महाराष्ट्र एग्रीकल्चर यूनिवर्सिटी ने निकाला टिड्डियों को भगाने का तोड़, इस्तेमाल करें ये फॉर्मूला
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महाराष्ट्र एग्रीकल्चर यूनिवर्सिटी ने निकाला टिड्डियों को भगाने का तोड़, इस्तेमाल करें ये फॉर्मूला
भारत में पाकिस्तान से आए टिड्डियों के झुंड ने फसलों को बर्बाद करना शुरू कर दिया है. ​ (प्रतीकात्मक तस्वीर)

महाराष्ट्र एग्रीकल्चर यूनिवर्सिटी (Marathwada Agricultural University) ने टिड्डियों के अंडे नष्ट करने और फसलों को उनसे बचाने के लिए नीम के तेल का छिड़काव करने जैसे कुछ सुझाव दिए हैं.

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औरंगाबाद. महाराष्ट्र (Maharashtra) और देश के दूसरे राज्यों में टिड्डी दल (Locust) के प्रकोप के बीच महाराष्ट्र एग्रीकल्चर यूनिवर्सिटी (Marathwada Agricultural University) ने टिड्डियों के अंडे नष्ट करने और फसलों को उनसे बचाने के लिए नीम के तेल का छिड़काव करने जैसे कुछ सुझाव दिए हैं. मध्य प्रदेश, राजस्थान, उत्तर प्रदेश और महाराष्ट्र में इस समय टिड्डी दल का प्रकोप बना हुआ है. इस सप्ताह की शुरुआत में टिड्डियों ने विदर्भ में धावा बोला था.

मराठवाड़ा के परभनी में स्थित वसंतराव नाइक एग्रीकल्चर यूनिवर्सिटी ने कहा कि टिड्डी दल द्वारा फसलों को नुकसान पहुंचाने और खाने की तलाश में लंबी दूरी तक उड़ान भरने के खतरे से निपटने के कुछ प्रभावी उपाय हैं. यूनिवर्सिटी ने एक बयान में कहा कि टिड्डियों की समस्या से निपटने के कुछ प्रभावी तरीकों में उनके अंडे नष्ट करना और खड़ी फसलों पर नीम के तेल का छिड़काव करना शामिल हैं.

टिड्डियां नम जमीन में देती हैं 50 से 100 अंडे
विश्वविद्यालय के कृषि कीटविज्ञान विभाग ने इस संबंध में किसानों के लिए बृहस्पतिवार को दिशानिर्देश जारी किए. यूनिवर्सिटी ने कहा, ‘मादा टिड्डियां नम जमीन में 50 से 100 तक अंडे देती हैं. प्रजनन की अवधि पर्यावरण पर निर्भर करती है और दो से चार सप्ताह तक हो सकती है. लार्वा अंडे से निकलकर तुरंत नहीं उड़ सकता.’ संस्थान ने सुझाया है कि अंडों को नष्ट करना एक उपाय हो सकता है.



नीम तेल छिड़कने से टिड्डियों से होगा बचाव


इसमें कहा गया है कि किसान 60 सेंटीमीटर चौड़ा और 75 सेंटीमीटर गहरा गड्ढा खोद सकते हैं जिसमें छोटे टिड्डों को पकड़ा जा सकता है. विश्वविद्यालय के विशेषज्ञों ने बताया कि लार्वा बड़े होने पर समूह में उड़ते हैं और पत्तियां, शाखाएं, फूल तथा बीजों को नष्ट कर सकते हैं. उन्होंने कहा कि रात के वक्त धुएं की मदद से भी टिड्डियों के बच्चों को नष्ट किया जा सकता है. उन्होंने बताया कि प्रति हेक्टेयर भूमि में 2.5 लीटर नीम तेल छिड़कने से भी इन पर नियंत्रण पाने में मदद मिलेगी.

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First published: May 29, 2020, 3:51 PM IST
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