रवक्ता केशव उपाध्याय का कहना है कि चुनाव में मनसे प्रमुख राज ठाकरे के बीजेपी के खिलाफ प्रचार करने से पार्टी को कोई नुकसान नहीं होगा.

(रिपोर्ट- वसीम अंसारी)ये भी पढ़ें-

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